*विकसित भारत में योगदान के लिए डीयू को लेना है संकल्प: प्रो. योगेश सिंह
*विकसित भारत पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों अधिक से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक: कुलपति
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संकल्प लिया है कि 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। अब दिल्ली विश्वविद्यालय को भी संकल्प लेना है कि हम इसमें क्या योगदान कर सकते हैं। कुलपति दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में पुस्तकालय एवं संगोष्ठी कक्ष के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में गांधी भवन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता और राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल भी उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के पश्चात मकर संक्रांति एवं लोहड़ी के उपलक्ष्य में परंपरागत भोज का आयोजन भी किया गया।
स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस की बधाई देते हुए कुलपति ने कहा कि “विकसित भारत @2047: वॉयस ऑफ यूथ” पोर्टल लॉन्च कर दिया गया है। इस पोर्टल पर युवा विकसित भारत के दृष्टिकोण में अपने-अपने आइडिया प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से आह्वान किया कि इस पर अधिक से अधिक विद्यार्थी व शिक्षक रजिस्टर्ड हों और विकसित भारत के निर्माण में अपने-अपने विचार प्रस्तुत करें। कुलपति ने डीयू से उदाहरण देते हुए बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से दिल्ली विश्वविद्यालय ने अनाथ विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक कक्षा में लड़के और लड़कियों के लिए एक-एक सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया था। सरकार ने दिल्ली विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए देश के अन्य विश्वविद्यालयों को भी इसी प्रकार अनाथ विद्यार्थियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए अगर डीयू के विद्यार्थियों अथवा शिक्षकों से कोई अच्छा आइडिया आता है तो भारत सरकार उस पर भी जरूर काम करेगी।
कुलपति ने कहा कि दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में बनने वाले प्रस्तावित शैक्षणिक भवनों के लिए 252 पेड़ों के स्थानांतरण/ प्रत्यारोपण और 15 पेड़ों की कटाई के लिए मंजूरी दे दी है। इससे निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और करीब 935 करोड़ रुपए की लागत वाले ये प्रोजेक्ट जल्द ही दिखाई देने लगेंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई काम किया जाता है तो गलतियाँ भी होती हैं, लेकिन गलती और गुनाह में फर्क होता है। अगर गलती को बार-बार दोहराया जाए तो वह गुनाह बन जाती है। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास सबसे पहले विश्वविद्यालय में होना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन पर रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने आभार ज्ञपित किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर गांधी भवन में पुस्तकालय एवं संगोष्ठी कक्ष का उद्घाटन बहुत ही शुभ कार्य है। उन्होंने कुलपति को विश्वास दिलाया कि विकसित भारत @2047 में दिल्ली विश्वविद्यालय अपना भरपूर योगदान देगा। कार्यक्रम के आरंभ में गांधी भवन के निदेशक प्रो. केपी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल, प्रॉक्टर प्रो. रजनी अब्बी और डीयू कल्चर काउंसिल के चेयर पर्सन अनूप लाठर सहित अनेकों शिक्षक, अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


