दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रिकॉर्ड तोड़ भीष्ण गर्मी के कारण अस्पतालों में जहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है वहीं दिल्ली सरकार बीमार लोगों को अस्पतालों में व्यवस्थित सुविधाएं देने तक में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। हीट वेव से निपटने के लिए व्यापक योजना की घोषणा के बावजूद 45 डिग्री तापमान में जहां मरीज अपनी बीमारी से अधिक प्रभावित हो रहे है वहीं उनको अस्पताल तक लाने वाले सहायक लोगों को अस्पताल में बैठने तक की सुविधा नही है, दिल्ली सरकार की नाकामी ओर विफलता को दर्शाता है। जबकि मौसम विभाग की हीटवेव की लगातार चेतावनी के बावजूद सरकार हीटवेव से निजात दिलाने वाली योजना को लागू करने में भी फेल साबित हुई है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकारों के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार के अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं का बखान कर रही है। अस्पतालों में मरीजों के तीमारदार खुले में बैठने को मजबूर है। अस्पताल में मराजों के इंजतार करने की जगह पंखे तक नही है और भीड़ के कारण साथी लोगों को अंदर बैठने तक नही दिया जा रहा। कहीं परिजन पेड़ के नीचे बैठने को मजबूर है तो कहीं भीष्ण गर्मी में टीन शेड के नीचे खड़ा होने को मजबूर हैं, धूप से बचने के लिए टीन शेड की तपत में मजबूरी में खड़े है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में जो गर्मी से प्रभावित मामले आ रहे है वो रिक्शा चालक, मजदूर, सड़कों अजीविका चलाने वाले, रेहड़ी पटरी वाले लोग है जिनमें पेट दर्द, उल्टी, पानी की कमी और चक्कर आने आदि शिकायतें है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का अंबार है, पंखे तक नही है, मरीजों के लिए पर्याप्त सुविधा नही है, पीने के पानी की सुविधा नही है, कुछ अस्पतालों में वाटर कूलर लगे है लेकिन पानी नही है। लिफ्ट तक काम नही कर रही है, जिससे मरीजां और परिजनों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों को ज्यादा परेशानी हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार कड़कड़डूमा स्थित हेडगेवर अरोग्य अस्पताल में ओपीडी में ओपीडी में 7-10 प्रतिशत मरीज भीषण गर्मी से जुड़ी बीमारियों के है, मरीजों की गंभीर हालात के बावजूद डाक्टर मरीजों को कह रहें है भर्ती करने की जरुरत नही है। ऐसी ही हालत जीटीबी अस्पताल, स्वामी दयानन्द अस्पताल की है जहां पर गर्मी में बुनियादों सुविधाओं के साथ अन्य व्यवस्थाएं ओझल है। उन्होंने कहा कि यदि इन अस्पतालों की जगह अगर दिल्ली में 30-40 सरकारी अस्पतालों के हालातों का आंकलन करें तो हालात अत्यधिक संवेदनशील हैं।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार ने 100 दिनों में दिल्ली के अस्पतालों को आईसीयू से वेंटीलेटर में पहुॅचा दिया है। भीष्ण गर्मी के कारण मरीजों की बढ़ती भीड़ ने अस्पतालां में सुविधाओं और व्यवस्थाओं की कमी की वास्तविकता को उजागर कर दिया है। श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता झूठी घोषणाएं और बड़बोला पन छोड़ दिल्ली वालों की जिंदगी को बचाने के लिए प्राथमिकता से काम करें क्योंकि दिल्ली के अस्पतालों के बदहाल हालात किसी से छिपे नही है।