विधानसभा में “आप” विधायकों की मांग, सिविल डिफेंस वालेंटियर्स की नौकरी बहाल करें एलजी

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  • जिन अफसरों ने मार्शलों की नियुक्ति की, सैलरी दी, अब वही कह रहे कि बसों में सीसीटीवी व पैनिक बटन है तो उनकी क्या जरूरत है?- आतिशी
  • बस मार्शलों ने महिलाओं को सुरक्षा व सम्मान के साथ कई बार अपराधियों से भी बचाया- आतिशी
  • अफसरों को बार-बार सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को सैलरी देने के निर्देश दिए गए, लेकिन अभी तक सैलरी नहीं मिली- आतिशी
  • आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल से नफरत करते-करते भाजपा अब दिल्ली की महिलाओं और सिविल डिफेंस वालेंटियर्स से नफरत करने लगी है- आतिशी
  • इन अफसरों को केजरीवाल सरकार की पॉलिसी को रोकने के लिए खास निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इन्हें भाजपा का आशीर्वाद प्राप्त है- सौरभ भारद्वाज
  • जिन अफसरों ने सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को नौकरी से निकाला, आज वो एलजी साहब के आंखों के तारे बने हुए हैं- सौरभ भारद्वाज
  • सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को भाजपा के सासंदों के पास जाकर पूछना चाहिए कि वो आपके साथ हैं या खिलाफ हैं- सौरभ भारद्वाज
  • केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 10 हजार लोगों को रोजगार दिया लेकिन भाजपा ने उनसे उनका रोजगार छीन लिया- कुलदीप कुमार
  • भाजपा के कहने पर एलजी साहब ने बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को हटाया- कुलदीप कुमार
  • सिविल डिफेंस वालेंटियर्स की नौकरी बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली विधानसभा में हुई अल्पकालिक चर्चा

दिल्ली सरकार ने एलजी से 10 हजार सिविल डिफेंस वालेंटियर्स की नौकरी बहाल करने की मांग की है। बुधवार को दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर अल्पकालिक चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री आतिशी ने कहा कि जिन अफसरों ने इनको बसों में मार्शल के रूप में तैनाती और सैलरी दी, अब वही सवाल खड़े कर रहे हैं। ये अफसर कह रहे हैं कि जब बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन है तो मार्शलों की क्या जरूरत है? लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि पिछले 9 सालों में मार्शलों ने महिलाओं को सुरक्षा व सम्मान के साथ बसों में सफ़र करने का मौक़ा दिया और कई बार अपराधियों से भी बचाया है। अभी तक भाजपा आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल से नफरत करती थी, लेकिन अब वो दिल्ली की महिलाओं और सीडीवी से भी नफरत करने लगी है। वहीं, मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अफसरों को केजरीवाल सरकार की पॉलिसी को रोकने के लिए खास निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इन्हें भाजपा का आशीर्वाद मिला हुआ है। जबकि विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 10 हजार लोगों को रोजगार दिया, लेकिन भाजपा ने उनसे उनका रोजगार छीन लिया।

केजरीवाल सरकार से पहले किसी ने भी बसों में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के बारे में नहीं सोचा- आतिशी

बुधवार को दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सदन में बस मार्शलों की नौकरी बहाल करने पर अल्पकालिक चर्चा हुई। ‘‘आप’’ के विधायक मदन लाल ने इसकी शुरूआत की। इसके बाद कैबिनेट मंत्री आतिशी ने कहा कि दशकों से दिल्ली की बसों में सफ़र करने का महिलाओं का बुरा अनुभव रहा। एक महिला के लिए पहले डीटीसी बसों में सफ़र करना किसी महाभारत से कम नहीं था। जब वो एक भरी हुई बस में चढ़ती है तो वहां उनपर भद्दे मज़ाक़ होते, ग़लत निगाह से देखते, अश्लील कमेंट करते। कोई भी महिला मजबूरी में ही डीटीसी बस में सफ़र करती थी। इस दौरान कई सरकारें आई-गई, लेकिन किसी ने भी महिलाओं की सुरक्षा के बारे में नहीं सोचा। यह दिल्लीवालों का सौभाग्य है कि 2015 में दिल्ली के लोगों को अरविंद केजरीवाल जैसा मुख्यमंत्री मिला, जिन्होंने दिल्ली के 2 करोड़ लोगो को अपने परिवार की तरह माना और बहन-बेटियों की सुरक्षा की चिंता की। इसी वजह से बस मार्शल योजना की शुरुआत की गईं।

