*मोदी सरकार द्वारा रूसी तेल खरीदने के लिए युआन (चीनी करेंसी) में भुगतान किया जा रहा है- कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार को रूसी तेल खरीदने के लिए चीनी करेंसी युआन में भुगतान करने को लेकर घेरा है। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार चीन की करेंसी को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रही है। इस वजह से चीन सरकार का मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स कसीदे गढ़ रहा है कि मोदी सरकार युआन को ‘ग्लोबल करेंसी’ बना रही है।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस प्रवक्ता प्रोफ़ेसर गौरव वल्लभ ने सवाल उठाए कि भारत की करेंसी में ऐसी क्या कमजोरी है कि मोदी सरकार रूस से तेल खरीदने के लिए चीनी करेंसी युआन में भुगतान कर रही है? एक तरफ सस्ते कच्चे तेल के एक पैसे का भी फायदा देशवासियों को नहीं मिल रहा है। वहीं जिस चीन ने कायरता से भारत मां के 20 वीर सपूतों को शहीद किया, भारत मां की भूमि पर कब्जा किया, 40 प्रतिशत पेट्रोलिंग पॉइंट पर देश को पेट्रोलिंग से रोका, हमारे देश के गांवों-शहरों का नाम बदले। उस चीन की करेंसी को वैश्विक मंच पर स्थापित क्यों किया जा रहा है? बीते नौ साल में मोदी सरकार के कार्यकाल में रुपये की साख ऐसी क्यों गिरी कि भारत रुपये में भुगतान नहीं कर पा रहा है? यदि मोदी जी को लगता है कि उन्होंने रुपए की साख गिरा दी है और रुपए में भुगतान नहीं किया जा सकता, तो मोदी जी को चीन के अलावा किसी दूसरे देश की करेंसी क्यों नहीं मिली, जिसमें भुगतान हो सके?
गौरव वल्लभ ने कहा कि मोदी सरकार रूसी तेल खरीदने के लिए युआन (चीनी करेंसी) में भुगतान कर रही है। साल 2020-21 में भारत रूस से 7,000 करोड़ रुपये का तेल खरीदता था, 2022-23 में भारत 89,000 करोड़ रुपये का तेल खरीद रहा है। अब खबर आई है कि मोदी सरकार चीनी करेंसी (युआन) में भुगतान कर हर दिन 2.17 बैरल रूसी तेल इम्पोर्ट कर रही है। इस वजह से चीन सरकार का मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स कसीदे गढ़ रहा है कि मोदी सरकार युआन को ‘वैश्विक करेंसी’ बना रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने मोदी सरकार और चीन के रिश्तों की क्रोनोलॉजी समझाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी अपने नौ साल के कार्यकाल में चीन के पांच दौरे और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ 18 औपचारिक-अनौपचारिक बैठक करते हैं। भारत मां के 20 वीर सपूत, भारत मां के लिए वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं। चीनी कंपनी पीएम केयर में चंदा देती हुई मिलती हैं। जब देश में लोग प्रधानमंत्री जी से सवाल पूछते हैं तो जवाब आता है ‘न कोई घुसा था, न कोई घुसा हुआ है’। देश के एक्सपर्ट्स ये बताते हैं 40 प्रतिशत पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर अब भारत की सेना पेट्रोलिंग नहीं कर पाती है। डिफेंस एक्सपर्ट्स बार-बार अपने लेखों के माध्यम से और गूगल फोटोज के माध्यम से ये कहते हैं कि चीन, भारत मां की भूमि पर हेलीपैड बनाकर, बंकर बनाकर बैठा हुआ है। दिसंबर 2022 में खबर आती है कि अरुणाचल प्रदेश में भारत मां के 20 वीर सपूतों के ऊपर चीन हमला करता है, वो गंभीर रूप से घायल होते हैं। मार्च 2023 में खबर आती है कि अरुणाचल प्रदेश की 11 जगहों का नाम चीन बदल देता है। मगर भारत सरकार और रक्षा मंत्री मौन व्रत में रहते हैं। वर्ष 2023 में ये खबर आती है कि भारत सरकार ने चीन के साथ 100 बिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसिट कर लिया, ट्रेड डेफिसिट मतलब जो हम चीन से इम्पोर्ट करते हैं और जो चीन को एक्सपोर्ट करते हैं, उसमें 100 बिलियन डॉलर का अंतर हो गया। अब खबर आती है कि मोदी सरकार सस्ता रूसी तेल खरीदने के लिए युआन (चीनी करेंसी) में भुगतान कर रही है।


