राहुल बोले- सरकार विपक्ष को दुश्मन नहीं, सहयोगी माने और सबको साथ लेकर देश हित में काम करे

Listen to this article

*पिछले दस वर्षों में संविधान और हिंदुस्तान के विचार पर लगातार हमला हुआ

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि सरकार विपक्ष को दुश्मन नहीं, सहयोगी माने और देशहित में सबको साथ लेकर काम करे। 

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन में राहुल गांधी ने भगवान शिव को अपने लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनसे विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष की सीख मिली। भगवान शिव की तस्वीर दिखाते हुए उन्होंने कहा, शिवजी के बाएं हाथ में त्रिशूल का मतलब अहिंसा है। हमने बिना किसी हिंसा के सच की रक्षा की है। उन्होंने कहा, भाजपा के लिए सिर्फ सत्ता मायने रखती है।मुझ पर फर्जी मुकदमे किए गए। ईडी ने पूछताछ की। इंडिया गठबंधन के नेताओं को जेल में रखा है। भगवान शिव की तरह कांग्रेस पार्टी भी अभय मुद्रा में है। इस्लाम, सिख, ईसाई और अन्य धर्म भी न डरने की शिक्षा देते हैं।

सत्ता पक्ष की ओर से बार-बार व्यवधान डाले जाने से विचलित हुए बिना राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा कि जो लोग  (भाजपा नेता) हिंदु होने का दावा करते हैं, वो 24 घंटे नफरत फैलाते हैं। हिंदू धर्म में साफ लिखा है, सच का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा, हिंदू कभी नफरत और हिंसा नहीं फैला सकते। मगर भाजपा हमेशा हिंसा और नफरत फैलाती है।

राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता के रुप में अपने पहले और दमदार भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि मोदी, भाजपा और आरएसएस पूरा हिंदू समाज नहीं है। भाजपा के पास हिंदू समाज का ठेका नहीं है। 

राहुल गांधी ने कहा कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या ने भाजपा को संदेश दिया है। अयोध्या के लोगों में गुस्सा और आक्रोश है, क्योंकि उनके घर तोड़ दिए गए और उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान भी अयोध्या के लोगों को मंदिर के पास तक नहीं आने दिया गया। उन्होंने खुलासा किया कि नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए दो बार सर्वे करवाया था। सर्वे करने वालों ने साफ कह दिया कि अयोध्या से चुनाव मत लड़िएगा, अयोध्या की जनता हरा देगी। इसलिए नरेंद्र मोदी वाराणसी गए और वहां भी मुश्किल से चुनाव जीते।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में संविधान और हिंदुस्तान के विचार पर लगातार हमला हुआ है। विपक्ष और देश की जनता ने इन हमलों से संविधान को बचाया है। 

उन्होंने बताया कि किस तरह विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन पर 20 मुकदमे लगाए गए, दो साल की सजा सुनाई गई और उनका घर छीन लिया गया। उन्होंने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री के इशारे पर किया गया।

अग्निपथ योजना का कड़ा विरोध करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह सेना की योजना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री की योजना है। उन्होंने घोषणा की कि जब भी कांग्रेस सरकार में आएगी, इस योजना को खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना को उसी मनमाने तरीके से लाया गया, जिस तरह से मोदी ने नोटबंदी और जीएसटी लागू की, जिससे छोटे और मध्यम उद्योग खत्म हो गए। राहुल गांधी ने किसानों के कर्ज माफ नहीं करने और उनकी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने से इनकार करने के लिए भी सरकार की आलोचना की। 

नीट पेपर लीक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा को भी प्रोफेशनल से कमर्शियल में तब्दील कर दिया है। आज एक होनहार लेकिन गरीब छात्र मेडिकल कॉलेज में नहीं जा सकता। ये पूरा परीक्षा का पैटर्न अमीर बच्चों के लिए बनाया गया है। हालात ये हैं कि सात साल में 70 बार पेपर लीक हो चुके हैं। इसलिए हम इस मुद्दे पर चर्चा कर, इसका हल निकालना चाहते हैं, लेकिन सरकार कहती है नीट पर चर्चा नहीं होगी।

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *