बेंचमार्क दिव्यांगता से संबद्ध व्यक्तियों की गतिशीलता और क्षमता को सुविधाजनक बनाने के लिए सहायक सामग्री और उपकरणों के रूप में सुविधाएं प्रदान की जाएंगी
केजरीवाल सरकार ऐसा समाज का निर्माण कर रही, जहां गतिशीलता की कोई सीमा नहीं है और हर व्यक्ति को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सके – राज कुमार आनंद
यह योजना परिस्थितियों को सुगम बनाए रखने और पीडब्ल्यूडी को नई स्वतंत्रता और अवसरों की दिशा में बढ़ने के लिए दरवाजे खोलेगी
सुगम्य सहायता योजना, केजरीवाल सरकार की समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जिसका लक्ष्य एक ऐसा समाज का निर्माण है जहां हर कोई आगे बढ़ सके – राज कुमार आनंद
हमें एक भविष्य का निर्माण करना है जहां हर आवाज सुनी जाए और हर व्यक्ति को राष्ट्र की समृद्धि में योगदान करने का सामर्थ्य मिले – राज कुमार आनंद
सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने विकलांग व्यक्तियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए “सुगम्य सहायक योजना” की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों की गतिशीलता और क्षमताओं में वृद्धि करना है, जिससे उन्हें जीविका के अवसरों तक पहुंचने और शारीरिक बाधाओं का सामना करने में मदद मिल सके। यह योजना समाज में समावेशिता और सभी नागरिकों के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
योजना का उद्देश्यः
- बेंचमार्क दिव्यांगता से संबद्ध व्यक्तियों की उनके दैनिक जीवन में गतिशीलता को बढ़ाना और सशक्त बनाना तथा विभिन्न आजीविका के अवसरों तक पहुंच प्रदान करना है।
II. सहायक सामग्री और उपकरणों की टिकाऊ और मानकीकृत गुणवत्ता प्रदान करना जो उन्हें भौतिक वातावरण में बाधाओं से निपटने में सहायता करेंगे।
- योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले बेंचमार्क दिव्यांगता से संबद्ध व्यक्तियों के लिए पात्रता मानदंडः
- आवेदक को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत अधिकृत चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र/यूडीआईडी (UDID) कार्ड के अनुसार बेंचमार्क दिव्यांगता से संबद्ध व्यक्ति (40% या उससे अधिक दिव्यांगता) होना चाहिए।
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
- परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय-सीमा 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक को विगत तीन (3) वर्षों के दौरान किसी अन्य राज्य सरकार / संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन या केंद्र सरकार अथवा कोई अन्य स्रोत की किसी अन्य योजना से समान वस्तु प्राप्त नहीं करनी चाहिए अथवा न ही समान वस्तु प्राप्त होनी चाहिए। तथापि, 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए, निर्मित उपकरणों पर कोई सीमा लागू नहीं होगी। यह मोटर चालित तिपहिया साइकिल और व्हीलचेयर पर लागू नहीं होता है। आवेदक या आवेदक के माता-पिता / अभिभावक द्वारा वचनबद्धता प्रस्तुत की जाएगी कि उसने किसी अन्य राज्य / संघ राज्य क्षेत्र या केंद्र अथवा किसी अन्य स्रोत की किसी अन्य योजना से कोई समान लाभ अर्थात समान वस्तु का लाभ नहीं उठाया है।
- आधार कार्ड होना चाहिए।
मोटरचालित तिपहिया साइकिल
- क्वाड्रिप्लेजिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हेमिप्लेजिया से ग्रसित केवल गंभीर दिव्यांग व्यक्तियों के लिए या कोई अन्य समान स्थिति जहां शरीर के दोनों निचले अंग या शरीर का आधा हिस्सा 80 फीसद या अधिक दिव्यांगता के साथ गंभीर रूप से प्रभावित हो ।
- केवल 16 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को सहायता तीन (3) वर्षों में एक बार प्रदान की जाएगी।
मानसिक मंदतावाले 16 वर्ष से अधिक आयु के गंभीर रूप से दिव्यांग व्यक्ति मोटरचालित / बैटरी चालित तिपहिया साइकिल के लिए पात्र नहीं होंगे; क्योंकि यह उन्हें दुर्घटना/ शारीरिक क्षति के गंभीर जोखिम में डाल सकती है।
हाथ से चलने वाली तिपहिया साइकिल
- बेंचमार्क दिव्यांगता से संबद्ध व्यक्तियों को जिनकी दिव्यांगता 80% से अधिक नहीं है, सहायता तीन (3) वर्षों में एक बार प्रदान की जाएगी।
- आवेदक द्वारा इस प्रकार की सहायता न लेने की वचनबद्धता दी जाए।
