*भाजपा सरकार आते ही अधिकतर प्राइवेट स्कूलों ने फीस बढ़ा दी – सौरभ भारद्वाज
*केजरीवाल सरकार ने प्राइवेट स्कूल माफिया का किया था खात्मा, भाजपा ने आते ही कर दिया जिंदा- आप
- दस साल में हमने प्राइवेट स्कूलों को अनाप-शनाप फीस नहीं बढ़ाने दी, इनकी सरकार बनने के एक महीने में ही शिक्षा माफिया वापस आ गया- केजरीवाल
- 20-82 फीसद फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और भाजपा की सरकार पूंजीपति स्कूल मालिकों के साथ खड़ी है- सौरभ भारद्वाज
- ‘‘आप’’ की सरकार मनमानी करने वाले प्राइवेट स्कूलों को रजिस्ट्रेशन रद्द करने की नोटिस देती थी, लेकिन भाजपा सरकार बिल्कुल चुप है- सौरभ भारद्वाज
- चुनाव में अरविंद केजरीवाल की कही हुई हर बात सच साबित हो रही है, आज बढ़ी हुई फीस की मार अभिभावकों पर पड़ रही है- संजीव झा
- दिल्ली में जबरदस्त पॉवर कट लगने और प्राइवेट स्कूलों के बेलगाम होने का नुकसान मध्यम वर्गीय परिवारों को उठाना पड़ रहा है- आदिल खान
पिछले 10 सालों में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली में जिन प्राइवेट शिक्षा माफियाओं का खात्मा किया था, भाजपा की सरकार आते ही वह वापस जिंदा हो गया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों ने 20 से 82 फीसद तक फीस वृद्धि कर दी है और बच्चों के माता-पिता इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार बड़े-बड़े पूंजीपति स्कूल मालिकों के साथ खड़ी है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और बेलगाम फीस वृद्धि पर ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि दस साल में हमने दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को अनाप-शनाप फीस नहीं बढ़ाने दी। शिक्षा माफिया का खात्मा किया, लेकिन इनकी सरकार बनने के एक महीने में ही शिक्षा माफिया फिर से वापस आ गया।
शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार से गरीबों को बहुत कुछ मिला और इसे भाजपा झुठला नहीं सकती। लेकिन पिछले कुछ सालों से भाजपा दिल्ली के लोगों में दुष्प्रचार कर रही थी कि जो मिला, वह सिर्फ गरीबों को मिला, मध्यम वर्ग को क्या मिला? दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद से दिल्लीवालों को 24 घंटे बिजली मिलना बंद हो ही गया है। यह तो मीडिल क्लास के लिए ही था। एक अप्रैल से दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में नया सत्र शुरू होने के बाद मध्यम वर्ग पर फीस वृद्धि का दूसरा बड़ा प्रहार पड़ा है। दिल्ली के लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों ने 20 से 82 फीसद तक फीस बढ़ा दी है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में स्थित एक बहुत नामी स्कूल के द्वारका, वसंत कुंज और रोहिणी ब्रांच में फ्रीस बढ़ाने के बाद बच्चों का उत्पीड़न किया जा रहा है। 7वीं और 10वीं क्लास का बच्चा पहले दिन स्कूल जाता है और प्रेयर में कुछ बच्चों को ग्राउंड में ही रोक दिया जाता है और उन्हें क्लास रूम में जाने से मना कर दिया जाता है। सारे बच्चे क्लास में जाकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन जिन बच्चों के माता-पिता ने बढ़ी हुई फीस नहीं दी है, उन बच्चों को पूरे दिन लाइब्रेरी में बैठाया जाता है। अगर इन बच्चों को टॉयलेट भी जाना है तो अटेंडेंट के साथ जा रहा है ताकि बच्चा अपनी क्लास में जाकर पढ़ाई न करने लगे। डीपीएस में पढ़ने वाले यह मीडिल क्लास के नहीं, अपर मीडिल क्लास के बच्चे हैं। ये बच्चे ग्रेटर कैलाश, वसंत कुंज, साउथ एक्स, जोरबाग के रहने वाले हैं। इन बच्चों का इस तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि लाइब्रेरी में बैठाए गए एक बच्चे को बाकी बच्चों ने शर्मिंदा किया कि क्या तुम्हारा बाप बढ़ी हुई फीस नहीं दे सकता है?