-BJP को सत्ता में आए मात्र 1 महीना हुआ है और रोज़ दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में 4 से 8 घंटे के पावरकट लगना आम बात हो गई है-आतिशी
-दिल्ली में “आप” सरकार के 10 सालों से 24 घंटे बिजली आई, लेकिन BJP सरकार बनते ही ये व्यवस्था फेल हो गई क्योंकि भाजपा को सरकार चलाना नहीं आता-आतिशी
-जब मंत्री सिस्टम सुधारने के बजाय अफसरों से सिर्फ़ “पैसे कैसे बनेंगे?” पूछेंगे, तो सिस्टम बर्बाद ही होगा-आतिशी
- ‘‘आप’’ की सरकार में दिल्ली की बिजली व्यवस्था पूरे देश में सबसे शानदार थी, यह बात खुद भाजपा की केंद्र सरकार ने मानी है- आतिशी
दिल्ली में रोज लग रहे पावर कट को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ‘आप’’ की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा को सरकार चलाने नहीं आती हैं। भाजपा की ‘विपदा’ की दिल्ली को 24 घंटे बिजली देने की न नीयत है और ना ही योग्यता है। इसलिए लोग पावर कट से परेशान हैं। लोगों को 10 साल पहले के परिदृश्य याद रहे हैं। जैसे 10 साल पहले दिल्ली में लंबे-लंबे पावर कट लगते थे, वैसे ही भाजपा की सरकार आते ही लंबे-लंबे पावर लगने लगे हैं। जब मंत्री अफसरों के साथ बैठकर पूछेंगे कि पैसा कैसे आ सकता है तो अफसर भी पैसे बनाने के तरीके ही तलाश करते हैं। उन्हांेने कहा कि ‘‘आप’’ की सरकार में दिल्ली की बिजली व्यवस्था पूरे देश में सबसे शानदार थी। यह बात खुद भाजपा की केंद्र सरकार ने मानी है। हमने दिल्ली में 24 घंटे बिजली देकर दिखाया है।
आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि 10 साल पहले तक दिल्ली लंबे-लंबे पावर कट के लिए जानी जाती थी। दिल्ली की हर महिला के हाथ में हाथ से चलने वाला पंखा होता था और वो अपने बच्चों को गर्मी के दिनों में हाथ से पंखा चलाकर सुलाती थीं। 10 साल पहले तक लंबे-लंबे पावर कट के कारण दिल्ली के हर घर में इनवर्टर हुआ करते थे। 10 साल पहले 2014 की गर्मियों में आखिरी बार दिल्ली में लंबे पावर कट देखे गए थे, जब 6 से 8 घंटे तक बिजली गायब रहती थी।
आतिशी ने कहा कि फरवरी 2015 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली में पावर सप्लाई का परिदृश्य बदल गया। दिल्ली देश का इकलौता राज्य बन गया, जो बिना पावर कट के 24 घंटे बिजली देता रहा है। यह केंद्र सरकार के आंकड़े बता रहे हैं। 03 फरवरी 2025 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश डेटा बताता है कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली आती है। केंद्र सरकार की कंज्यूमर सर्विसेस रेटिंग ऑफ डिस्कॉम्स की 2022, 2023, 2024 की रिपोर्ट भी दिल्ली में ऑपरेशनल रिलायबिलिटी और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की बात करती है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियां हैं, जो 24 घंटे बिजली देती हैं। भाजपा की केंद्र सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि दिल्ली देश में सबसे बेहतरीन बिजली आपूर्ति देती है।
आतिशी ने कहा कि दिल्लीवालों को इन आंकड़ों की जरूरत नहीं है। दिल्लीवालों को पता है कि 24 घंटे बिजली आने की वजह से पिछले 10 साल में उनके घरों से इनवर्टर गायब हो गए। घर में पड़े- पड़े इनवर्टर खराब हो गए और न नए इनवर्टर खरीदने नहीं पड़े और ना ही हर साल बैटरी बदलनी पड़ी। दिल्ली में इनवर्टर और जनरेटर की जरूरत खत्म हो गई थी। लेकिन दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद से लगातार पावर कट्स बढ़ रहे हैं। आज सोशल मीडिया पर दिल्ली में पावर कट को लेकर शिकायतों का अंबार है। लोग ट्वीट कर बताते हैं कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में 5 घंटे, किराड़ी में 3 घंटे, रोहिणी सेक्टर 22 में 6-8 घंटे, तिलक नगर में 8 घंटे, बुराड़ी में 4 घंटे, जगतपुर गांव में 8 घंटे, राजपुर खुर्द में 7 घंटे, करावल नगर में 2 घंटे का पावर कट हो रहा है।
आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार का स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर भी बता रहा है कि 1 मार्च से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में लंबे पावर कट्स हो रहे हैं। 1 मार्च को समलखा, गौतम नगर, पोचनपुर द्वारका, हस्तसाल, लाजपत नगर-2, रजौरी गार्डन, नेब सराय, नांगलोई में एक घंटे से ज्यादा पावर कट हुआ। 2 मार्च को द्वारका, पंचशील एक्सटेंशन, मालवीय नगर, नवादा, डिफेंस कॉलोनी, उत्तम नगर, एम ब्लॉक ग्रेटर कैलाश में एक घंटे बिजली गुल रही। 3 मार्च को उत्तम नगर, घिटोरनी, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी ईस्ट, जनकपुरी, कुतुब विहार, नजफगढ़, नंदनगरी, मीत नगर, मंडोली में एक घंटे से ज्यादा पावर कट रहा। 8 मार्च को पंजाबी बाग में 2 घंटे 44 मिनट, सनलाइट कॉलोनी में 2 घंटे 30 मिनट, पंचशील पार्क में 2 घंटे, बपरोला में 1 घंटे का कट हुआ। 9 मार्च को चाणक्य प्लेस में 2 घंटे, नवादा में डेढ़ घंटा, हस्तसाल में डेढ़ घंटा, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में 1 घंटा, झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया में 1 घंटा, लाल कुआं में 1 घंटे बिजली गई। 10 मार्च को एल ब्लॉक संगम विहार में 3 घंटे 10 मिनट, पंजाबी बाग में 3 घंटे 8 मिनट, ट्रांजिट कैंप गोविंदपुरी में 2 घंटे, पॉकेट-1 सेक्टर 14 द्वारका में 1 घंटे 11 मिनट, बिंदापुर मटियाला में 1 घंटे 30 मिनट बिजली कटी। 11 मार्च को मालवीय नगर में 2 घंटे, नवादा में 1 घंटे 15 मिनट, रनहोला में 1 घंटे 20 मिनट का कट हुआ। 15 मार्च को बिंदापुर में 2 घंटे 22 मिनट बिजली गई। बीते 24 मार्च को बुराड़ी में 4 घंटे, जगतपुर गांव में 8 घंटे से ज्यादा, छतरपुर एक्सटेंशन में रोज 3 से 4 घंटे बिजली कट रही है।
आतिशी ने कहा कि पावर कट को लेकर दिल्लीवालों की परेशानी सोशल मीडिया पर साफ दिख रही है। 10 साल तक दिल्ली में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हुई और केंद्र सरकार के आंकड़े भी पुष्टि करते हैं कि पूरे देश में सबसे बेहतरीन बिजली की आपूर्ति दिल्ली में मिल रही है। वहीं, भाजपा की सरकार बनते ही मात्र एक महीने में दिल्ली में जगह-जगह पावर कट्स होने लग गए। इसका मतलब है कि भाजपा को सरकार चलानी नहीं आती है। भाजपा के पास बिजली समेत अन्य विभागों को चलाने की योग्यता ही नहीं है, तभी दिल्ली की चलती हुई 24 घंटे बिजली व्यवस्था फेल हो गई।
आतिशी ने कहा कि सरकार चलाने के दो तरीके होते हैं। सरकार में या तो काम कर सकते हैं या फिर पैसे बना सकते हैं। जब मंत्री दिन भर बैठ कर अफसरों से पूछेंगे कि कांट्रैक्ट्स, बिजली कंपनियों, ट्रांसफर, हाईटेंशन लाइन लगने से कैसे पैसा आ सकता है तो अफसर भी पैसे बनाने के तरीके इकट्ठे करते हैं और मंत्री तक पहुंचाते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री अफसरों से पूछते थे कि 24 घंटे बिजली कैसे आएगी, बिंदापुर में 10 मिनट या बुराड़ी में आधे घंटे के लिए बिजली कैसे कट गई, तो फिर अफसर बिजली की व्यवस्था को सुनियोजित करने के लिए काम करते हैं। जैसी सरकार की नीयत और योग्यता योग्यता होती है, वैसी गवर्नेंस दिल्ली व देश के लोगों को मिलती है। आम आदमी पार्टी की सरकार की 24 घंटे बिजली देने की नीयत थी। इसलिए दिल्लीवालों को 24 घंटे बिजली मिली। भाजपा सरकार की न नीयत है और ना ही योग्यता है। इसलिए आज दिल्लीवाले पावर कट से परेशान हैं।
आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने यह दिखा दिया कि 24 घंटे बिजली आ सकती है और दिल्ली में 10 साल से आ रही थी। क्योंकि ‘‘आप’’ सरकार के मंत्री अफसरों से सिर्फ काम की बात करते थे। एक महीने में ऐसा क्या हो गया कि 10 साल से दिल्ली में 24 घंटे बिजली आ रही थी, तो एक महीने में ही ऐसा क्या हो गया और मंत्रियों ने मीटिंग में क्या कहना शुरू कर दिया कि अब 24 घंटे बिजली नहीं आ रही है? उन्होंने कहा कि मैं खुद बिजली मंत्री रही हूं। जब मंेटिनेंस के लिए शेड्यूल्ड पावर कट होता है तो संबंधित एरिया के लोगों को मैसेज जाता है कि 11 से 12 बजे तक बिजली कटेगी। लेकिन जब फॉल्ट्स होते हैं, ट्रांसफार्मर फुंकते हैं, सिस्टम फेल होता है, जब बिजली की लाइनें खराब होती हैं, तब किसी को कोई सूचना नहीं मिलती है। अगर लोगों के पास बिजली कंपनियों का मैसेज आ गया होता तो वे इतने गुस्से में सोशल मीडिया पर ट्वीट नहीं करते।









