&TV के नए शो ‘भीमा’ में मेवा की भूमिका में अमित भारद्वाज आएंगे नजर

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अमित भारद्वाज, थिएटर, फिल्म और टेलीविजन की दुनिया का एक जानामाना नाम हैं और फिलहाल वो एण्डटीवी के नये सोशल ड्रामा ‘भीमा‘ में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। अमित इस शो की मुख्य किरदार भीमा के पिता मेवा बने हैं। एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अमित ने इस शो, अपने किरदार, मनोरंजन उद्योग में अपने सफर और पारंपरिक बिहारी व्यंजनों से अपने प्रेम के बारे में बात की। प्रस्तुत है इस बातचीत के प्रमुख अंश –

1ण् ‘भीमा‘ में आपको मेवा का किरदार कैसे मिला?

भीमा के बारे में मुझे अपने एक दोस्त से पता चला। उसने मुझे बताया कि राज खत्री प्रोडक्शन्स द्वारा उत्तर प्रदेश के एक किरदार के लिये आॅडिशन्स लिये जा रहे हैं। इस किरदार को लेकर मेरी दिलचस्पी जगी और मैंने अपना प्रोफाइल भेज दिया। फिर मुझे इस रोल के लिये शाॅर्टलिस्ट कर लिया गया। माॅक टेस्ट और आॅडिशन में सफल होने के बाद मुझे ‘भीमा‘ में एक प्रमुख किरदार निभाने का मौका मिल गया, जिससे मैं बहुत खुश हुआ।

2ण् अपने अब तक के सफर के बारे में हमें कुछ बतायें।

मेरे 16 सालों के कॅरियर में यह पहली बार है, जब मुझे एक प्रमुख भूमिका मिली है। मैंने पहले भी बड़े किरदार के लिये आॅडिशन दिये हैं, लेकिन मुझे हमेशा छोटी-मोटी भूमिकायें ही मिली। मेरे कॅरियर की शुरूआत 2008 में ‘अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो‘ में एक कैमियो के साथ हुई थी। विभिन्न चुनौतियों के बावजूद मैंने कभी हार नहीं मानी। इंडस्ट्री में बने रहने के लिये मैंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम किया है। मैं प्रोडक्शन हाउस और चैनल का बेहद शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और वो इस सपने को पूरा करने में मेरी मदद कर रहे हैं।

3ण् क्या आप डबिंग आर्टिस्ट के रूप में अपने काम के बारे में कुछ बता सकते हैं?

मैंने लगभग आठ साल बतौर डबिंग आर्टिस्ट काम किया। इसकी शुरूआत चक्रव्यूह में मेरे रोल के साथ हुई थी, जहां मैंने एक कोच के लिये डब किया था। मैंने हिन्दी और दक्षिण भारत की कई फिल्मों के लिये भी डबिंग की है, जिससे मुझे अपने हुनर को निखारने और इंडस्ट्री में अपने अनुभव को और भी बढ़ाने में मदद मिली।

4ण् ‘भीमा‘ की कौन सी चीज आपको सबसे ज्यादा पसंद है?

शो का काॅन्सेप्ट काफी दिलचस्प और आकर्षक है। 1980 की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘भीमा‘ में भीमा नाम की एक छोटी बच्ची की कहानी दिखाई गई है। यह एक सोशल ड्रामा है, जो उसके संघर्षों और समान अधिकारों के लिये उसके सफर पर आधारित है। इस शो में दर्शकों को उसका साहसिक सफर देखने को मिलेगा, जहां वह अपने परिवार, समाज और आर्थिक स्थितियों द्वारा उत्पन्न बाधाओं से लड़ती है। अनगिनत अन्यायों और भेदभाव का सामना करने के बावजूद वह बेखौफ होकर इन बाधाओं को पार करने की कोशिश करती है।

5ण् शो में अपने किरदार के बारे में हमें बतायें।

मेवा एक विनम्र और भोला-भाला इंसान है, जो दूसरों की तकलीफ को अपनी तकलीफ समझता है और सबकी मदद करने के लिये हमेशा ही तैयार रहता है। मेवा गर्मजोशी से भरपूर है और सभी के प्रति सहानुभूति दिखाता है। उसकी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह अन्याय के खिलाफ कुछ बोल नहीं पाता है।

6ण् आपने इस भूमिका की तैयारी कैसे की?

बिहार का होने के कारण मैं भाषा से परिचित हूं। मुझे जैसे ही इस किरदार के बारे में बताया गया, मैंने मेवा के किरदार में जान डालना शुरू कर दिया और जब शूटिंग नहीं हो रही होती थी, तब भी उसके जैसा ही बर्ताव करता था। इससे मुझे इस किरदार को प्रमाणिकता के साथ प्रस्तुत करने में मदद मिली।

7ण् आप कहां के रहने वाले हैं?

मैं बिहार के गया जिले का रहने वाला हूं, जहां मेरा परिवार रहता है। मुझे याद है कि अक्सर मेरा शाम का वक्त बोध गया में बीतता था, जहां मुझे भगवान का आशीर्वाद और शांति दोनों मिलती है। मुझे बिहार का पारंपरिक भोजन बहुत पसंद है। आलू के पराठे, सत्तू के पराठे, लिट्टी चोखा और चम्पारण चिकन करी मेरे दिल के बेहद करीब है। मैं सिर्फ इन डिशेज पर अपनी पूरी जिंदगी बिता सकता हूं। पटना में निर्माण कलामंच और हज्जू म्यूजिकल थिएटर से मेरी कई खुशनुमा यादें जुड़ी हैं।

8ण् ‘भीमा‘ से दर्शक क्या उम्मीद कर सकते हैं?

भीमा एक सोशल ड्रामा है, जिसकी कहानी एक छोटी सी बच्ची की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। यह शो समान अधिकारों के लिये उसके संघर्षों को दिखाता है। इस शो में दर्शक दृढ़ निश्चय और उम्मीद की एक दमदार कहानी देखेंगे, जहां भीमा परिवार, समाज एवं आर्थिक चुनौतियों की जटिलताओं से गुजरती है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह शो आकर्षक और भावनात्मक रूप से असरदार होगा।

अमित भारद्वाज को मेवा के रूप में देखिये, ‘भीमा‘ में, हर सोमवार से शुक्रवार,
रात 8ः30 बजे, सिर्फ एण्डटीवी पर

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