दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वसीम हस्मत गिरोह के 3 शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने समीर उर्फ कम्मु पहलवान की सनसनीखेज हत्या का मामला सुलझा लिया है। जानकारी के अनुसार 24 जनवरी की रात को चार हथियारबंद हमलावरों ने दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाक़े में गोलीबारी करके समीर उर्फ कम्मु पहलवान की हत्या कर दी थी। इस संबंध में दिल्ली के शास्त्री पार्क थाने में मामला दर्ज किया गया। मुखबिर की सूचना पर, अजमल खान पार्क, सेक्टर 28, रोहिणी, दिल्ली के पास जाल बिछाया गया। रात लगभग 11:40 बजे एक सफेद रंग की स्कूटी को रोका गया और रुकने का इशारा किया गया। पुलिस दल को घेरते देख स्कूटी पर सवार तीन आरोपियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी। तब सहायक कांस्टेबल वीरेंद्र, मुख्य कांस्टेबल रोहित, मुख्य कांस्टेबल रामजस और कांस्टेबल रॉबिन ने आत्मरक्षा में आरोपियों के पैरों पर गोली चलाई। पैरों में गोली लगने के बावजूद, आरोपियों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन छापेमारी दल ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। इसके बाद, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रहमान पुत्र अब्दुल सत्तार, निवासी सीलमपुर, दिल्ली, आयु 23 वर्ष दूसरा आरोपी आदिल पुत्र अलीम, निवासी शास्त्री पार्क, दिल्ली, आयु23 वर्ष और तीसरा आरोपी मोहम्मद अयान पुत्र हाशिम राजा, निवासी ब्रह्मपुरी, दिल्ली, आयु 19 वर्ष है। बताया जाता है कि 26 जनवरी को, एआरएससी क्राइम ब्रांच को तीन वांछित अपराधियों (रहमान, आदिल और अयान) के बारे में विश्वसनीय सूचना मिली, जिनका संबंध मारे गए गैंगस्टर वसीम हसमत से था और जो दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाक़े में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में वांछित थे।
समीर उर्फ कम्मू पहलवान की सनसनीखेज हत्या का मामला सुलझ गया है, तीन शार्प शूटर गिरफ़्तार किये गए है।
रोकने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, बताया जाता है कि जवाबी फायरिंग में पुलिस घायल हो गई।30 31 दिसंबर, 2025 की दरमियानी रात को, दिल्ली के उत्तर पूर्वी क्षेत्र शास्त्री पार्क में वसीम की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह कुख्यात अपराधियों लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गिरोहों के बीच हुए गिरोहवार से जुड़ा मामला है। बुलंद मस्जिद क्षेत्र के निवासी वसीम को शास्त्री पार्क में डीडीए पार्क के पीछे चाकू मारकर हत्या कर दी गई। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने वसीम की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए आरोप लगाया कि वसीम की हत्या गैंगस्टर हाशिम बाबा के खिलाफ आवाज उठाने के कारण हुई थी। वसीम एक जाना माना अपराधी था, जो पहले भी गिरोह विवादों में शामिल रहा था और कई बार हत्या के प्रयासों से बच चुका था। वर्ष 2024 में, जीटीबी अस्पताल में गोलीबारी हुई, जिसमें हाशिम बाबा गिरोह के सदस्यों ने उसे जान से मारने का प्रयास किया, लेकिन गलती से दूसरे मरीज रियाजुद्दीन को गोली लग गई। वसीम की बेरहमी से हत्या के बाद उसके गिरोह के सदस्यों ने बदला लेने की कसम खाई। उन्हें आशंका थी कि हासिम बाबा गिरोह से जुड़ा समीर उर्फ कम्मु पहलवान ही इस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था। इसलिए, 24 जनवरी 2026 की रात को चार हथियारबंद हमलावरों ने समीर उर्फ कम्मु पहलवान पर गोलियां चलाईं और उसकी हत्या कर दी। आइए देखते हैं वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की यह रिपोर्ट में
बहरहाल पुलिस ने आरोपियों के क़ब्ज़े से
4 उच्च श्रेणी की सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौलें और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। 4 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (0.32 बोर) 11 जिंदा कारतूस (0.32 बोर) 06 खाली कारतूस (0.32 बोर) 1
स्कूटी बरामद करी है पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।
(संजीव कुमार यादव) आईपीएस
पुलिस उप आयुक्त
अपराध शाखा, दिल्ली


