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HCL Foundation ने सोमवार को ‘स्पोर्ट्स फॉर चेंज’ कार्यक्रम के तहत देश के शीर्ष और उभरते पैरा एथलीट्स को समर्थन देने की नई पहल की घोषणा करी। HCL फाउंडेशन की ‘स्पोर्ट्स फॉर चेंज’ पहल विविध और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले युवा खिलाड़ियों को खेल के माध्यम से व्यक्तिगत और पेशेवर बदलाव लाने के लिए सशक्त बनाती रही है। पैरालिम्पिक कमिटी ऑफ़ इंडिया (PCI) के सहयोग से शुरू की जा रही नई पहल का उद्देश्य शीर्ष पैरा-एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में मजबूत समर्थन देना है। बताया जाता हैं कि कुल 14 शीर्ष पैरा एथलीट्स को 37 लाख रुपये मूल्य के स्पोर्ट्स उपकरण दिए गए। जिन खिलाड़ियों को यह सहायता मिली उनमें संदीप सिर्गर: लगातार तीन वर्षों (2022 , 24) तक डब्ल्यूपीए ग्रैंड प्रिक्स में भाला फेंक में गोल्ड। गायत्री एचएम 2024 वर्ल्ड बोसिया चैलेंजर, काहिरा (मिस्र) में सिल्वर। कस्तूरी राजमणी: 2024 पैरा पॉवरलिफ्टिंग वर्ल्ड कप , पटाया (थाईलैंड) में ब्रॉन्ज। प्रदीप कुमार 2022 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक में सिल्वर और माराकेच 2023 ग्रैंड प्रिक्स में ब्रॉन्ज। अमिषा रावत: 2023 डब्ल्यूपीए ग्रैंड प्रिक्स, नॉटविल (स्विट्ज़रलैंड) में भाला फेंक में ब्रॉन्ज। भाग्यश्री माधवराव जाधव: 2022 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में शॉट पुट में सिल्वर। HCL फाउंडेशन की ‘स्पोर्ट्स फॉर चेंज’ पहल के तहत समर्थित छह उभरते पैरा-एथलीट्स को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी गई। आइए देखते हैं यह विशेष रिपोर्ट में टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना ने पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया और HCLTech में ग्लोबल CSR की SVP और HCL फाउंडेशन की डायरेक्टर डॉ. निधि पुंधीर से विशेष बातचीत कर जाना
देखिए ये रिपोर्ट में

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