दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा है कि समाज और राष्ट्र निर्माण में आर्य समाज का योगदान ऐतिहासिक और प्रेरणादायी रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महर्षि दयानंद जी ने हमें सत्य, सद्भाव और संस्कार का मार्ग दिखाया है, विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण में उनका योगदान अमूल्य है।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने यह विचार आज राजधानी में आयोजित आर्य समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में व्यक्त किए। उन्होंने पहले डिफेंस कॉलोनी में केंद्रीय आर्य युवक परिषद के 47वें स्थापना दिवस समारोह में भागीदारी की, फिर आर्य समाज वेद मंदिर, पीतमपुरा में वार्षिक उत्सव के समापन समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने समाज उत्थान और राष्ट्रीय निर्माण में आर्य समाज की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में इस संगठन का योगदान अद्वितीय है, जिसने हमेशा जनकल्याण और समाज सेवा को अपना लक्ष्य बनाया है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम सभी आर्य समाज के आदर्शों पर चलते हुए दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और समृद्ध राजधानी बनाने का संकल्प ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन को अत्यंत प्रेरणादायी बताया और कहा कि महर्षि दयानंद जी ने हमें सत्य, सद्भाव और संस्कार का मार्ग दिखाया है। विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण में उनका योगदान अमूल्य है।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती जी के महती प्रयासों से बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है और इसलिए मैं भी मुख्यमंत्री बन पाई हूं। उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति और सदाचार से परिपूर्ण यह आयोजन समाज में सेवा, संस्कार और एकता की ज्योति प्रज्वलित करता है। मुख्यमंत्री ने सभी को आह्वान किया कि हमें दयानंद सरस्वती जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक बेहतर भविष्य के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आर्य समाज की निरंतर सक्रियता और आयोजन क्षमता की भी सराहना की। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी जी केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक संत के समान हैं, जिन्होंने अपने 26-27 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में एक भी दिन अवकाश नहीं लिया और लगातार राष्ट्रहित और जनकल्याण के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज दयानंद सरस्वती जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए मोदी जी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं और हम सबको भी उनके मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने छोटे-छोटे लालच छोड़कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं, तो हमारी पूरी दिल्ली सबसे बेहतर बन सकती है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी के 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हो रहे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वर्ष समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने आर्य समाज की परंपरा और संस्कृति को दिल्ली के लिए धरोहर बताया और जनता से अपील की कि सभी मिलकर समाज सेवा, संस्कार और एकता के पथ पर आगे बढ़ें।



