दिल्ली विश्वविद्यालय ईसी की 1273 वीं बैठक आयोजित

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*सेंट स्टीफंस से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए गठित की कमेटी

दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1273 वीं बैठक का आयोजन शुक्रवार, 17 जनवरी को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुआ। विश्वविद्यालय के कान्वेंशन हाल में आयोजित इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्हें पारित किया गया। बैठक के आरंभ में पूर्व प्रधानमंत्री एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक रहे डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि इसका एक रेज्युलेशन पास करके डॉ. मनमोहन सिंह के शोक संतप्त परिवार को भेजा जाएगा।

विश्वविद्यालय के अधिनियमविधियों और अध्यादेशों तथा समय-समय पर संशोधित यूजीसी विनियमों के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए सेंट स्टीफंस कॉलेज से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय और सेंट स्टीफंस कॉलेज के बीच संचार स्थापित करने हेतु सेंट स्टीफंस कॉलेज के शासी निकाय में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि एवं डीयू के अंग्रेजी विभाग के प्रमुख प्रो. अनिल कुमार अनेजा को अधिकृत किया गया है। ईसी सदस्यों के सुझाव पर कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने प्रो. अनेजा के साथ दो ईसी प्रतिनिधियों अमन कुमार और राजपाल को भी कमेटी में शामिल किया।

बैठक के आरंभ में डीयू रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने एजेंडा प्रस्तुत किया। एजेंडे पर चर्चा के दौरान गत 27 दिसंबर को आयोजित हुई विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद (एसी) की 1021 वीं बैठक में की गई सिफारिशों पर भी विचार किया गया। उक्त बैठक में अनुमोदित विभिन्न विभागों/ प्रोग्रामों के पाठ्यक्रम को भी यूजीसीएफ के आधार पर ईसी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

ईसी बैठक में पारित किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए पीएचडी प्रवेश के दूसरे चरण में प्रवेश के लिए जून-2024 और दिसंबर 2024 के यूजीसी नेट स्कोर पर भी विचार किया जाएगा। नेट + जेआरएफ उत्तीर्ण उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। इसके साथ ही ईसी ने निर्णय लिया कि पीएचडी प्रवेश में पिछले दौर के प्रवेश की तुलना में 20-25% सीटों की वृद्धि होनी चाहिए।

स्नातक की तरह ही डीयू के स्नातकोत्तर प्रोग्रामों में भी एकल बालिकाओं के लिए अतिरिक्त सीटों के आरक्षण को भी डीयू एसी द्वारा पारित किया गया है। इसके तहत डीयू के प्रत्येक पीजी प्रोग्राम में एक-एक सीट एकल बालिका के लिए अतिरिक्त कोटे के तहत आरक्षित की जाएगी। 

रेलवे अस्पताल में डीयू कर्मचारियों को भी मिलेंगी चिकित्सा सुविधाएं

अब डीयू एवं इसके महाविद्यालयों के सभी कर्मचारियों को उपचार के लिए उत्तर रेलवे अस्पताल में भी सीजीएचएस दरों पर प्रतिपूर्ति के आधार पर ओपीडी/आईपीडी/डायग्नोस्टिक/ऑपरेटिव सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए उत्तर रेलवे अस्पताल, नई दिल्ली को सूचीबद्ध करने हेतु उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल, बसंत लेन, नई दिल्ली के प्रधान मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रस्ताव को डीयू ईसी द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है।

संस्थान छात्रवृत्तिपुरस्कार और पूंजीगत परिसंपत्तियों को दान के लिए नियम निर्धारित

संस्थान छात्रवृत्ति, पुरस्कार और पूंजीगत परिसंपत्तियों को दान के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों/मानदंडों को डीयू ईसी द्वारा पारित कर दिया गया। इसके तहत सरकारी संस्थाओं, ट्रस्टों, कॉर्पोरेट घरानों, सार्वजनिक उपक्रमों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ-साथ व्यक्तिगत आधार पर भी डीयू में छात्रवृत्ति की स्थापना की अनुमति होगी। किसी भी छात्रवृत्ति की स्थापना के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि 10 वर्ष की अवधि के लिए 5 लाख रुपये और 20 वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये होगी। छात्रवृत्ति की स्थापना के समय कुल छात्रवृत्ति राशि का 2% दिल्ली विश्वविद्यालय बंदोबस्ती निधि में स्थानांतरित किया जाएगा। छात्रवृत्ति की स्थापना को मंजूरी देने के लिए कुलपति द्वारा एक समिति गठित की जाएगी।

सरकारी संस्थाओं, ट्रस्टों, कॉर्पोरेट घरानों, पीएसयू, गैर सरकारी संगठनों और अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ-साथ व्यक्तिगत आधार पर अब पुरस्कारों की स्थापना की भी अनुमति होगी। किसी भी पुरस्कार की स्थापना के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि 10 वर्ष की अवधि के लिए 5 लाख रुपये और 20 वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये होगी। पुरस्कार 20 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए स्थापित नहीं किया जा सकता है।

देर तक रुकने और छुट्टी के दिनों पर काम करने के लिए मिलेगा अधिक मानदेय

विश्वविद्यालय में काम के लिए देर तक रुकने और शनिवार/बंद दिनों पर काम करने के लिए वाहन/मानदेय शुल्क में संशोधन को ईसी द्वारा पारित किया गया है। कार्य दिवसों में सुबह 07:30 बजे से पहले रिपोर्ट करना और/या शाम 07:30 बजे के बाद छोड़ना और शनिवार अथवा बंद दिनों में 5 घंटे से अधिक काम करने पर (एक वर्ष में 60 दिनों से अधिक के लिए स्वीकार्य) मानदेय में वृद्धि की गई है। इसके तहत अब ग्रुप ए ऑफिसर को देर तक रुकने के लिए 400 रुपए और छुट्टी के दिन काम करने के लिए 800 रुपए का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह ग्रुप बी कर्मचारी को क्रमश: 300 और 600 रुपए तथा ग्रुप सी कर्मचारी (ड्राइवर सहित) को क्रमश: 250 और 500 रुपए का भुगतान किया जाएगा।

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