दिल्ली में विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी, सुबह 11 से रात 8 बजे तक प्रगति मैदान के हॉल नंबर 1 से 5 में आयोजित होगा। इस बार नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले की थीम है— बहुभाषी भारत : एक जीवंत परंपरा, जिसके माध्यम से इस बार भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और भाषाई विविधता को परिलक्षित किया जाएगा। 1000 वर्ग मीटर में फैला थीम मंडप पुस्तकों, मुद्रित सामग्री, ई-मीडिया और ऐप के जरिये भाषाई अभिव्यक्तियों की प्रचुरता को प्रदर्शित करता है। भाषिनी एप्लिकेशन का उपयोग सभी भाषाओं में निर्बाध अनुवाद को सक्षम बनाता है जो न केवल एआई-संचालित जीवन की सुविधा प्रदान करती है बल्कि कोड-स्विचिंग या बहुभाषी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध देश में संचार को भी बढ़ावा देती है। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में सम्मानित अतिथि देश सऊदी अरब है। लगभग 400 वर्ग मीटर के पैवेलियन में सऊदी अरब के प्रकाशकों की पुस्तकें होंगी। पाठकों के लिए भारत में ही अरब की भाषा, संस्कृति, लोक परंपरा, साहित्य को समझने का यह सुनहरा अवसर होगा। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, स्पेन, तुर्की, इटली, रूस, ताइवान, इरान, यूनाइटेड अरब अमीरात, ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल सहित और भी कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। फेस्टीवल ऑफ फेस्टीवल्स के अंतर्गत देश—विदेश के सभी पुस्तक महोत्सवों को एकीकृत करने का प्रयास इस बार के विश्व पुस्तक मेले में दिखेगा। अलग—अलग देशों से आए प्रतिनिधि आपस में साहित्यिक, भाषाई, पारंपरिक और सांस्कृतिक भावों का आदान—प्रदान करेंगे और समूचे विश्व को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बाँधने का प्रयास करेंगे।
विश्व पुस्तक मेले की टिकट 20 मेट्रो स्टेशनों पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं, जहाँ से पाठक सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विश्व पुस्तक मेले की खरीद सकते हैं। बच्चों के लिए टिकट दर 10 रुपये और वयस्कों के लिए 20 रुपये है। यूनीफॉर्म में स्कूली विद्यार्थियों, स्कूल द्वारा आयोजित शैक्षणिक भ्रमण पर आए विद्यार्थियों, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है।
अब तक का सबसे बड़ा पुस्तक मेला जो लगभग 45 हजार वर्ग मीटर के क्षेत्र में आयोजित होने जा रहा है, इसमें एक हजार से अधिक प्रकाशकों की लगभग सभी विषयों पर आधारित पुस्तकें विभिन्न भाषाओं में पाठकों के लिए उपलब्ध होंगी। विश्व पुस्तक मेले में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण के अभियान को आगे ले जाते हुए पाठकों के लिए यहाँ क्षेत्रीय भाषाओं की पुस्तकें और द्विभाषी पुस्तकें भी उपलब्ध होंगी। ‘बुक्स फॉर ऑल’ के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की सहभागिता से यूआईडी प्रस्तुत करने पर दृष्टिबाधित पाठकों के लिए यहाँ ब्रेल पुस्तकें नि:शुल्क मुहैया करवाई जाएँगी। पुस्तकों के इस महाकुंभ में इस बार 600 से अधिक साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।











