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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर ऑटिज़्म से आज़ादी पुस्तक का विमोचन किया गया हालाँकि यह पुस्तक पहले हिंदी संस्करण में विमोचित हो चुकी है परंतु नेताजी की जयंती के अवसर पर इस बुक का अंग्रेज़ी का संस्करण का भी विमोचन किया गया
डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी द्वारा लिखित इस इस किताब में Cure Autism Now (C.A.N.) जारी किया। पुस्तक विमोचन के दौरान डॉ. बिस्वरूप द्वारा दावा किया गया कि वर्तमान भारत में हर 100 में से 1 बच्चा ऑटिज़्म से प्रभावित है, जबकि 30 से 40 वर्ष पहले यह समस्या लगभग नहीं थी। इस दावे के समर्थन में पुस्तक में दिए गए एक ऑब्ज़र्वेशनल स्टडी को श्रोताओं के साथ साझा किया गया। डॉ. बिस्वरूप ने आगे दावा करते हुए कहा कि ऑटिज़्म न केवल रोका जा सकता है, बल्कि पूरी तरह ठीक भी हो सकता है। उनके अनुसार, ऑटिज़्म को ठीक किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो पुस्तक के पहले ही मॉड्यूल को पढ़कर दूर कर सकते हैं। डॉक्टर बिस्वरूप द्वारा दावा किया जा रहा है कि विकसित C.A.N. प्रोटोकॉल की भी जानकारी दी। यह प्रोटोकॉल पाँच प्रमुख घटकों पर आधारित है, जो ऑटिज़्म के लक्षणों को ठीक करने में सहायक हैं। उनके अनुसार, इस प्रोटोकॉल के माध्यम से बच्चों में वाणी विकास, एकाग्रता में वृद्धि तथा ऑटिज़्म से जुड़े अन्य लक्षणों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। ये सभी परिवर्तन कुछ ही दिनों में देखे जा सकते हैं। इस प्रोटोकॉल का सबसे महत्वपूर्ण घटक नीम थेरेपी है, जिसे डॉ. बिस्वरूप ने अपने आप में एक संपूर्ण चिकित्सा बताया। नीम थेरेपी के बारे में विस्तृत जानकारी उनकी पुस्तक Green Gold: The Neem Farmacy में उपलब्ध है, जो लंबे समय से Amazon पर बेस्टसेलर रही है। C A N प्रोटोकॉल का दूसरा प्रमुख घटक D I P Diet है, जिसके साथ ग्राउंडिंग, फर्मेंटेड ड्रिंक्स और नारियल आधारित व्यंजन शामिल हैं। बच्चों को सुबह से शाम तक दिए जाने वाले सभी व्यंजनों की जानकारी Cure Autism Now पुस्तक के मॉड्यूल 3 में दी गई है। मॉड्यूल 4 में 1,000 से अधिक सफल मामलों पर आधारित एक विस्तृत ऑब्ज़र्वेशनल स्टडी प्रस्तुत की गई है।
इस स्टडी के अनुसार, जिन बच्चों ने औसतन 26 दिनों तक C.A.N. प्रोटोकॉल का पालन किया, उनमें न्यूरो डेवलपमेंटल विकारों से जुड़े क्लासिक लक्षणों में औसतन 52% तक सुधार देखा गया, जिसमें ऑटिज़्म प्रमुख रहा।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर डॉ. बिस्वरूप ने 100 से अधिक केस स्टडी भी प्रस्तुत कीं, जिनमें वर्तमान माह के दौरान C.A.N. प्रोटोकॉल का पालन करने से लाभ देखने को मिला। इनमें से ऑटिज़्म से प्रभावित 10 बच्चे अपने माता पिता के साथ कार्यक्रम में उपस्थित हुए और मंच पर अपनी सफलता की कहानियाँ साझा की। C.A.N. पुस्तक के विमोचन के दौरान डॉ. बिस्वरूप ने पुस्तक को आकार देने में योगदान देने वाली पूरी टीम का धन्यवाद किया। इस टीम में रचना शर्मा (रिसर्च), स्वपन बनिक (ग्राफ़िक डिज़ाइन), पंकज सिंह (अंग्रेज़ी अनुवाद), डॉ. नमिता गुप्ता (पैरेंट्स