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हर साल सड़क पर दम तोड़ती 1.5 लाख जिंदगियों को बचाने की जंग; सिक्स सिग्मा ने देश को समर्पित की अत्याधुनिक एम्बुलेंस सेवा। देश में होने वाली आकस्मिक मौतों में से 30% मौतें केवल इसलिए होती हैं क्योंकि एम्बुलेंस में केवल ‘ट्रांसपोर्ट’ की सुविधा होती है, ‘उपचार’ की नहीं। भारत की सड़कों पर हर घंटे लगभग 18 लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इनमें से अधिकांश मौतें अस्पताल पहुँचने से पहले, सही इलाज न मिलने के कारण रास्ते में ही हो जाती हैं। इसी दर्दनाक हकीकत को बदलने और ‘राष्ट्र निर्माण’ के संकल्प के साथ, सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर माउंटेन मेडिसिन सोसाइटी ऑफ इंडिया ने एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट (एसीएलएस) ‘जीवन रक्षक’ एम्बुलेंस नेटवर्क की शुरुआत की है। इस मिशन का औपचारिक फ्लैग ऑफ समारोह गुरुग्राम में आयोजित किया गया, जहाँ से इन ‘चलते फिरते जीवन रक्षक’ एम्बुलेंस’ के बेड़े को देश की सेवा में रवाना किया गया। आंकड़े जो आँखें खोल देते हैं :- भारत में सड़क दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों का परिदृश्य अत्यंत गंभीर है।
मौत का आंकड़ा भारत में हर साल लगभग 1,68,000 से ज़्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। डॉ० राघवपत सिंघानिया, एमडी ने कहा की आकड़े बताते है की 50% से अधिक मौतों को टाला जा सकता है, यदि मरीज को दुर्घटना के पहले 60 मिनट (गोल्डन आवर) के भीतर उन्नत चिकित्सा सहायता मिल जाए सिर्फ वाहन नहीं, ‘आईसीयू ऑन व्हील्स’ सिक्स सिग्मा की यह एसीएलएस एम्बुलेंस अत्याधुनिक आई सी यू -ग्रेड मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर, और कार्डियक लाइफ सपोर्ट उपकरणों से लैस है। यह सेवा उस अंतर को मिटा देगी जहाँ अस्पताल पहुँचने के इंतज़ार में सांसें थम जाती थीं। सिक्स सिग्मा के सीईओ डॉ॰ प्रदीप भारद्वाज ने भावुक होते हुए कहा: यह पल सिर्फ खुशी का नहीं, बल्कि एक भारी जिम्मेदारी का है। अब सड़क पर गिरने वाली हर सांस और हर धड़कन हमारी जिम्मेदारी है। यह सिर्फ एक एम्बुलेंस नहीं, यह ‘जिंदगी की फौज’ है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी परिवार सिर्फ इसलिए अपना चिराग न खोए क्योंकि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन या डॉक्टर नहीं था। हर एम्बुलेंस में अनुभवी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। इन एम्बुलेंसों का संचालन सेना एवं अर्धसैनिक बलों द्वारा प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ कर रहा है।इमरजेंसी कॉल सेंटर 24×7 सुनिश्चित करेगा कि सूचना मिलते ही बिना एक सेकंड गंवाए मदद रवाना हो। माधवकृष्ण सिंघानिया, जे एम डी, ने फ्लैग ऑफ के दौरान कहा “देश में हृदयाघात और सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। शुरुआती 10 से 15 मिनट जीवन और मृत्यु के बीच की कड़ी होते हैं। हमारी ACLS सेवा मौके पर ही इलाज शुरू कर मृत्यु दर को न्यूनतम करने का प्रयास करेगी। सेवा ही हमारा धर्म है और जीवन रक्षा हमारा राष्ट्र कर्तव्य। सिक्स सिग्मा जेकेसी ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत जन स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि एक विकसित राष्ट्र वही है जहाँ उसके नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। फ्लैग-ऑफ के दौरान कैप्टेन आर के शर्मा, डॉ॰ अनीता भारद्वाज, डॉ॰ कुलराज कपूर, डॉ॰ समीर भाटी, डॉ॰ भगवत राजपूत, डॉ॰ आशीष शर्मा, डॉ॰ भारत शर्मा, डॉ॰ सिद्धांत, डॉ॰ अरुण कुमार आदि मौजूद रहे ।

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