दिल्ली नगर निगम द्वारा विदेशी प्रतिनिधिमंडल के लिए ‘वेक्टर जनित रोगों’ पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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• पांच देशों के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को “शहरी वेक्टर नियंत्रण चुनौतियां” पर प्रशिक्षण दिया गया।
• कार्यक्रम में दिल्ली नगर निगम मध्य क्षेत्र, उपायुक्त, श्री अमित कुमार शर्मा द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उचित कचरा निपटान और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के कार्यान्वयन की शहरी चुनौतियों के बारे में बताया गया ।
• प्रतिभागियों को अनधिकृत क्षेत्रों, निचले इलाकों और प्रमुख नालों में वेक्टर नियंत्रण के कार्यों के बारे में बताया गया।

दिल्ली नगर निगम ने ‘वेक्टर जनित रोगों’ पर मेकांग-गंगा सहयोग (एमजीसी) के सदस्य देशों के एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल के लिए फील्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

15 सदस्यीय मेकांग-गंगा सहयोग (एमजीसी) प्रतिनिधिमंडल, जिसमें कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम जैसे सदस्य देशों के प्रतिभागी शामिल थे, ने तीन दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका शीर्षक “उच्च तीव्रता वाले संचारी और गैर-संचारी रोगों का उन्मूलन” रहा । यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 24 अप्रैल से दिनांक 26 अप्रैल तक राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (एनआईएम्आर) के तत्वाधान में आयोजित किया गया ।

दिल्ली नगर निगम के मध्य क्षेत्र के जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा “शहरी वेक्टर नियंत्रण चुनौतियां” पर प्रतिभागियों का क्षेत्र प्रशिक्षण आयोजित किया गया । प्रतिभागियों को उपायुक्त, मध्य क्षेत्र श्री अमित कुमार शर्मा, एवं निगम स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ एलआर वर्मा द्वारा संबोधित किया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त, मध्य क्षेत्र श्री अमित कुमार शर्मा ने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उचित कचरा निपटान और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के कार्यान्वयन की शहरी चुनौतियों के बारे में बताया ।

श्री शर्मा ने शहरी वेक्टर नियंत्रण के विषय पर दिल्ली नगर निगम मध्य क्षेत्र द्वारा चालाए जा रहे विभिन्न गतिविधियों व कार्यों के बारे में प्रतिभागियों को सूचित किया । इसी सम्बन्ध में डॉ एल.आर. वर्मा ने शहरी वेक्टर नियंत्रण क्षेत्र में वेक्टर जनित रोगों और मलेरिया के नियंत्रण की ‘सकसेस स्टोरीस’ के बारे में सभी को अवगत कराया ।

प्रतिभागियों ने जी 20 स्थानों की मेगा निर्माण परियोजना का दौरा किया, जो चल रहे निर्माण के कारण प्रजनन नियंत्रण चुनौती है और आगामी जी 20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर अधिक महत्वपूर्ण है। प्रतिभागियों ने हुमायूं मकबरे के विरासत पर्यटन स्थल का भी दौरा किया, जो एक सार्वजनिक स्थान है ।
इससे प्रतिभागियों ने जाना कि कैसे इन स्थलों को प्रजनन मुक्त बनाए रखा जाता है ताकि कोई स्थानीय प्रसारण न हो।

प्रतिभागियों को सुंदर नर्सरी पार्क में गंबूसिया मछली की प्राकृतिक मदर हैचरी भी दिखाई गई। उन्होंने अपने-अपने देशों में मलेरिया को नियंत्रित करने और ज्ञान और अनुभव के द्विपक्षीय आदान-प्रदान की प्रतिज्ञा भी ली ।

इस कार्यक्रम का समन्वय उप स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. नवीन राय तुली और अन्य दिल्ली नगर निगम अधिकारियों की देखरेख में किया गया। फील्ड विजिट की थीम “अर्बन वेक्टर कंट्रोल चैलेंजेस” एनआईएम्आर द्वारा रखी गई ।

मेकांग-गंगा सहयोग (एमजीसी) छह देशों – भारत और पांच आसियान देशों, अर्थात्, कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम द्वारा पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा, साथ ही परिवहन और संचार में सहयोग के लिए एक पहल है।

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