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जब भी पुलिस किसी को गिरफ़्तार करती है या गिरफ़तारी के लिए आगाह करती है या पुलिस द्वारा कोई समन बेजा जाता है । पुलिस की ऐसी कार्रवाई प्रत्यक्ष रूप से होती । लेकिन ठगों के गिरोह द्वारा ठगी करने या ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से फ़र्ज़ी गिरफ़्तारी का एक नया तरीक़ा निकाला है । ये तरीक़ा डिजिटल गिरफ़्तारी का है । वास्तव में भारतीय दंडित कार्रवाई में डिजिटल गिरफ़्तारी का कोई ऐसा प्रावधान ही नहीं है । जी हाँ अगर आपके पास भी कोई ऐसा फ़ोन काल आए । ठग आपको कहे कि आपको डिजिटल गिरफ़्तार कर लिया गया है । ऐसी फ़ोन काल पर विश्वास मत करिएगा । क्योंकि पुलिसिया कार्रवाई में डिजिटल गिरफ़्तारी का कोई प्रावधान ही नहीं है । जी हाँ दिल्ली पुलिस की साइबर सेल द्वारा एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है । जी हाँ ये ठग प्रतिष्ठित लोगों को फ़ोन कॉल कर उन्हें डरा धमकाकर डिजिटल गिरफ़्तारी की धमकी देकर लोगों को ठगी का शिकार बना लेते थे । दिल्ली पुलिस की साइबर सेल द्वारा ठगों के गैंग का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ़्तार किया है । पुलिस के अनुसार सफ़दरजंग एनक्लेव की रहने वाली एक महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें डिजिटल गिरफ़्तारी के नाम पर 35 लाख रुपया का ठगी का शिकार बना है । ठग ख़ुद को CBI का अफ़सर बताते थे । पहले फ़ोन कॉल किया फिर वीडियो कॉल द्वारा फ़र्ज़ी CBI कार्यालय दिखाया । वीडियो कॉल के माध्यम से इस महिला को जाल में फंसाकर डिजिटल गिरफ़्तारी का डर दिखाकर 35 लाख रुपये ठग लिए थे । महिला प्रतिष्ठित होने के नाते वह चुप रही लेकिन जब वो महिला को पैसे की ज़रूरत पड़ी । उन्होंने किसी रिश्तेदार से बात करी । आखिरकार मामला पुलिस के पास पहुँचा । पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जाँच पड़ताल शेरों की तो पता चला कि ये शातिर ठगों का ध्यान लोगों को भंग रैंडम काल कर प्रतिशत लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे और नेशनल गिरफ़्तारी का डर दिखाकर ठगी का शिकार बनाते थे । पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए 4 लोगों को गिरफ़्तार किया है । पकड़े गए आरोपियों का नाम चौधरी संजय कुमार दास , ख़ुशबू ख़ान , आसिफ़ ख़ान और अबे सिंह बताया है । पुलिस ने आरोपियों के क़ब्ज़े से 1 कार , एक लैपटॉप , आठ मोबाइल फ़ोन , 4 चैकबुक और चार ATM कार्ड बरामद किए हैं ।

बहरहाल पुलिस ने मामले को सुलझाते हुए पीड़ित महिला की 21 लाख रुपये कोर्ट के आदेश से वापस दिला दिए हैं । इसके साथ ही पुलिस ने लोगों को सलाह देते हुए आगाह भी किया है । ऐसी कोई काल जो कि वॉइस रिकॉर्डर हो या अनचाही हो वह अटेंड न करें कि ऐसी कोई फ़ोन काल करने वाला आपको डिजिटल गिरफ़्तार होने की धमकी देता है । तुरंत पुलिस को सूचित करें । टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट ।

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