एआईसीसी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज जंतर मंतर में मीडिया को संबोधित किया

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प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज हुई हैं, तो उसकी कॉपी नहीं मिली है, किसी को। किसी को नहीं मालूम अभी तक कि उस एफआईआर में क्‍या है, कौन सी धाराएं हैं, कौन सी नहीं है। जब ये लड़कियां मैडल जीतकर आती हैं, तो हम सब ट्वीट करते हैं। सब कहते हैं कि हमारा गर्व है। सारे जितने भी नेता है हम इन्‍क्‍लूडेड हैं, इसमें। हम सब कहते हैं कि ये सबसे बड़ी बात है, देश के लिए अच्‍छा है, ये है, इन्‍होंने देश का गर्व, सम्‍मान रखा है और आज जब सड़क पर बैठी हुई हैं, जब कह रही हैं कि हमारी बात सुन लीजिए, हमारे साथ गलत हुआ है, तो कोई सुनने को तैयार नहीं।
एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि पुलिस ने कहा कि 2 एफआईआर दर्ज हुई हैं, क्‍या कहेंगी इस पर? श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि आप बार-बार यही कह रहे हैं। मैंने आपसे कहा न कि अगर एफआईआर दर्ज हुई हैं, तो कम से कम इनको दिखाना चाहिए कि क्‍या है, कॉपी देनी चाहिए।
एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि पुलिस का ये कहना है कि 2 एफआईआर उन्‍होंने लीगली दर्ज की हैं, एक माइनर लड़की है उसकी शिकायत पर पॉक्सो एक्ट की धाराओं पर, दूसरे छेड़खानी के आरोप हैं जो कि सीनियर महिला पहलवानों ने लगाए हैं और अब इन्‍वेस्‍टीगेशन को लेकर जो होना चाहिए उस पर आपका क्‍या कहना है, श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि देखिए, सीधी सी बात है, इतने जो सीरियस एलीगेशन्स हैं इस शख्‍स के बारे में, तो पहले रिजाइन तो करें, उनको पद से तो हटाएं। जब तक पद पर हैं, तब तक प्रेशर डालते रहेंगे, तब तक कैरियर बर्बाद करते रहेंगे, ये लोग। इन्‍वेस्‍टीगेशन चल रहा है इसका मतलब क्‍या है? अगर वो आदमी उसी पद पर है, जहां सबसे ज्‍यादा पावर है सबके ऊपर, सारे प्‍लेयर्स के ऊपर, इनके कैरियर को बर्बाद करने के लिए, इनको तंग करने के लिए, प्रेशराइज करने के लिए, तो फिर आप कैसे कह सकते हैं कि एफआईआर, इंवेस्‍टीगेशन का क्‍या मतलब है, पहले रिजाइन करे, उसको हटाएं पद से, उसका पावर तो लीजिए। जिस सत्ता ने उसको एनेबल किया है कि वो ये सब करे, पहले वो तो हटाइए।
एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि पहलवानों का ये भी कहना है चूंकि रूलिंग पार्टी के सिटिंग एमपी है, इस वजह से भी कार्रवाई में देरी हुई है, आपका इस पर क्‍या कहना है? श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि जो मैं सुन रही हूं, जो मुझे बताया गया है और मैं पूरी तरह से बिलीव करती हूं, क्‍योंकि ये लड़कियां जो हैं इतनी मेहनत करती है, इतनी ट्रेनिंग के लिए, इतने शोषण इनको देखने पड़ते हैं, इतना करना पड़ता है, as it is अपनी फैमिलीज के लिए, परिवार के लिए, देश के लिए, प्रदेश के लिए इतना कर रही हैं, तो कुछ कह रही हैं कि इनका शोषण हुआ है और एक नहीं कह रही है, बहुत सारी ऐसी लड़कियां हैं, जिनके साथ ये सब हुआ है, तो मैं समझना चाहती हूं कि सरकार इनको बचा क्‍यों रही है।
एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि खेलमंत्री लगातार कह रहे हैं कि हम बातचीत कर रहे थे, एफआईआर कभी भी हो सकती है, खेल मंत्री और गृह मंत्रालय के रोल को कैसे देखती हैं, आप और दूसरा प्रधानमंत्री के लिए क्‍या कहेंगी जो इन खिलाड़ियों से अपने घर पर तो मिलते हैं, लेकिन एक हफ्ते से ये लोग धरने पर बैठे हैं तो प्रधानमंत्री को लेकर आपकी क्‍या उम्‍मीदें हैं, श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधान मंत्री से मेरी कोई उम्‍मीद नहीं है, क्‍योंकि अगर प्रधानमंत्री जी को इतनी भी परवाह होती तो कम से कम बात तो करते, बुला तो लेते फिर से। जब मेडल लेकर आए तो आपने बुलाया न घर, चाय तो पिलाई। तो बुलाइए, बात करिए, बच्चियां हैं। हम सबकी बच्चियां हैं और मतलब क्‍या कह रहे हैं – ये कह रहे हैं न….।
एक अन्‍य प्रश्‍न के उत्तर में श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि अब भगवान जाने, मैं आपसे पूछ रही हूं कि भाई, इस आदमी को बचाने के लिए इतना सारा क्‍यों किया जा रहा है? जब इतनी सारी लड़कियां, जिन्‍होंने देश के लिए इतना किया है, अपने परिवारों के लिए किया है, प्रदेश के लिए किया है, देश के लिए किया है और इतना मतलब, पर्सनल संघर्ष है इनका, आप देख सकते हैं। इन्‍होनें इतना किया है और आप उसको बचा रहे हैं, भाई, इनको बचाओं न। हमारे देश के बारे में ये क्‍या कहता है, अगर हम अपनी बच्चियों को नहीं बचा सकते हैं, तो।
एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि स्‍पोर्टस मिनिस्‍ट्री की तरफ से क्‍लैरिटी आई है, उन्‍होंने कहा है कि जब पहली दफा इन लोगों ने प्रोटेस्‍ट किया था तब कमिटी बनाई थी, क्या कहेंगी, श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि देखिए आप भी जानते हैं, हम भी जानते हैं कि कमिटियां क्‍या होती हैं- बात टालने का काम होता है कमिटियां। हम कमिटी बना रहे हैं, आप कमिटी के साथ बात कर लो और फिर बात खत्‍म, यही चाहती है न सरकार? चाहे आप उत्तर प्रदेश के एक गांव में देखिए, चाहे कहीं पर भी देखिए, जब महिला का शोषण होता है तो सरकार मौन हो जाती है, चुप हो जाती है। उस बेचारी महिला का हर जगह जाकर एफआईआर दर्ज नहीं होती, एफआईआर दर्ज होती है, तो उसकी कॉपी नहीं मिलती है, ये कोई नई कहानी नहीं है, लेकिन इन लड़कियों में इतना दम है, इतना आत्मविश्वास है और इतना करेज है, ब्रेवरी है कि ये लोग खड़ी हैं और कह रही हैं हम ये होने नहीं देंगे।
तो पूरा-पूरा देश, मैं आपको बता सकती हूँ कि प्रधानमंत्री जी पहचानें, नहीं पहचानें; इनके मंत्री पहचानें, नहीं पहचानें, इनकी सरकार पहचानें, नहीं पहचाने, पूरा देश इनके साथ है और सिर्फ ये सरकार उस आदमी को बचाना चाहती है। सबसे पहले उस आदमी को उस पद से हटाइए।
एक अन्य प्रश्न पर कि इस मामले में कई लूप होल हैं और राजनीति भी है, क्या कहेंगी, श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि ये तो देखिए, जैसे ही महिला खड़ी होती है, सारे लूप होल निकल आते हैं। तमाम ऐसी अफवाहें फैलाई जाती हैं, उस महिला के बारे में भी उल्टी-सीधी चीजें कही जाती हैं, हमेशा आपने देखा होगा, लेकिन ये संघर्ष करने वाली महिलाएं हैं, इन्होंने as it is बहुत फेस किया हुआ और ये फेस करेंगी, ये मुझे समझ में आ गया है।