मेंटर एवं रिपोर्ट संकलन), कल्पना बौराई, प्रतीक्षा वत्स तथा डॉ. वंशिका तंवर (तकनीकी संकलन) शामिल रहे। डॉ. बिस्वरूप ने आगे कहा कि यदि हम अपने बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखना चाहते हैं, उन्होंने यह भी कहा कि भोजन में प्रयुक्त कीटनाशकों, उर्वरकों और अन्य रसायनों से भी बचना चाहिए और जैविक (ऑर्गेनिक) भोजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक भोजन आम लोगों की पहुँच से बाहर होने का मुख्य कारण इसकी अपेक्षाकृत अधिक कीमत है, जो सामान्य भोजन की तुलना में लगभग दोगुनी होती है। इसी समस्या के समाधान के लिए डॉ. बिस्वरूप ने Natural D.I.P. Diet for B.O.S.S. किट लॉन्च की, जिसमें ‘B’ का अर्थ ब्लड प्रेशर (Blood Pressure), ‘O’ मोटापा (Obesity), ‘S’ शुगर (Sugar) और ‘S’ जकड़न (Stiffness) है। डॉ. बिस्वरूप ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में, D.I.P. Diet के आविष्कार के बाद से, लाखों लोगों ने ब्लड प्रेशर, मोटापा, शुगर से जुड़ी समस्याओं तथा जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस से मुक्ति पाई है। उन्होंने कहा कि जब यह डाइट पूरी तरह रसायन मुक्त होती है, तो इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। Natural D.I.P. Diet for B.O.S.S. Box के माध्यम से उन्होंने इस डाइट का 100% केमिकल-फ्री संस्करण प्रस्तुत किया है, जो पारंपरिक रूप से उगाए गए भोजन की कीमत के समान है और B.O.S.S. समस्याओं से तेज़, सुरक्षित, स्वादिष्ट और किफ़ायती तरीके से निपटने में सहायक है। Natural D.I.P. Diet for B.O.S.S. Box एक वयस्क व्यक्ति के लिए मुख्य आहार की एक महीने की आपूर्ति प्रदान करता है। इसमें केवल फल और सब्ज़ियाँ स्थानीय बाज़ार से अलग से खरीदनी होती हैं। इस बॉक्स में 8 प्रकार की दालें, 5 प्रकार के मिलेट्स, 5 प्रकार के मसाले और सेंधा नमक शामिल हैं, जो सभी रसायन मुक्त खेती से प्राप्त किए गए हैं। Natural D.I.P. Diet for B.O.S.S. को देवश्री नेचुरल्स के माध्यम से सोर्स किया गया है, जिसकी स्थापना अनुभव मित्तल ने की है। यह एक किसान सम्बद्ध सोर्सिंग पहल है, जो सीधे रसायन मुक्त किसानों के साथ काम करती है। व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, मिल मालिकों और खुदरा विक्रेताओं जैसे बिचौलियों को हटाकर, इस डायरेक्ट टू कंज़्यूमर मॉडल के माध्यम से रसायन मुक्त भोजन को गैर रसायन मुक्त भोजन के समान कीमत पर उपलब्ध कराया गया है। Natural D.I.P. Diet for B.O.S.S. के लॉन्च के साथ अब कम से कम सीमित संख्या में लोगों के लिए रसायन मुक्त भोजन स्थानीय किराना दुकानों पर मिलने वाले रसायन मुक्त भोजन की कीमत पर उपलब्ध हो गया है।
पुस्तक Cure Autism Now और Natural D.I.P. Diet for B.O.S.S. ये सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे Amazon, Flipkart, Meesho पर उपलब्ध है। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना कि इस विशेष रिपोर्ट में प्रेस वार्ता के दौरान डॉक्टर बिस्वरूप चौधरी और किसानों ने क्या कहा देखिए इस विशेष रिपोर्ट में

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