परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने ली DTC बोर्ड की बैठक, दिल्ली पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और बेहतर, सुरक्षित और आसान बनाने को लेकर हुई चर्चा

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  • दिल्ली सरकार करेगी डीटीसी डिपो में EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, राजघाट डिपो में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि
  • हमारा लक्ष्य नागरिकों को एक विश्वसनीय और कुशल यातायात सेवा देना है। जो निर्णय हमने लिए हैं, वे हमारी डिजिटल प्रगति, सार्वजनिक परिवहन सुविधा और पर्यावरण की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। बेहतर बुनियादी ढांचे और स्वच्छ परिवहन के साथ, हम दिल्ली को भारत की EV राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ रहे हैं।-मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह
  • दिल्ली सरकार ने विभिन्न एजेंसियों के लिए DTC इलेक्ट्रिक बसों की विशेष किराया दरें निर्धारित करने की पेशकश की हैं।
  • बंदा बहादुर मार्ग डिपो और सुखदेव विहार डिपो को मल्टीलेवल पार्किंग के साथ व्यावसायिक परियोजना के रुप में पुनर्विकसित किया जाएगा।
  • DTC जल्द ही UPI और कार्ड-आधारित ऑटोमेटिक किराया संग्रह प्रणाली शुरु करेगा जिसमें वित्तीय बोझ कम होगा।
  • नया वाहन फिटनेस सेंटर और प्रदूषण जांच इन्फ्रास्ट्रक्चर से हर साल 72,000 वाहनों की जांच संभव होगी। यह दिल्ली को स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।
  • ड्राइवरों, कंडक्टरों और आम नागरिकों के लिए सात नए ट्रेनिंग कोर्स शुरु किए जाएंगे।

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के इन्फ्रास्ट्रक्चर को किस तरह से मजबूत किया जाए और इसकी आय बढाई जाए इसपर चर्चा करने के लिए परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में DTC बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक परिवहन के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने और विकसित दिल्ली के संकल्प को पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनमें EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, ऑटोमेटिक किराया संग्रह प्रणाली की शुरुआत, ड्राइवरों, कंडक्टरों और आम जनता के लिए सात नए ट्रेनिंग कोर्स, तथा प्रदूषण जांच के इन्फ्रास्ट्रक्चर का नवीनीकरण शामिल हैं।

माननीय परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा, “हम सिर्फ सुधार नहीं कर रहे हैं, बल्कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का भविष्य बना रहे हैं। हमारा विजन नागरिकों को एक विश्वसनीय, कुशल और विश्वस्तरीय यातायात अनुभव प्रदान करना है। बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय हमारे डिजिटल उन्नति, सार्वजनिक सुविधा और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता हैं। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ परिवहन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के एकीकरण के साथ, हम दिल्ली को भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) राजधानी बनाने की दिशा में काम कर रहें हैं।

DTC डिपो में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और खाली पड़ी भूमि के बेहतर उपयोग के लिए इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (EPIL) भारत सरकार के तहत एक मिनी रत्न सार्वजनिक कंपनी है- ने बाबा बंदा बहादुर मार्ग डिपो और सुखदेव विहार डिपो के पुनर्विकास में रुचि दिखाई है। यह परियोजना एक स्ववित्तपोषित मॉडल के तहत प्रस्तावित की गई है, जिसमें डीटीसी को किसी प्रकार की वित्तीय सहायता नहीं देनी होगी। इस पहल से डीटीसी के डीपों में खाली पडी भूमि का सही उपयोग होगा और यात्री सुविधाओं में सुधार आएगा।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से बढ़ते बेड़े को सुचारु रूप से संचालित करने और ग्रीन एनर्जी को बढावा देने के लिए परिवहन विभाग DTC डिपो में EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगा। यह कदम राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत राजघाट डिपो में EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 5 करोड़ की राशि जारी की जाएगी जिससे दिल्ली के स्वच्छ और हरा भरा बनने के मिशन को और गति मिलेगी।

ऑटोमेटिक किराया संग्रह प्रणाली (AFCS) लागू की जाएगी ताकि यात्री सुविधा और डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जा सके। इस प्रणाली के तहत, यात्री अब UPI या कार्ड आधारित भुगतान से टिकट खरीद सकेंगे। पायलट परियोजना पहले ही राजघाट, हसनपुर और कालकाजी डिपो में कैनरा बैंक के साथ साझेदारी में लागू की जा चुकी है। इस पहल से पांच साल तक DTC पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और टिकट प्रिंटिंग खर्चों में कमी करने से संचालन लागत में भी कमी आएगी।

इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, इलेक्ट्रिक बसों के लिए विशेष किराया दरें पेश की जाएंगी, जिन्हें अब विभिन्न एजेंसियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। ये बसें दिल्ली पुलिस, सरकारी और निजी एजेंसियों के साथ-साथ फिल्म शूटिंग के लिए भी उपलब्ध होंगी।

नए वाहन फिटनेस सेंटर और प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसमें 72,000 वाहनों की जांच करने का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है। यह पहल वायु गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण नियंत्रण मानकों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, कुशल और यात्री अनुकूल बनाने सात नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने जा रही है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से ड्राइवरों, कंडक्टरों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा, यात्री सेवा और संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम से डीटीसी को लगभग 3.5 करोड़ रुपये की आमदनी भी अनुमानित है।

सरकार का मानना है कि सेवा प्रदाताओं और उपयोगकर्ताओं दोनों को प्रशिक्षित कर के न केवल सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को और अधिक जिम्मेदार, सुरक्षित और आसान बनाया जा सकेगा।

दिल्ली सरकार राजधानी में एक स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन प्रणाली के विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि नागरिकों को न केवल बेहतर यातायात सुविधाएं मिलें, बल्कि उन्हें एक स्वच्छ पर्यावरण और सुविधाजनक, गरिमापूर्ण जीवन भी प्राप्त हो।

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