इस मुद्दे पर पूछे एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि यही तो बात है। एक्शन तो तब होगा, जब पब्लिक प्रेशर आएगी। फ्रैंकली आज ये स्थिति है कि पब्लिक इन खिलाड़ियों के साथ है, पब्लिक प्रेशर डाले। मैं इस देश की हर एक महिला को, हर एक लड़की को कहना चाहती हूँ। ये लड़कियाँ अकेली खड़ी हैं यहाँ, आप इनके साथ खड़े हो। इनकी आवाज को आप बुलंद करो क्योंकि जब तक आप खड़ी नहीं होंगी, तब तक कोई एक्शन नहीं होगा। इस मामले को निपटने की कोशिश होगी, उसके बाद कुछ नहीं होगा।
एक अन्य प्रश्न पर कि आपकी इन खिलाड़ियों से क्या बातचीत हुई है, के उत्तर में श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा कि हमने बात की है, इसलिए हम अलग बैठे थे। मैं यहाँ क्यों बताऊँ इनकी बातें, वो इनकी निजी बातें हैं, लेकिन मैं बताना चाहती हूँ कि मुझे इन पर बहुत गर्व है कि आज ये इस चीज को लेकर खड़े हुए हैं और इसमें कोई पॉलिटिकल बात नहीं है। इसका राजनीतिकरण बिल्कुल नहीं होना चाहिए और अगर होगा, तो एक बहुत बड़ी शेम होगी और हम सबको इनके साथ खड़ा होना चाहिए।

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