अफसरों को अंदाजा भी नहीं है कि बस में सफर करने वाली महिलाओं को किस दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है- आतिशी

आतिशी ने कहा कि जिन अफ़सरों ने स्कीम की शुरुआत की, सैलरी का पैसा जारी करते रहे, मार्शलों की नियुक्ति करते आए, अब वही अफसर इस पर सवाल उठाने लगे हैं। कभी फाइनेंस विभाग ने सवाल उठाए कि सिविल डिफ़ेंस वालेंटियर्स को बस मार्शल के रूप में नहीं रख सकते है, कभी राजस्व विभाग ने सवाल उठाए, जबकि उसने ही इनकी नियुक्ति की। हर महीने सैलरी दे रहा ट्रांसपोर्ट विभाग ने भी सवाल उठाया कि बसों में सीसीटीवी और पैनिक बटन लगे हैं, इसलिए इनकी ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शानदार कारों में चलने वाले इन अफसरों को अंदाज़ा भी नहीं है कि बस का सफ़र करते हुए महिलाओं को किस दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है। क्या सीसीटीवी कैमरा एक बस मार्शल की जगह ले सकता है और होते हुए अपराध को रोक सकता है? उन्होंने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को सलाम करते हुए कहा कि बस मार्शलों ने पिछले 9 सालों से महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान के साथ बसों में सफ़र करने का मौक़ा दिया और कई बार अपराधियों से बचाया। एक बार एक सिविल डिफेंस वॉलेंटियर ने चार साल की बच्ची को किडनैप होने से बचाया।

सिविल डिफ़ेंस वालंटियर्स को बहाल रखने के सरकार के आदेश के बाद भी राजस्व विभाग ने नौकरी से हटा दिया- आतिशी

आतिशी ने साझा किया कि जब अलग-अलग विभागों के अफ़सरों ने सवाल उठाने शुरू किए कि जब बसों में पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरा है तो सिविल डिफ़ेंस वालेंटियरों की क्या ज़रूरत है। इस पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने जबाव दिया कि मुझे पता है, बसों में सीसीटीवी कैमरा है, पैनिक बटन है लेकिन जब देश के प्रधानमंत्री की 12 स्तरीय सुरक्षा मिल सकती है, मुख्यमंत्री की 5 स्तरीय सुरक्षा मिल सकती है तो क्या मैं दिल्ली की बसों में सफ़र कर रही अपनी माता-बहनों को तीन स्तरीय सुरक्षा नहीं दे सकता। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने अधिकारियों की सिविल डिफ़ेंस वालंटियरों की तनख़्वाह जारी करने के आदेश दिए, मैंने बतौर वित्त मंत्री आदेश दिए, लेकिन बार बार आदेश देने के बाबजूद भी उनकी तनख़्वाह नहीं दी गई और सवाल उठाए गए। 25 सितंबर को परिवहन मंत्री कैलाश ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हम सीसीटीवी कैमरा और पैनिक बटन होने के बावजूद अपने बसों में मार्शल रखेंगे और ये सरकार का निर्णय है। इसके लिए चाहे जितने पैसे लगे, महिलाओं की एक सुरक्षित सफ़र देने के लिए दिल्ली सरकार प्रावधान करेगी। लेकिन परिवहन मंत्री, वित्त मंत्री, राजस्व मंत्री के आदेश के बावजूद 31 अक्तूबर को राजस्व विभाग ने सिविल डिफ़ेंस वालंटियरों को हटाने के निर्देश दे दिए।

भाजपा और एलजी के डराने-धमकाने के कारण अफसरों ने सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को हटाया- आतिशी

