दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात ख़तरनाक शॉर्प शूटरों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस के अनुसार एक टीम ने कई दिनों से अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी के बाद लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई गिरोह के 07 ख़तरनाक शॉर्प शूटर्स को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और GPS ट्रैकर बरामद किए हैं। GPS ट्रैकर इस मामले में बेहद ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि बदमाश जो टारगेटिंग के लिए हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार रहते थे। हत्या की वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाश टारगेट के वाहन में GPS ट्रैकर लगा देते थे। जैसे ही वाहन सुनसान जगह पर पहुँचता हत्या की वारदात को अंजाम दे देते थे। कई गैंगस्टरों और उनके सक्रिय मॉड्यूल पर लगातार निगरानी के दौरान, एक संदिग्ध रितेश के बारे में एक इनपुट मिला, जो लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट का एक सक्रिय अपराधी है। पुलिस ने रितेश को 23 अक्टूबर को दक्षिण पूर्वी दिल्ली के एक इलाके से गिरफ्तार किया था। रितेश के खुलासे के आधार पर, राजस्थान में आगे की छापेमारी की गई, जिसके परिणाम गंगानगर से दूसरे अपराधी सुखराम को गिरफ्तार किया गया। सुखराम ने खुलासा किया कि उसे भगोड़े अनमोल बिश्नोई और नवीन उर्फ आरजू से निर्देश मिल रहे थे। यह भी पता चला कि पकड़े गए रितेश और सुखराम को पंजाब के अबोहर में गिरोह के दो अन्य गुर्गों से मिलने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 24 अक्टूबर को अबोहर निवासी साहिल और अमर नामक दो और गुर्गों को अबोहर, पंजाब से पकड़ा गया। इसके बाद उसी दिन हरियाणा के सिरसा के अबूबशहर से बादल, प्रमोद और संदीप नामक तीन और गुर्गों को पकड़ा गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अनमोल बिश्नोई और नवीन उर्फ आरजू के सीधे निर्देशों के तहत काम कर रहे थे। उनका वर्तमान कार्य राजस्थान के गंगानगर निवासी सुनील पहलवान और राजस्थान के पूर्व विधायक राज कुमार गौड़ के भतीजे की हत्या को अंजाम देना था। उन्हें और भी लक्ष्य दिए गए थे, जिनकी पहचान परिचालन कारणों से गोपनीय रखी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों क़ब्ज़े से कुल 06 ऑटोमैटिक पिस्टल, 24 जिंदा कारतूस GPS ट्रैकर बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। टोटल ख़बर दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट









