‘आप जैसा कोई’ में श्रीरेणु के रूप में आर. माधवन की वन-टेक में अद्वितीय परफॉर्मेंस ने दर्शकों को कर दिया मंत्रमुग्ध

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*”आप जैसा कोई” के BTS में आर. माधवन की एक-टेक प्रतिभा: वह सीन जिसने फिल्म को बना दिया खास

*आप जैसा कोई में आर. माधवन ने सिनेमाई वन-टेक दिया: बीटीएस देखें!

*”और खुद को भी हैरान कर दें”: ‘आप जैसा कोई’ में आर. माधवन का अनकट बीटीएस का जादू

*”जब आपका पूरा फोकस एक ही टेक में सब सही करने पर हो”: ‘आप जैसा कोई’ में आर. माधवन की BTS परफॉर्मेंस ने सबका ध्यान खींचा

‘आप जैसा कोई’ के हालिया बीटीएस वीडियो में एक सम्मोहित कर देने वाले वन-टेक सीन में, पैन-इंडिया पॉवर-हाउस आर. माधवन फ्रेम और दर्शकों की साँसें थाम लेते हैं — हाथों में केवल एक सितार और आँखों में एक भावनाओं का तूफ़ान।
आर. माधवन और फातिमा सना शेख इस दृश्य में एक मंत्रमुग्ध कर देने वाली जुगलबंदी रचते हैं, जहाँ संगीत और भावना की सीमाएँ धुंधली पड़ जाती हैं। यह सीन एक सतत, बिना किसी कट के टेक में शूट किया गया है। इस पल आर. माधवन के शांत बैठे होने, उनके हाथों द्वारा सहजता से सितार पर नियंत्रण रखने और ऐसे स्वर निकालने के साथ घटित होता है जो मानो कहीं दूर गहराई से गूँज रहे हों।

सबसे ख़ास बात है आर. माधवन का सितार पर नियंत्रण, सिर्फ़ एक वाद्य यंत्र की तरह नहीं, बल्कि उनके किरदार श्रीरेणु की आत्मा का विस्तार हो। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि इस दृश्य के लिए माधवन ने विशेष रूप से सितार बजाना सीखा — उनके परफॉर्मेंस को यह वास्तविकता और भी प्रामाणिक बनाती है।
यह सीन बिना किसी कट या एडिट के सीधे दिल से जुड़ता है, जहाँ माधवन का अभिनय पूरी तरह केंद्र में है।

उन्होंने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “”जब आप पूरा फोकस एक ही टेक में सही करने पर लगाते हैं और खुद को भी चौंका देते हैं।”

पोस्ट देखें:

https://www.instagram.com/reel/DMUBVhoTlSf

डीओपी के इशारों के साथ कैमरा आर. माधवन और फातिमा के बीच सहजता से चलता है, और उनके बीच की केमिस्ट्री को बख़ूबी कैद करता है। हर नज़र की हल्की सी हरकत, हर साँस का उतार-चढ़ाव — कैमरा उस भावनात्मक तनाव को पकड़ता है, जो बिना कहे ही सब कुछ कह जाता है।

नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग और पहले से ही नंबर 1 पर ट्रेंड कर रहा “आप जैसा कोई” हर जगह दर्शकों के दिलों में उतर गया है, और खास तौर पर यही वो सीन है जिसे दर्शकों का ध्यान सबसे ज़्यादा खींचा है। यह सीन न केवल माधवन के सितार पर नियंत्रण को दर्शाता है, बल्कि उनके किरदार श्रीरेणु के भीतर के संसार — उसकी चुप्पी, ठहराव और अनकहे जज़्बातों को भी जीवंत कर देता है।

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