नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (SWR) ने दिल्ली-एनसीआर में आतंक का पर्याय बन चुके कुख्यात मंजीत महाल गैंग के सक्रिय और शार्पशूटर गैंगस्टर लोकेश उर्फ सूर्या (33 वर्ष) को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक स्वचालित रिवॉल्वर, 6 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल होने वाली टोयोटा ग्लैंजा कार बरामद की है। राजस्थान पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹20,000 का इनाम घोषित किया हुआ था। वह हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और डकैती जैसे 22 से अधिक संगीन मामलों में वांछित था।
गुरुग्राम के सेक्टर-29 मार्केट में बिछाया गया जाल
स्पेशल सेल को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि राजस्थान के भिवाड़ी में किडनैपिंग और लूटपाट (FIR No. 423/19) के मामले में फरार चल रहा इनामी गैंगस्टर लोकेश अपनी पहचान छिपाकर ठिकाने बदल रहा है। पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर इंस्पेक्टर मनेंद्र सिंह के नेतृत्व और एसीपी पूरन चंद पंत की देखरेख में स्पेशल सेल की टीम ने 11-12 जुलाई की दरमियानी रात गुरुग्राम के सेक्टर-29 में जाल बिछाया। आखिरकार, 12 जुलाई की सुबह करीब 7:00 बजे पुलिस टीम ने सेक्टर-29 मार्केट से उसे धर दबोचा।
रिवॉल्वर, कार और मोबाइल फोन बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने लोकेश की टोयोटा ग्लैंजा कार की तलाशी ली, तो उसके खुलासे पर एक लोडेड रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने हथियार, कार और उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल थाने में आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत एक नया मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
रंगदारी न देने पर विकासपुरी में की थी कारोबारी की हत्या
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोकेश उर्फ सूर्या का पुराना और बेहद हिंसक आपराधिक इतिहास रहा है। साल 2019 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर विकासपुरी के एक कारोबारी अमित कोचर से मोटी रंगदारी मांगी थी। मांग पूरी न होने पर उसने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर कोचर की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके अलावा, साल 2019 में ही उसने कापसहेड़ा इलाके में प्रतिद्वंदी गिरोह (रिवल गैंग) के सदस्य नरेश राणा की भी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
एटीएम के बाहर से अपहरण और लूट की वारदात को दिया था अंजाम
आरोपी ने साल 2019 में राजस्थान के भिवाड़ी में भी एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। वहां उसने एटीएम से पैसे निकालकर आ रहे राजबीर सिंह नाम के व्यक्ति का अपहरण कर लिया था और उसकी महिंद्रा एक्सयूवी-500 कार, नकदी व अन्य सामान लूटकर फरार हो गया था। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में अपने ठिकाने बदल रहा था।
दिल्ली-NCR में टल गई बड़ी वारदातें; सुरक्षा की दृष्टि से अहम गिरफ्तारी
मूल रूप से चरखी दादरी (हरियाणा) का रहने वाला और वर्तमान में नजफगढ़ (दिल्ली) निवासी लोकेश उर्फ सूर्या साल 2014 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। डीसीपी स्पेशल सेल (SWR) नश चैतन्या (IPS) ने बताया कि लोकेश की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में गैंगवार और जबरन वसूली की कई बड़ी साजिशों को नाकाम कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसे हथियार किसने मुहैया कराए थे और वह दिल्ली में किस बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।