- मानसिक मंदता वाले गंभीर रूप से दिव्यांग व्यक्ति तिपहिया साइकिल के लिए पात्र नहीं होंगे; क्योंकि यह उन्हें दुर्घटना/शारीरिक क्षति के गंभीर जोखिम में डाल सकती है।
व्हीलचेयर (मोटरचालित)
- बेंचमार्क दिव्यांगता से संबद्ध व्यक्तियों को तीन (3) वर्षों में एक बार सहायता प्रदान की जाएगी।
आवेदक द्वारा इस प्रकार की सहायता न लेने की वचनबद्धता दी जाए।
आपूर्ति एजेंसी
- कृत्रिम अंग निर्माण निगम, एलिम्को (दिव्यांग व्यक्तियों का अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम)।
- एलिम्को निम्नलिखित निबंधनों एवं शर्तों के अनुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली वस्तुओं की सूची के अनुसार सहायक सामग्री और उपकरणों की आपूर्ति करेगाः
- शिविरों में गुणवत्ता सहायक उपकरणों को प्रदान करने का पूर्ण उत्तरदायित्व एलिम्को का होगा एवं समाज कल्याण विभाग की भूमिका विशुद्ध रूप से एक समर्थक की होगी।
- सहायक सामग्री और उपकरणों का मूल्य भारत सरकार की एडिप योजना के अंतर्गत निर्धारित मूल्य से अधिक नहीं होगा।
- एलिम्को द्वारा लाभार्थियों को निर्मित वस्तुओं के मामले में उनके उचित उपयोग के बारे में जागरूक करने के लिए शिविर के दौरान प्रशिक्षण तथा जागरूकता प्रदान की जाएगी।
- एलिम्को से आपूर्ति नामांकन के आधार पर प्रस्तावित है।
- एलिम्को द्वारा योजना के अंतर्गत सेवाएं प्रदान करने में विफलता के मामले में, योजना के कार्यान्वयन की अवधि के दौरान कार्यान्वयन में अनुचित देरी, घटिया उत्पादों / सहायक सामग्रियों तथा उपकरणों के उपबंध, लाभार्थियों की शिकायतों के अनुसार एलिम्को से आपूर्ति तत्काल रद्द कर दी जाएगी और सर्वोत्तम उपलब्ध विकल्प का पता लगाया जाएगा।
- एलिम्को यह सुनिश्चित करेगा कि इस प्रयोजनार्थ पहले से ही विकसित लाभार्थियों की मौजूदा एमआईएस (MIS) प्रणाली के माध्यम से उनकी कोई प्रतिलिपि न हो।
- यदि वस्तु दोषपूर्ण या क्षतिग्रस्त पाई जाती है, तो एलिम्को इसकी मरम्मत / प्रतिस्थापन निःशुल्क करने के लिए उत्तरदायी होगा।
- समाज कल्याण विभाग माननीय मंत्री (समाज कल्याण) के अनुमोदन तथा वित्त विभागों की सहमति से वस्तुओं की समय पर और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु एलिम्को के साथ पाँच वर्षों की अवधि के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा।
- योजना की प्रभावशीलता का आंकलन करने तथा यदि आवश्यक हो, तो किसी भी आशोधन संबंधी सुझाव देने हेतु प्रशासनिक सचिव (समाज कल्याण) द्वारा इस प्रयोजनार्थ चिहनित किए गए एक प्रतिष्ठित अनुसंधान संगठन द्वारा वार्षिक रूप से योजना का एक तृतीय पक्ष लेखा परीक्षा वार्षिक रूप से आयोजित की जाएगी। इसमें वित्तीय, निष्पादन तथा सामाजिक लेखा परीक्षा शामिल होगी। यदि आवश्यक हो, तो प्रथम वर्ष से अधिगम के आधार पर दिशा-निर्देशों को संशोधित किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत सहायक सामग्री व उपकरण :
- एलिम्को से सहायक सामग्री तथा उपकरणों (निर्मित और उपयोग हेतु तैयार) की कीमत के साथ उनकी सूची के लिए अनुरोध किया जाएगा।
- यदि एलिम्को सहायक सामग्री और उपकरणों की आपूर्ति करने में असमर्थ है, तो सर्वोत्तम उपलब्ध विकल्प को ढूंढ़ा जाएगा।
- सहायक सामग्री और उपकरणों के वितरण हेतु प्रक्रियाः
- प्रत्येक वर्ष जिला स्तर पर कम से कम एक बार शिविर का आयोजन करके लाभार्थियों को सहायक सामग्री एवं उपकरण वितरित किये जाएंगे।
- लक्षित आबादी तक पहुंचने के लिए समाज कल्याण विभाग और एलिम्को दोनों द्वारा एक आउटरीच, जागरूकता तथा प्रचार अभियान आयोजित किया जाएगा; ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बेंचमार्क दिव्यांगता से संबद्ध सभी पात्र व्यक्ति शिविर सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद ने कहा, “केजरीवाल सरकार की एक बहुत प्रतीक्षित योजना है जो बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों के लिए नई स्वतंत्रता और अवसरों के दरवाजे खोलकर सुगमता और क्षमता को बढ़ावा देगी। ‘सुगम्य सहायता योजना, केजरीवाल सरकार की समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जिसका लक्ष्य एक ऐसा समाज का निर्माण है जहां हर कोई आगे बढ़ सके। हमें एक भविष्य का निर्माण करना है जहां हर आवाज सुनी जाए और हर व्यक्ति को हमारे राष्ट्र की समृद्धि में योगदान करने का सामर्थ्य मिले ।






