दिल्ली विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा विश्वविद्यालय के हिंदू अध्ययन केंद्र में ई – संसाधनों का परिचय हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत सैंट्रल रेफरेंस लाईब्रेरी से भावना वशिष्ट उपस्थित रही। उनके साथ हिंदू अध्ययन केंद्र के निर्देशक प्रो. ओमनाथ बिमली, सह निर्देशक डॉ. प्रेरणा मल्होत्रा, प्रो. एन. के. कक्कड़ एव अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि अनुसंधान क्रियाविधि ( Research Methodology) का महत्व क्या है और छात्र छत्राओ को किस प्रकार से विश्वविद्यालय के ई संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान , भावना वशिष्ट ने एकेडमिक अनुसंधान और थीसिस लेखन के लिए ई-स्रोतों के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन स्रोतों के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध विशेषज्ञ पत्रिकाएं, लेख और अनुसंधान पत्रों का उपयोग कितनी आसानी से किया जा सकता है एवं उनकी सुविधा पर जोर दिया। इस डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की सुविधा और कुशलता पर बल देते हुए, उन्होंने दिखाया कैसे छात्र और संकाय एक संपत्ति के स्वरूप में उपलब्ध जानकारी का लाभ उठा सकते हैं।
ई-स्रोतों के शक्ति का उपयोग करके, शोधकर्ता विशाल डेटाबेस के माध्यम से नेविगेट कर सकते हैं, प्रासंगिक साहित्य तक पहुँच सकते हैं, और अपने आपको अपने क्षेत्र में हो रही नवीनतम विकासों के साथ रख सकते हैं, जिससे उनके शोध प्रयासों की गुणवत्ता और गहराई में सुधार हो सकता है। हिंदू अध्ययन केंद्र ऐसे शिक्षाप्रद क्षेत्रों में अपना नेतृत्व करता है जो विद्यार्थियों को न केवल शिक्षित बनाता हैं, बल्कि उन्हें जीवन में सकारात्मकता की ओर अग्रसर करता है बता दे कि पिछले ही वर्ष (2023) में प्रारम्भ हुआ दिल्ली विश्वविद्यालय का यह हिन्दू अध्ययन केन्द्र आए दिन चर्चा का विषय बना रहता है और अपने अथक प्रयासों से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है एवं सभी का ज्ञानवर्धक करता है। इस अवसर पर कार्यक्रम की संयोजिका प्रो प्रेरणा मल्होत्रा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी सिस्टम की प्रशंसा करते हुए बताया कि यह देश के उत्तम लाइब्रेरी सिस्टमों में से एक है और इसका निरंतर विकास हो रहा है।


