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दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में स्थानीय निवासियों और ‘वॉयस ऑफ बुराड़ी’ संगठन के बैनर तले एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। यह विरोध मार्च ‘बुराड़ी बंद’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। रविवार को सुबह से लोगों को हजूम जुड़ना शुरू हो गया था। बुराड़ी मोड़ से शुरू होकर यह मार्च बुराड़ी मेट्रो स्टेशन तक निकाला जाना तय किया गया था। जिसमें हजारों की संख्या में पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। लेकिन पुलिस ने मेट्रो स्टेशन तक नहीं जाने दिया। थाने से महज़ थोड़ा दूरी पर ही लोगों को रोक दिया गया। बताया जाता है की यह बंद को लेकर क्षेत्र के कई गाने मानें लोग शामिल हुए। बुरारी से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी मंगेश त्यागी अधिवक्ता रामवीर चौहान , वॉयस ऑफ बुराड़ी’ के युवा चेहरे जितेंद्र जीतू , अधिवक्ता नरेंद्र सोनी, जिला अध्यक्ष आदेश भारद्वाज , क्षेत्रीय समाजसेवी रतन त्यागी के आलवा बड़ी संख्या में अधिवक्ता मंच के कई गाने माने अधिवक्ता इस आंदोलन में शामिल हुए। बता दे की मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की बदहाल सड़कों, विशेष रूप से 100 फुटा रोड की दयनीय स्थिति, गलियों में फैली गंदगी और धूल-धुएँ से उत्पन्न हो रहे गंभीर वायु प्रदूषण की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर “बुराड़ी की रोड कब बनेगी?”, “सड़कों पर इतने गड्ढे क्यों?” और “सीवर के नाम पर धूल-मिट्टी क्यों?” जैसे सवाल लिखे थे, जो वर्षों से उपेक्षित बुनियादी सुविधाओं के प्रति जनता के आक्रोश को स्पष्ट रूप से दर्शा रहे थे। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की और स्थानीय प्रशासन व संबंधित विभागों के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र के संसद और विधायक के ख़िलाफ़ भी जमकर नारेबाजी करी और इस सड़क निर्माण में हो देरी को लेकर नारेबाजी करी। वक्ताओं ने कहा कि धूल और धुएँ के कारण लोगों का दम घुट रहा है और औसत जीवन कम हो रही है, लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साफ हवा में सांस लेना और ट्रैफिक जाम मुक्त आवागमन बुराड़ी के नागरिकों का मौलिक अधिकार है, जिससे उन्हें वंचित रखा जा रहा है। सड़कों की जर्जर हालत के कारण आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं और जलभराव की समस्या ने स्थानीय जीवन को नर्क बना दिया है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही 100 फुटा रोड का पुनर्निर्माण और गलियों की मरम्मत नहीं की गई, तो यह आंदोलन का रूप धारण करेगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘बुराड़ी बंद’ का भी व्यापक असर देखने को मिला, जहां स्थानीय व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर जनता की मांगों का समर्थन किया। संगठन ने समर्थन जुटाने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था, जिस पर हजारों लोगों ने मिस्ड कॉल देकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। आइए देखते हैं टोटल खबरें के विशेष संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में जब मौके पर प्रदर्शनकारियों और वॉयस ऑफ बुराड़ी’ संगठन के युवाओं से बात करी इस पर उन्होंने क्या कहा देखिए यह रिपोर्ट में।

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