*डीयू के स्ट्रैटेजिक प्लान 2024-2047 पर लगी मुहर, आईडीपी के लिए कुलपति अधिकृत
दिल्ली विश्वविद्यालय अकादमिक परिषद (एसी) की 1020 वीं बैठक का आयोजन कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार, 10 अक्तूबर को विश्वविद्यालय के काउंसिल हॉल में किया गया। बैठक के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के स्ट्रैटेजिक प्लान 2024-2047 को पारित कर दिया गया। इसके साथ ही इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट प्लान (आईडीपी) पर निर्णय के लिए कुलपति को अधिकृत कर दिया गया है। एसी सदस्यों की ओर से इस पर आए सुझावों के पश्चात कुलपति ने इसके मसौदे की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी विचार-विमर्श के पश्चात इसे कुलपति को प्रस्तुत करेगी। बैठक के आरंभ में ज़ीरो आवर के दौरान परिषद के सदस्यों ने अनेकों मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की और अपने-अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक के दौरान कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता ने पूर्व में हुई 1018 वीं और 1019 वीं बैठक के मिनट्स पुष्टिकरण के लिए अकादमिक परिषद के समक्ष रखे और बैठकों में लिए गए निर्णयों पर ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ प्रस्तुत की। आज की बैठक में पूर्वी एशियाई अध्ययन विभाग के अंतर्गत रामजस कॉलेज, हंसराज कॉलेज और राम लाल आनंद कॉलेज में पूर्वी एशियाई भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने संबंधित सामाजिक विज्ञान संकाय की सिफारिशों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके तहत रामजस कॉलेज में कोरियाई भाषा में एडवांस डिप्लोमा कोर्स शुरू होंगे। हंसराज कॉलेज में चीनी भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स, कोरियाई भाषा में डिप्लोमा, एवं जापानी भाषा में डिप्लोमा कोर्स शुरू होंगे। राम लाल आनंद कॉलेज में भी चीनी भाषा में एडवांस डिप्लोमा कोर्स और जापानी भाषा में एडवांस डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। इस विषय में सामाजिक विज्ञान संकाय की बैठक में की गई सिफारिशों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
इसके साथ ही चिकित्सा विज्ञान संकाय की सिफारिशों के अनुरूप यूसीएमएस के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बैचलर इन मेडिकल लेबोरेटरी साइंस (बीएमएलएस) पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अध्यादेश और पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) के एनेस्थीसिया विभाग में डीएम (पीडियाट्रिक एंड नियोनेटल एनेस्थीसिया) कोर्स के सुपर-स्पेशलिटी नए कोर्स के लिए पाठ्यक्रम को भी पारित किया गया। एसी सदस्यों द्वारा सेंट स्टीफन कॉलेज के प्रिंसिपल पर विश्वविद्यालय के नियमों की पालना में अवहेलना का मुद्दा उठाए जाने पर कुलपति ने प्रिंसिपल से संवाद के लिए एसी सदस्यों की एक कमेटी गठित की। इसमें डॉ हरेन्द्र नाथ तिवारी, डॉ आलोक पांडेय और डॉ माया जॉन को शामिल किया गया है।
विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण है डीयू का स्ट्रैटेजिक प्लान: प्रो. योगेश सिंह
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्ट्रैटेजिक प्लान 2024-2047 को लेकर कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विकसित भारत में अपनी भूमिका के लिए डीयू का स्ट्रैटेजिक प्लान बहुत ही महत्वपूर्ण है। दिल्ली विश्वविद्यालय का विजन है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विख्यात विश्वविद्यालय बनना, जो शिक्षण, अनुसंधान और आउटरीच में उत्कृष्टता के लिए पहचाना जाता हो; ज्ञानवान, कुशल, उद्यमी और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण के माध्यम से मानवता की सेवा के लिए समर्पित हो। इसके लिए स्ट्रैटेजिक प्लान बहुत जरूरी है। कुलपति ने बताया कि विकसित भारत के निर्माण में हमें अपनी भूमिका तय करनी है। इसके लिए देश को कैसे वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, इतिहासकार और नागरिक चाहियें होंगे और उसमें दिल्ली विश्वविद्यालय की क्या भूमिका हो सकती है। इस सबको ध्यान में रखते हुए यह स्ट्रैटेजिक प्लान तैयार किया गया है।
उन्होने कहा कि स्ट्रैटेजिक प्लान एक व्यवस्थित प्रक्रिया है, जो मिशन-क्रिटिकल कार्य के लिए आवश्यक प्राथमिकताओं के प्रति प्रतिबद्धता बनाती है। इससे यह सुनिश्चित करने में भी मदद मिलती है कि विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण, टिकाऊ और जवाबदेह बना रहे। विश्वविद्यालय के स्ट्रैटेजिक प्लान का उद्देश्य आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक लाभ प्रदान करने वाले एक प्रमुख बहु-विषयक गहन अनुसंधान विश्वविद्यालय के रूप में हमारी स्थिति को मजबूत करना है। उत्कृष्टता, नवाचार और उद्यमशीलता की भावना इसके मूल में होगी। ब्रांडिंग, संसाधन निर्माण, परोपकार और वैश्वीकरण के मुख्य मापदंडों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और छात्रों का अनुभव, अनुसंधान, विश्वविद्यालय समुदाय, परिसरों और स्थानीय समुदाय के बीच कनेक्ट, अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग के साथ सहयोग तथा वैश्विक प्रभाव जैसे लक्ष्यों के माध्यम से डीयू 2047 की परिकल्पना है। कुलपति ने बताया कि अकादमिक परिषद के सदस्यों से आए सुझावों पर गंभीरता से विचार के उपरांत स्ट्रैटेजिक प्लान के मसौदे को तैयार किया गया है।


