Listen to this article

कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में बीते दिनों जो समस्याएँ सामने आईं, उन्हें आयोग ने गंभीरता से लिया है।
SSC चेयरमैन एस. गोपालकृष्णन ने कहा कि चाहे वह तकनीकी खामियाँ हों या केंद्रों की लापरवाही—अब इन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
24 जुलाई 2025 से परीक्षा में आधार फेस ऑथेंटिकेशन और C-DAC की तकनीकी मदद को लागू कर दिया गया है ताकि नकल पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। नई Public Examination Act के तहत गड़बड़ी करने वाले परीक्षा केंद्रों पर केस दर्ज हो रहे हैं और कई केंद्रों को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है।
दिल्ली के एक सेंटर में एंट्री को लेकर समस्या आने पर SSC ने उस सेंटर को फौरन आगामी परीक्षाओं से हटा दिया।
पेन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों के बाद अब सभी केंद्रों पर ब्रांडेड पेन भेजे जा रहे हैं। वेरिफिकेशन और सीटिंग में देरी को दूर करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर दिया गया है, और वॉशरूम जैसी सुविधाओं को लेकर भी सभी केंद्रों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
हर दिन करीब 1.5 लाख छात्र, 183 केंद्रों और 311 लैब्स के ज़रिए परीक्षा में शामिल हो रहे हैं और SSC का कहना है कि छात्रों के विश्वास को कायम रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
तो कुल मिलाकर, कर्मचारी चयन आयोग उन तमाम चुनौतियों का संज्ञान ले चुका है जिनसे लाखों छात्र जूझ रहे थे और अब एक नए, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *