*निगम कर्मचारियों को देने के लिए वेतन नही और आम आदमी पार्टी अपने पार्षदों की दावत पर लाखों रुपये ख़र्च कर रही है-श्री राजा इक़बाल सिंह
*स्टैंडिंग कमिटी की पावर निगम सदन को देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करना आम आदमी पार्टी का ढोंग है-श्री राजा इक़बाल सिंह
दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष व पूर्व महापौर श्री राजा इक़बाल सिंह ने आज बताया कि आम आदमी पार्टी नागरिक हितों में कार्य न करके केवल जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाना चाहती है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में बढ़ते हुए वायु प्रदूषण के मद्देनज़र ग्रेप नियमों के लागू होने पर आम आदमी पार्टी पार्किंग शुल्क में चार गुना बढ़ोतरी करना चाहती थी मगर भारतीय जनता पार्टी के विरोध के बाद आम आदमी पार्टी यह प्रस्ताव स्थगित करना पड़ा। इस बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आम आदमी पार्टी नागरिक हितों में कार्य ना कर के नागरिकों पर टैक्स का बोझ बढ़ाना चाहती है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था को ठप कर दिया है और अब ये लोग पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी करके नागरिकों को दोहरी मार मारना चाहते थे।
राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी की मेयर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल करके स्टैंडिंग कमिटी पावर हाउस को देने का एक नया ढोंग रचा है। मेयर स्टैंडिंग कमिटी के चुनाव करवाना ही नहीं चाहती है। इन लोगों को यह डर है कि इनके पार्षद क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं जिसके कारण इन लोगों को स्थायी समिति अध्यक्ष के पद से हाथ धोना पड़ सकता है और इसी डर के कारण मेयर चुनाव करवाना नहीं चाहती हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्थायी समिति चुनाव को लेकर किसी भी तरह की रोक नहीं लगायी है उसके बाद भी मेयर स्थायी समिति के चुनाव को लगातार टलती जा रही है। उन्होंने बताया कि अब आम आदमी पार्टी के विधायक भी यह बोलने को मजबूर है कि वे स्टैंडिंग कमेटी न होने के कारण नागरिकों को काफ़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है और अधिकारी निरंकुश होकर अपनी मनमानी कर रहे है।
राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि एक तरफ़ आम आदमी पार्टी के पास कर्मचारियों को देने के लिए वेतन नहीं है वहीं दूसरी ओर ये लोग खाने पर 10 लाख रुपये ख़र्च कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी की मेयर ने पार्षदों व अधिकारियों के लिए दावत का आयोजन किया था और भाजपा पार्षदों ने इस दावत में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी की नीतियों के विरोध में यदि कोई कर्मचारी यूनियन आवाज़ उठाती है तो ये लोग उनकी आवाज़ को दबाने के लिए कर्मचारियों को निलंबित कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में सभी यूनियन को अपनी आवाज़ उठाने का अवसर मिलता था कभी भी किसी कर्मचारी के ख़िलाफ़ द्वेष की भावना से कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी ने जब से निगम में सत्ता सँभाली है तब से इन लोगों ने नागरिक के हितों में कोई कार्य नहीं किया और निगम कर्मचारियों का भी शोषण करने से ये लोग पीछे नहीं हटते।