उन्हांने कहा कि एक नवंबर को मैंने आदेश दिए कि महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से बसों में बतौर मार्शल काम कर रहे सिविल डिफ़ेंस वालंटियरों को नहीं हटाना चाहिए लेकिन दिल्ली सरकार के अफ़सरों ने दिल्ली की महिलाओं की सुरक्षा को ताक पर रखते हुए इस आदेश को नहीं माना। इसके लिए मुख्यमंत्री ने एलजी साहब को पत्र लिखा, पर वो भी नहीं माने और आज हज़ारों सिविल डिफ़ेंस वालंटियर बेरोज़गार होकर सड़क पर आ गए। भाजपा और एलजी साहब के डराने-धमकाने के कारण अफ़सर यह सब कर रहे है। धमकी दी जाती है कि अगर अफ़सरों ने केजरीवाल सरकार के निर्देश माने तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा, नौकरी से हटा दिया जाएगा, विजिलेंस जांच बैठा दी जाएगी। मैं भाजपा को आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल से नफ़रत है, लेकिन अब इनकी नफ़रत इतनी आगे पहुंच गई है कि ये लोग दिल्ली की महिलाओं और सिविल डिफेंस वालेंटियर्स से नफ़रत करने लगे है। भाजपा को पता होना चाहिए कि ये लोकतंत्र है, जनता का शासन है। अगर हमारी नीतियां ठीक नहीं लगती, तो हमें चुनाव में हराए, लेकिन इस तरह गंदी राजनीति कर अफ़सरों को डरा-धमका कर अरविंद केजरीवाल के काम रोकने, महिलाओं की सुरक्षा को छीनने, युवाओं की बेरोज़गार बनाने का काम न करे। उन्होंने सिविल डिफ़ेंस वालंटियरों से कहा कि जब भी दिल्ली पर संकट आया, अरविंद केजरीवाल दीवार बनकर खड़े रहे। उसी तरह अरविंद केजरीवाल बस मार्शलों हक़ की लड़ाई भी लड़ेंगे। चाहे सड़क से संसद तक लड़ना पड़े, लेकिन उनके हक़ की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

अफसर सरकार की नीतियों की फाइल पर मनमाना कमेंट्स लिख रहे हैं, उनको इतनी हिम्मत कहां से आती है?- सौरभ भारद्वाज

वहीं, “आप“ विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल सरकार की पॉलिसी को रोकने के लिए अफसरों को खास निर्देश दिए गए हैं, फिर चाहे फाइलों पर कुछ भी लिखना पड़े। वहीं, अफसरों को भी फाइलों पर कुतर्क लिखते हुए कोई डर और शर्म महसूस नहीं होता है। उनको इस बात का भी डर नहीं रह गया है कि उनको इस बात के लिए जेल भी हो सकती है। इन अफसरों को बीजेपी का आशीर्वाद प्राप्त है। इसी वजह से ये लोग आपराधिक गतिविधियां कर रहे हैं। आज एक आईएस अधिकारी दिल्ली सरकार की विभिन्न पॉलिसियों की फाइलों पर मनमाना कमेंट लिख रहा है। वरना एक आईएएस अफसर में इतनी हिम्मत कहां से आती है कि वह सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स की फाइल में यह लिख दे कि जब बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लग गए हैं तो बस मार्शलों की कोई जरूरत नहीं है। सीसीटीवी कैमरे तो एलजी हाउस में भी लगे हुए हैं तो वहां इतनी सुरक्षा क्यों है। एलजी को भी अपनी सिक्योरिटी छोड़ देनी चाहिए। वहीं, जिस अफसर ने फाइल में यह लिखा है, वह खुद एक पुलिसकर्मी को सुरक्षा के लिए साथ रखता है। दिल्ली की हर सड़कों पर सीसीटीवी लगे हुए हैं तो ऐसे में सभी अफसरों को भी अपनी सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए।

अफसरों ने बस मार्शल की तरह ही अस्पतालों में डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को निकाल दिया और फरिश्ते योजना बंद कर दी- सौरभ भारद्वाज

उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकत केवल बस मार्शलों की फाइल पर ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों की फाइलों पर भी की गई है। फिर चाहे वह स्वास्थ्य विभाग की फाइल हो, जहां डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को नौकरी से निकाल दिया गया। जबकि ये कर्मचारी सरकारी अस्पतालों में गरीब लोगों के ओपीडी कार्ड बनाते थे, लेकिन एक आदेश जारी करके इन सबको नौकरी से हटा दिया गया। फरिश्ते स्कीम का पैसा भी अफसरों ने रोक दिया है। जल बोर्ड के सारे ठेकेदारों की पेमेंट रोक दी, अब जगह-जगह सीवर और पानी की परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि इन भोले भाले सिविल डिफेंस वालंटियर्स को ये समझ ही नहीं आया कि इनकी नौकरी कैसे गई। अब इनको गुमराह किया जा रहा है। जिन अफसरों ने सिविल डिफेंस वालेंटियर को नौकरी से निकाला वो एलजी साहब के आंखों के तारे हैं। जिस परिवहन सचिव ने इन गरीबो को निकाला, एलजी साहब ने उसे अपना निजी सचिव बना लिया। राजस्व सचिव अश्विनी कुमार को भी एलजी साहब अपने साथ रखते हैं। उनके बारे में भी कई शिकायतें हुई लेकिन उन्हें हटाने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। केंद्र सरकार ने इन 10 हजार लोगों से इनकी नौकरी छीनने वाले अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

