इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था को असंवैधानिक करार देने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी स्वागत करती है – अरविन्दर सिंह लवली

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*इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था से सबसे अधिक फायदा लेकर भाजपा देश की सबसे अमीर पार्टी बन गई – अरविन्दर सिंह लवली

*देश पर इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था को जबरन थोप चंदा लेने की व्यवस्था में पारदर्शिता ख़त्म करने का काम भाजपा सरकार ने किया था – अरविन्दर सिंह लवली

 दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविन्दर सिंह लवली ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था को असंवैधानिक करार देने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का कांग्रेस पार्टी स्वागत करती है। 2017 में भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई  इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था के शुरुआत से ही दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी इसका पुरजोर विरोध किया  था तथा यह आशंका भी जताई गई इलेक्टोरल बांड खरीदने वाली कंपनियां और सत्ता पक्ष के बीच एक अघोषित रिश्ता स्थापित होगा । उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा देश पर इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था को जबरन थोपा गया था, जिसका सीधा फायदा सत्ता में रहते भाजपा को सबसे अधिक मिला और भाजपा देश की सबसे अमीर पार्टी बन गई ।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविन्दर सिंह लवली ने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी सुप्रीम कोर्ट के इस कदम की भी सराहना करती है जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को कहा है कि किस पार्टी को कितना इलेक्टोरल बांड मिले है, उसे तुरंत प्रभाव से सार्वजनिक किया जाऐ। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए बहुत जरूरी है कि इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था के अंतर्गत किस राजनीतिक दल को कौन कितना चंदा दे रहा है, मतदाता और जनता को इसको जानने का पूरा अधिकार है, परंतु भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा यह प्रक्रिया अपारदर्शिता के रुप में चल रही थी, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया।

लवली ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था का लागू करने समय चुनाव आयोग, वित्त मंत्रालय और कानून मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा विरोध करना से साफ होता है कि यह व्यवस्था लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावनाओं के विपरीत है और आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे निरस्त करने से ये बात सिद्ध हो गई । उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने केवल अपनी पार्टी भाजपा को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए ही लागू की गई थी ।

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