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मयूर विहार फेस तीन स्थित सालवान पब्लिक स्कूल ने 82 फीसद फीस बढ़ाने की बात कही है। इस स्कूल ने 57 फीसद फीस पहले ही बढ़ा दी है और 25 फीसद अभी बढ़ाएगा। जिन बच्चों ने बढ़ी हुई फीस नहीं दी है, उनके रिजल्ट रोक दिए गए हैं। मां-बाप धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन दिल्ली की भाजपा सरकार सुनने को तैयार नहीं है। इसी तरह प्रीतमपुरा स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल ने भी फीस बढ़ा दी है और बढ़ी फीस नहीं जमा करने वाले बच्चों को परेशान किया जा रहा है। बसंत कुंज स्थित पर्जना स्कूल ने 65 फीसद फीस बढ़ा दी है। फीस वृद्धि के खिलाफ माता-पिता धरना दे रहे हैं और स्कूल के बाहर नारेबाजी की जा रही है, लेकिन दिल्ली सरकार चुप है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले 10 साल में अरविंद केजरीवाल की सरकार में दिल्ली का कोई भी प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाता था तो आम आदमी पार्टी का विधायक सबसे पहले स्कूल के बाहर पहुंचता था। लेकिन आज बच्चों के अभिभावकों के साथ भाजपा के विधायक कहीं भी खड़े नजर नहीं आए। अभिभावक अकेले ही धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि भाजपा के विधायकों को उनके साथ खड़ा होना चाहिए था। भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी और सरकार है। इसलिए वह बड़े-बड़े पूंजीपति स्कूल मालिकों के साथ खड़ी है और मध्यम वर्ग दफ्तर से छुट्टी लेकर स्कूलों के बाहर सड़कों पर खड़े हैं। भाजपा की सरकार उनकी मदद नहीं कर रही है। अरविंद केजरीवाल की सरकार मनमानी करने वाले प्राइवेट स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की नोटिस जारी करती थी। इतना ही नहीं, अरविंद केजरीवाल की सरकार प्राइवेट स्कूलों को टेक-ओवर करने तक का आदेश निकालती थी, लेकिन भाजपा की सरकार चुप है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार को प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए। 82 फीसद फीस वृद्धि बहुत बड़ी बात है। आज समान्य प्राइवेट स्कूलों की फीस भी 10 हजार रुपए मासिक है और ज्यादातर स्कूल तिमाही फीस लेते हैं। अगर किसी परिवार में दो बच्चे हैं, तो उसे तीन महीने में 60 हजार रुपए फीस देनी है। अब इसमें 65 फीसद फीस बढ़ गई तो उस माता-पिता को दो बच्चों की 1 लाख रुपए फीस देनी होगी। इतना पैसा वह कहां से लाएगा? पहले से ही खराब अर्थव्यवस्था की हालत खराब है। ऐसे में फीस वृद्धि बहुत गलत है। केजरीवाल सरकार में प्राइवेट स्कूल माफिया खत्म हो गया था, लेकिन भाजपा की सरकार आते हैं, प्राइवेट सकूल माफिया दोबारा जिंदा हो गया है। यह बात दिल्ली के हर माता-पिता को समझ में आ रही है।
बुराड़ी के ‘‘आप’’ विधायक संजीव झा ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनते ही रूझान आने लगे हैं और सबसे पहली मार प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता पर पड़ी है। इसीलिए चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल बार-बार कहते थे कि अगर दिल्ली में भाजपा की सरकार बनेगी तो प्राइवेट स्कूलों की फीस महंगी हो जाएगी और मोहल्ला क्लीनिक बंद कर देंगे, लेकिन भाजपा कहती थी कि जन कल्याणकारी योजना जारी रहेंगी। भाजपा की सरकार बनने के डेढ़ महीने बाद ही अरविंद केजरीवाल की कही गई एक-एक बात सच साबित हो रही है। अरविंद केजरीवाल के 10 साल के शासनकाल में सरकार की प्राइवेट स्कूलों पर कड़ी निगरानी थी। इसलिए फीस नहीं बढ़ी। आज दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों में मनमाने ढंग से बढ़ाई जा रही फीस सरकार के मंत्रियों व विधायकों की मिलीभगत का परिणाम है और इसकी मार मध्यम वर्गीय परिवार पर पड़ रहा है।
इस दौरान ‘‘आप’’ नेता आदिल खान ने कहा कि चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने लगातार कहा था कि दिल्ली में गलती से भी भाजपा की सरकार बनती है तो वह दिल्ली के अंदर तबाही लेकर आएगी। दिल्ली के अधिकतर जगहों पर पावर कट शुरू हो चुका है और लोग परेशान हैं, जबकि अभी पावर की डिमांड भी ज्यादा नहीं है। स्कूल के लिए आम आदमी पार्टी पूरे विश्व में जाना जाती है। ‘‘आप’’ ने अपने 10 साल की सरकार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को पूरी तरह से रोक कर रखा और सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाया। आज भाजपा की सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को बे-लगाम छोड़ रखा है। आम आदमी पार्टी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी की कड़ी निंदा करती है और बढ़ी फीस वापस लेने की मांग करती है, ताकि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता पर आर्थिक बोझ न पड़े।