आम आदमी पार्टी हमेशा सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के साथ खड़ी है- सौरभ भारद्वाज

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब लोकसभा चुनाव करीब है। दिल्ली में इस समय सातों सांसद बीजेपी के हैं और उनके इलाकों में हजारों सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स हैं। सभी वालेंटियर्स से अपील है कि उनको अपने सासंदों के पास जाकर पूछना चाहिए कि वो आपके साथ हैं या खिलाफ हैं। अगर वो आपके साथ हैं तो उन्हें अपने साथ एलजी साहब के घर लेकर जाओं और उन अफसरों को नौकरी से हटाने की मांग करो। अगर वो सांसद आनाकानी करें तो इसका मतलब है कि एलजी साहब, बीजेपी के सांसद और वो अफसर आपस में मिले हुए हैं। आम आदमी पार्टी आपके साथ है और एलजी साहब के यहां जाने के लिए हमेशा तैयार हैं। हम अफसरों को न केवल नौकरी से निकालने की बात करेंगे बल्कि इनके खिलाफ मुकदमा चलाकर जेल में भेजने की मांग भी करेंगे। वॉलंटियर्स को यह तय करना होगा कि या तो बीजेपी आपके साथ है या दिल्ली सरकार आपके साथ है।

एलजी साहब रोजगार देने के बजाय युवाओं से उनका रोजगार छीन रहे हैं- कुलदीप कुमार

दिल्ली विधानसभा में ‘‘आप’’ विधायक कुलदीप कुमार सदन को बताया कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में एक चलती बस में 23 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ। उस समय हम लोग सत्ता में नहीं थे। जब दिल्ली में हमारी सरकार बनी तो सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह सुनिश्चित किया कि दिल्ली में हर महिला सुरक्षित हों। इसी के मद्देनजर डीटीसी की बसों में मार्शल तैनात किए गए। साथ ही, बसों में पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। कुछ लोग कह रहे हैं कि बस में पैनिक बटन और सीसीटीवा कैमरे हैं तो बस मार्शल की जरूरत क्या है। अगर ऐसा है तो फिर दिल्ली पुलिस को भी दिल्ली से हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा, यह दुखद है कि चार माह पहले बस मार्शलों को नौकरी से निकाल दिया गया। इन सिविल डिफेंस वालेंटियर्स कोविड में लोगों की सेवा की, अस्पतालों और बसों में अपनी सेवाएं दी। इनको तो सम्मानित किया जाना चाहिए था।

भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को वर्दी पहनाकर सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को बदनाम कर रही है- कुलदीप कुमार

विधायक कुलदीप कुमार ने मांग की कि जिन बस मार्शलों और सीडीवी को निकाला गया है, उनकी नौकरी बहाल की जाए। उनको चार महीने से वेतन नहीं मिला है, उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वो अपना काम छोड़कर धरने पर बैठे हैं, क्योंकि उनका रोजगार चला गया है। जब हमारी सरकार आई थी तब हमने उन सभी लोगों को रोजगार दिया था और आप लोगों ने उनका रोजगार छीन लिया। सीएम अरविंद केजरीवला रोजगार देने वाले हैं और आप रोजगा छीनने वाले हो। आज पूरी दिल्ली की जनता के सामने भाजपा की असलियत आ गई है कि किस तरह से इन लोगों ने बस मार्शलों से उनका रोजगार छीना और उन्हें बदनाम किया। बस मार्शलों की सूझबूझ से कई दुर्घटनाएं टली हैं। बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं को इनकी वर्दी पहनाकर उन्हें बदनाम करने की साजिश की है। एलजी साहब ने इन बस मार्शलों और सीडीवी को बीजेपी के कहने पर हटाया है। ये केवल 10 हजार लोग नहीं है, एक व्यक्ति के साथ 100-100 लोगों का परिवार जुड़ा हुआ है। अगर इनकी नौकरी बहाल नहीं की गई तो ये बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी नानी याद दिला देंगे।

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