डीयू के संगीत एवं ललित कला संकाय द्वारा ‘मल्हार उत्सव-2024’ आयोजित

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दिल्ली विश्वविद्यालय के संगीत एवं ललित कला संकाय द्वारा ‘मल्हार उत्सव’ का आयोजन किया गया। 29 एवं 30 अगस्त को आयोजित इस दो दिवसीय उत्सव के माध्यम से वर्षा ऋतु में गाए-बजाए जाने वाले रागों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस उत्सव में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गई। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. श्री प्रकाश सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में डीयू सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष एवं पीआरओ अनूप लाठर और संकाय की विभागाध्यक्ष प्रो॰ अल्का नागपाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान संकाय के सरगम ‘Choir’ द्वारा ‘राग मल्हारी’ के अंतर्गत विभिन्न मल्हार प्रकारों के समूह गायन की प्रस्तुति दी गई।  मल्हार उत्सव की प्रथम प्रस्तुति सरोद वादन की हुई, जिसमें आमंत्रित कलाकार डॉ चंद्रिमा मजमूदार ने राग सूरदासी मल्हार व गौड़ मल्हार का सुमधुर वादन किया। उनके साथ तबले पर संगत राशिद जफर खान ने की। दूसरी प्रस्तुति देश के मूर्धन्य कलाकार पद्मभूषण पंडित साजन मिश्रा एवं उनके सुपुत्र स्वरांश मिश्रा द्वारा दी गई, जिसमें पंडित साजन मिश्रा ने मल्हार अंग प्रमुख राग मियाँ मल्हार एवं मेघ प्रस्तुत किए। उनके साथ तबले पर पंडित विनोद लेले एवं हारमोनियम पर डॉ विनय मिश्र ने मनमोहक संगत की।

 मल्हार उत्सव के दूसरे दिन का प्रारम्भ सरगम ‘Choir’ के छात्र-छात्राओं के द्वारा राग अमृतवर्षिणी के समूह गायन के साथ हुआ। दूसरे दिन की प्रथम प्रस्तुति एकल तबला वादन से हुई जिसमें आमंत्रित कलाकार बनारस घराने के पंडित विनोद लेले ने तबले पर तीन ताल का वादन कर सभी को मंत्रमुग्ध किया। हारमोनियम पर डॉ विनय मिश्रा द्वारा संगत की गयी। दूसरी प्रस्तुति कर्नाटक संगीत जगत की प्रतिष्ठित कलाकार विदुषी वी. राधा ने दी, जिसमें उन्होंने दक्षिण भारतीय संगीत के राग कणकाम्बरी, अमृतवर्षिणी एवं सुरूटी राग का गायन प्रस्तुत किया। मल्हार उत्सव के समापन पर संगीत संकाय के प्रो. राजीव वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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