दिल्ली कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री स्व. शीला दीक्षित की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई

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*“स्व. शीला दीक्षित आधुनिक दिल्ली की शिल्पकार थीं। उनके नेतृत्व में दिल्ली ने बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की-देवेन्द्र यादव हम बीजेपी की दिल्ली सरकार से उम्मीद करते हैं की वह श्रीमती शीला दीक्षित द्वारा बनाए गए विश्वस्तरीय ढाँचें को और मजबूत बनाकर दिल्ली में विकास करेंगे ना की आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकारी के 11 वर्ष के कार्यकाल की तरह दिल्ली के संस्थागत डाँचे को बर्बाद करके केवल विज्ञापनों के द्वारा दिल्लीवालों को भ्रमित करने का काम करेंगे-देवेंदे यादव ।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज दिल्ली कांग्रेस कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. शीला दीक्षित की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थकों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व सांसद संदीप दीक्षित पूर्व मंत्री डॉ नरेंद्र नाथ किरण वालिया मीडिया कम्युनिकेशन अध्यक्ष अनिल भारद्वाज जतिन शर्मा, जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ राव, धर्मपाल चंदेल राजकुमार जैन हर्ष चौधरी आदेश भारद्वाज डॉ पीके मिश्रा जेपी पावर सुनील कुमार एडवोकेट आभा चौधरी अशोक भसीन शामिल हुए

देवेंद्र यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. शीला दीक्षित को याद करते हुए कहा, “स्व. शीला दीक्षित आधुनिक दिल्ली की शिल्पकार थीं। उनके नेतृत्व में दिल्ली ने बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनका दृष्टिकोण हमें निरंतर प्रेरित करता रहेगा।”

इस अवसर पर उन्होंने 1998 से 2013 के उनके कार्यकाल की कुछ प्रमुख उपलब्धियों को याद किया और बीजेपी की दिल्ली सरकार से उम्मीद करते हुए कहा के वह शीला दीक्षित द्वारा बनाए गए विश्वस्तरीय ढाँचें को और मजबूत बनाकर दिल्ली में विकास करेंगे ना की आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकारी के 11 वर्ष के कार्यकाल की तरह दिल्ली के संस्थागत डाँचे को बर्बाद करके केवल विज्ञापनों के द्वारा दिल्लीवालों को भ्रमित करने का काम करेंगे। श्री देवेन्द्र यादव ने कहा की श्रीमती शीला दीक्षित के द्वारा किए गए विकास के कार्यों की लंबी लिस्ट है परंतु विकास के कुछ महत्वपूर्ण इस प्रकार थें । बुनियादी ढांचा विकास:दिल्ली में 65 से अधिक फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और रेलवे अंडरब्रिज (RUB) का निर्माण, साथ ही 60 से अधिक फुटओवर ब्रिज और सबवे का निर्माण किया गया।
जल और सीवरेज प्रबंधन: दिल्ली में जल आपूर्ति 591 MGD (1998-99) से बढ़कर 850 MGD (2012-13) हो गई, जबकि सीवरेज ट्रीटमेंट क्षमता लगभग 284 MGD से 545 MGD हो गई।
बिजली सुधार: ठोस नीतियों के चलते दिल्ली में बिजली कटौती समाप्त हो गई और वितरण हानि 60% से घटकर 17% हो गई।
सार्वजनिक परिवहन: सीएनजी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की शुरुआत, दिल्ली मेट्रो (चरण I और II) का विस्तार, और DTC बेड़े का आधुनिकीकरण जिसमें 5,800 से अधिक नई बसें शामिल की गईं।
शिक्षा और स्वास्थ्य: छह नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, दिल्ली सरकार के अस्पतालों की संख्या 25 से बढ़कर 38 हो गई और अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 24,025 से 43,500 हो गई।
सामाजिक कल्याण: लाड़ली योजना, जननी सुरक्षा योजना, भागीदारी आटा योजना, और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाएं जिनका उद्देश्य महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और वंचित समुदायों को सशक्त बनाना था।
आवास योजना: JNNURM के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आवास योजना चलाई गई। राजीव रत्न योजना के फ्लैट्स आज भी बनकर तैयार हैं, लेकिन वे खंडहर हो रहे हैं।

शीला दीक्षित जी को श्रद्धांजलि देते हुए देवेंद्र यादव ने अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार की असफलताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशासन पर भ्रष्टाचार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया और बेरोजगारी, महंगाई, कचरा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन जैसे मुद्दों की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए ।
उन्होंने भाजपा सरकार की लोकलुभावन घोषणाओं, जैसे ₹2,500 मासिक भत्ता, सस्ती एलपीजी, गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन योजनाओं को लागू करने के लिए कोई ठोस राजस्व उत्पन्न करने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने अपनी 75% संसदीय घोषणाओं को पूरा करने में विफलता दिखाई है और हमें आशंका है कि भाजपा की दिल्ली सरकार का यह बजट भी केवल एक ‘जुमला’ बनकर रह जाएगा।”

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शीला दीक्षित को आधुनिक दिल्ली का शिल्पकार कहा जाता है क्योंकि उन्होंने दिल्ली के विकास के लिए पूंजीगत व्यय किया और लाभकारी योजनाएं चलाईं। उन्होंने दिल्ली के बजट को हमेशा राजस्व सरप्लस रखा, जबकि केजरीवाल सरकार में 31 वर्षों के बाद यह घाटे में पहुंच गया।

देवेंद्र यादव ने दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेत्री श्रीमती आतिशी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार ने शीला दीक्षित के 24 घंटे बिजली के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर का श्रेय लेने का प्रयास किया, जबकि उन्होंने दिल्ली की बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया। उन्होंने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस द्वारा 400 MW बिजली बिना टेंडर के खरीदे जाने के सवाल पर चुप्पी साधने और इशारों में आरोप लगाने की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि हाल ही में इस भ्रष्टाचारपूर्ण शॉर्ट-टर्म बिजली खरीदी पर चुप्पी और विधायकों की तनख्वाह के सवाल पर चुप्पी यह स्पष्ट कर रही है कि आम आदमी पार्टी अब जनता के मुद्दों पर सवाल खड़े करने की बजाय भाजपा के साथ या उसे बचाते हुए नजर आ रही है। विधानसभा सत्र में भी केजरीवाल और भाजपा एक-दूसरे के पापों पर पर्दादारी करते हुए नजर आए।

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