भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते वियरेबल्स और ऑडियो ब्रांड्स में से एक, गोबोल्ट ने अगले कुछ वर्षों के लिए अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी साझा की है। इस स्ट्रेटेजी का फोकस प्रीमियम प्रोडक्ट्स, बेहतर मुनाफे और ब्रांड की दीर्घकालिक मजबूती पर जोर दिया। वित्त वर्ष 2025 में करीब 800 करोड़ रुपए की बिक्री के बाद, कंपनी अब वित्त वर्ष 2027 से 2028 तक 3,000 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है। बताया जाता है कि यह स्ट्रेटेजी छूट आधारित विस्तार से हटकर एक अधिक केंद्रित और लगातार बढ़ते प्रीमियम प्रोडक्ट पोर्टफोलियो की दिशा में बदलाव को दर्शाती है। कंपनी की तेज़ प्रगति की एक अहम् वजह मस्टैंग के साथ उसकी दीर्घकालिक साझेदारी रही है, जो अब गोबोल्ट की प्रीमियम स्ट्रेटेजी का एक मजबूत आधार बन चुकी है। तीसरे साल में प्रवेश कर चुकी यह साझेदारी अब सिर्फ ऑडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि वियरेबल्स और ऑडियो को मिलाकर एक बड़े इकोसिस्टम के रूप में आगे बढ़ रही है।
गोबोल्ट भारत की एकमात्र कंपनी है, जिसने मस्टैंग जैसे वैश्विक ऑटोमोटिव परफॉर्मेंस आइकन को ऑडियो और वियरेबल्स के इकोसिस्टम से जोड़ा है। यह साझेदारी सिर्फ नाम या लोगो तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर प्रोडक्ट के डिजाइन, इस्तेमाल किए जाने वाले मटेरियल और कुल यूज़र एक्सपीरियंस में साफ दिखाई देता है।
इस सीरीज़ के विस्तार के तहत, गोबोल्ट ने हाल ही में मस्टैंग ब्रांड के तहत तीन नई स्मार्टवॉच स्टैलियन, रेसर और मसल के साथ मस्टैंग स्प्रिंट टीडब्ल्यूएस लॉन्च करने की घोषणा की। मस्टैंग सीरीज़, गोबोल्ट के प्रीमियम प्रोडक्ट्स को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम् कदम है और यह स्पष्ट करता है कि कंपनी अपने प्रोडक्ट रोडमैप को किस तरह आकार दे रही है। इस पोर्टफोलियो को बाज़ार में लगातार अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और उम्मीद है कि मस्टैंग से जुड़े प्रोडक्ट्स की बिक्री अगले चरण में करीब 2 करोड़ रुपए से बढ़कर 12 करोड़ रुपए तक पहुँचेगी। गोबोल्ट के को-फाउंडर वरुण गुप्ता ने कहा, “वित्त वर्ष 2025 में करीब 800 करोड़ रुपए का कारोबार करने के बाद, हम वित्त वर्ष 2027 या 2028 तक 3,000 करोड़ रुपए के वियरेबल्स और ऑडियो बिज़नेस की ओर बढ़ रहे हैं। इस अगले चरण को खास बनाता है हमारा तरीका। हम पहले भारतीय वियरेबल्स ब्रांड हैं, जिसने मस्टैंग जैसे वैश्विक ऑटोमोटिव परफॉर्मेंस आइकन के साथ गहरी और डिजाइन केंद्रित साझेदारी स्थापित की है। यह पूरा अनुभव और इकोसिस्टम मस्टैंग के डीएनए को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि मस्टैंग से जुड़ा आत्मविश्वास और व्यक्तित्व आम उपभोक्ताओं की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन सके।”
फिलहाल, गोबोल्ट की लगभग 70 प्रतिशत कमाई ऑडियो से और 30 प्रतिशत वियरेबल्स से आती है। आगे चलकर, जैसे जैसे कंपनी मिड प्रीमियम और प्रीमियम सेगमेंट में विस्तार करेगी, वियरेबल्स की हिस्सेदारी काफी बढ़ने की उम्मीद है। योजना के अनुसार, वित्त वर्ष 26 तक प्रीमियम और मिड-परीमियम प्रोडक्ट्स का योगदान करीब 70 प्रतिशत तक पहुँच सकता है, जिससे मुनाफे में सीधा सुधार होगा और ब्रांड की प्रीमियम पहचान और मजबूत होगी। वहीं, ऑफलाइन बिक्री की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत तक जाने की उम्मीद है, जिसका कारण टियर 2 और टियर 3 शहरों में बढ़ती मौजूदगी और माँग है।
गोबोल्ट के को-फाउंडर तरुण गुप्ता ने कहा, “अपने इस चरण में हम ऐसे प्रोडक्ट्स बनाने पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें लोग सच में अपनाना और अपने पास रखना चाहें। जैसे-जैसे प्रीमियम और मिड-प्रीमियम प्रोडक्ट्स हमारे पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा बन रहे हैं, मस्टैंग कलेक्शन उस स्तर को दिखाता है, जिसे हम अपने और पूरे उद्योग के लिए तय कर रहे हैं। हर डिजाइन और तकनीकी फैसला इस सोच के साथ लिया गया है कि प्रोडक्ट्स सोच-समझकर बनाए गए हों, भरोसेमंद लगें और रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त हों।” फोर्ड के ग्लोबल ब्रांड लाइसेंसिंग मैनेजर टायलर हिल ने कहा, “अमेरिकी परफॉर्मेंस की पहचान और दुनिया भर में पसंद की जाने वाली मस्टैंग आज भी ऑटोमोटिव जगत के सबसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स में से एक है। यह नई रेंज मस्टैंग के आइकॉनिक डिजाइन से प्रेरित है और इसके प्रशंसकों को मस्टैंग की भावना को नए तरीकों से अपनाने का मौका देती है। यह मस्टैंग की कहानी का एक दिलचस्प विस्तार है, क्योंकि हम इसे एक ऐसे ग्लोबल लाइफस्टाइल ब्रांड के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं, जो सिर्फ गाड़ी तक सीमित नहीं है।”
स्मार्टवॉच सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा में लगातार तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन गोबोल्ट इस कैटेगरी को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध बना हुआ है। कीमतों की होड़ में शामिल होने के बजाए, कंपनी बेहतर बिल्ड क्वालिटी, यूज़र एक्सपीरियंस और प्रोडक्ट के उद्देश्य को अपनी पहचान बनाने पर ध्यान दे रही है। वर्ष 2030 की ओर आगे बढ़ते हुए, गोबोल्ट ने अमेरिका, यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया में वैश्विक विस्तार की योजना बनाई है। आने वाले महीनों में फोकस संतुलित विस्तार, प्रीमियम पोज़िशनिंग और ऐसे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो तैयार करने पर रहेगा, जो बिना जरूरत से ज्यादा छूट के भी निरंतर प्रगति को संभाल सके। कंपनी का मानना है कि भारत के वियरेबल्स बाज़ार का अगला दौर उन ब्रांड्स से तय होगा, जो बड़े पैमाने के साथ मजबूती भी जोड़ पाएँगे। इसी दिशा में गोबोल्ट, मस्टैंग पोर्टफोलियो को एक अहम् कदम मानता है। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के संवाददाता कि यह रिपोर्ट में।



