-सत्ता के नशे में चूर है आप सरकार, उसे नहीं दिखाई दे रही नागरिकों की समस्याए
राजा इकबाल सिंह
-वादे पूरे करने में आम आदमी पार्टी का कुछ भी लगाव नहीं।
दिल्ली नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री राजा इकबाल सिंह ने महापौर डा. शैली ओबेराय के उस बयान पर आश्चार्य जताया है जिसमें दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले 2022 में किए गए वायदों को पूरा करने में अपनी असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली वालों को एक जनवरी 2024 तक कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने का वायदा आप ने किया था। इतना ही नहीं एक तारीख को कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन देने का वादा किया था। सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। आज न तो कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन एक तारीख को मिल रहा है और न ही कर्मचारी पक्के हुए हैं। इतना ही नहीं स्वच्छता के मामले में दिल्ली में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर, महापौर और आम आदमी पार्टी निगम चुनाव में किए गए वादों को पूरा नहीं कर सकती है तो बिना देरी के महापौर को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। आप सरकार को निगम की सत्ता पर काबिज हुए एक वर्ष हो गया है लेकिन दिल्ली में विकास का कोई नया कार्य शुरू नहीं हुआ। इतना ही नहीं कर्मचारियों के मुद्दों का समाधान नहीं हुआ। एक नया स्कूल एमसीडी का आप सरकार नहीं खोल पाई। दस गारंटी को पूरा करने में भी आप सरकार पूरी तरफ विफल साबित हुई है। श्री राजा इकबाल सिंह ने कहा कि नेता सदन कह रहे हैं कि उन्हें बजट में कोई सुझाव नहीं दिखे। जबकि 27 सुझाव जिससे निगम का राजस्व बढ़ सकता है वह सुझाव बजट भाषण में मैंने दिए हैं, कहा जाता है कि जब सत्ता के नशे में व्यक्ति चूर होता है तो उसे कुछ सच दिखाई नहीं देता। निगम की सत्ता में काबिज आप नेताओं का यही हाल है। सफाई से लेकर शिक्षा, पार्किंग, संपत्तिकर पर बजट भाषण में मैंने सभी सुझावों को शामिल किया है लेकिन आप सरकार जनता के भलाई के लिए इन सुझावों को नजरअंदाजर कर रही है।
बजट भाषण में निम्न सुझाव भी दिए गए जो इस प्रकार है,:
- बच्चों को दी जाने वाली स्कॉलरशिप में वर्दी का पैसा₹1000 से बढ़कर 2000 किया जाए।
- विकास कार्यों के लिए पार्षद का
फंड ₹2 करोड रुपए किया जाए। - रिपेयर कार्यों के लिए पूरे साल भर बिल्डिंग मैटेरियल का सामान मैनहोल के ढक्कन ,पार्कों के लिए टाइल्स उपलब्ध रहे।
- दिल्ली के अंदर विकास कार्यों पर कोई फर्क ना पड़े, इसके लिए शेड्यूल में इंजीनियर की जो पोस्ट काम की गई है उनको पहले की तरह रखा जाए।
- हाउस टैक्स के अंदर आम माफी योजना ली जाए।
- फैक्ट्री विभाग में लाइसेंसो का सरलीकरण कर ,इंस्पेक्टर राज को खत्म करे।
- अस्पतालों में मरीजों की सुविधा ठीक प्रकार से हो पाए, उसके लिए बजट को बढ़ाया जाए।
- निगम में ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर, निगम द्वारा स्वयं नियुक्ति की जाए।
- 10 नई गौशालाएं बनाई जाए।
- हर जोन, में एक नया पशु एवं जानवरों के लिए अस्पताल बनाया जाए ,और विभाग का बजट भी बढ़ाया जाए।
- संविदा पर लगे कर्मियों को निगम में पक्का किया जाए।
- जनता पर कोई नया शुल्क न लगाकर, नई लाभकारी परियोजनाएं लाइन जाए।
- चौथे एवं पांचवें DFC का 4000 करोड़ का दिया जाए एवं 850 करोड़ में जो देने हैं वह भी तुरंत दिए जाए जिससे निगम कर्मचारी का सभी बकाया दिया जा सके।
- होटल, मोटल, बैंक्विट हॉल के लाइसेंसो का सरलीकरण किया जाए, ताकि उनका इंस्पेक्टर द्वारा किया जा रहा शोषण खत्म हो और निगम के राजस्व में वृद्धि।
- 5000 कर्मचारी जो की इन्होंने एक बड़ा छलावा किया है। कर्मचारियों के साथ उनको तुरंत प्रभाव से पक्का किया जाए एवं उनका बकाया भी जारी किया जाए।
- समुदाय भवन का किराया जो दोगुना किया जा चुका है जिससे गरीब जनता पर भोज पड़ा है उसे वापस लिया जाए, और पुराने किराए को ही लागू किया जाए।
नोट: नेता प्रतिपक्ष श्री राजा इकबाल सिंह के बजट भाषण की प्रति संलग्न है।



