आज दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) और गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी), वड़ोदराके बीच मेट्रो भवन में डॉ. विकास कुमार, प्रबंध निदेशक/डीएमआरसी और प्रोफेसर (डॉ.) मनोज चौधरी, कुलपति/गति शक्ति विश्वविद्यालय, वड़ोदरा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में शैक्षणिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। यह ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन सहयोग को बढ़ावा देने, शैक्षणिक प्रयासों को समृद्ध करने और इन दो प्रमुख संस्थानों के बीच एक स्थायी साझेदारी स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में है।
अब डीएमआरसी और जीएसवी (GSV) दोनों मिलकर परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान के लिए काम करेंगे, विशेष रूप से मेट्रो रेल प्रौद्योगिकी से संबंधित जिससे अनुसंधान, शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा; वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रबंधन मुद्दों की समझ को सुदृढ करना; ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक निर्बाध मंच स्थापित करना; शक्तियों के संयोजन द्वारा विभिन्न विषयों में नवीन समाधानों को बढ़ावा देना और सहभागी शिक्षा के माध्यम से क्षमता निर्माण को बढ़ाना है। साथ ही सहयोगात्मक प्रयासों से शैक्षणिक और परिवहन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
डॉ. विकास कुमार, प्रबंध निदेशक/डीएमआरसी ने इस पहल में शामिल सभी लोगों को उनके समर्पण और दूरदर्शिता के लिए बधाई देते हुए कहा “यह सहयोग वास्तव में दोनों संस्थानों के लिए लाभदायी है जो राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” वर्ष 2002 से डीएमआरसी, अपनी प्रमुख प्रशिक्षण अकादमी ‘दिल्ली मेट्रो रेल अकादमी’ के माध्यम से प्रोजेक्ट की प्लानिंग, परिचालन के क्रियान्वयन और रेल आधारित शहरी परिवहन प्रणालियों के रखरखाव आदि विभिन्न पहलुओं पर कस्टमाइज्ड प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है जब कि गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी), परिवहन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भारत का पहला विश्वविद्यालय है। यह विश्वविद्यालय उच्च गुणवत्ता वाली मेनपावर निर्माण के लिए शिक्षा-उद्योग इंटरफ़ेस के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल और प्रयोग के द्वारा अनुसंधान में एक अद्वितीय प्रस्ताव प्रदान करता है।



