देश में 18वीं लोक सभा के लिए चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं। ये लोक सभा चुनाव कई सवाल पीछे छोड़ दिये है। सवाल पीछे छोड़ने से हमारा मतलब ये है कि एक तरफ़ यहाँ सत्ताधारी पार्टी 400 सीट के पार नारे के साथ चुनावी मैदान में थी तो वहीं दूसरी तरफ़ विपक्ष इंडिया गठबंधन चुनावों के इस मैदान में ख़ूब डटकर खड़ा था और इसलिए गठबंधन को 234 मिली जबकि सत्ताधारी पार्टी के गठबंधन को 292 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। आपकी अपने पार्टी पीपल्ज़ ने इस चुनावी मैदान में अपने 10 उम्मीदवार उतारे थे। 10 में से किसी का नॉमिनेशन रद्द हो गया। चुनावी मैदान में चार प्रत्याशी ने ही अपना भाग्य आजमाया। एक प्रत्याशी उत्तरी पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनावी मैदान में था। वह भी भाजपा के समर्थन में ऐलान कर दिया था। आपकी अपनी पार्टी पीपल्स राष्ट्रीय अध्यक्ष रामबीर चौहान ने रविवार को प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया। आपकी अपनी पार्टी पीपल्स ने इस लोक सभा चुनावों में भले ही चार उम्मीदवार थे और इन चारों को प्राप्त मत से और पार्टी की परफॉर्मेंस काफ़ी अच्छी है और लोगों ने भी पार्टी के समर्थन में वोट किए हालाँकि उत्तरी पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से आप पीपल्स के उम्मीदवार भाजपा के समर्थन में उतरने के बावजूद अच्छे मत मिले ।
श्री चौहान ने कहा कि भले ही सरकार NDA गठबंधन की बन रही है। लेकिन इस बार सरकार बनाने में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आँध्र प्रदेश के TDP अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि 2024 लोक सभा चुनाव दो विचारधारा के तहत लड़ा गया एक तो महात्मा गांधी और दूसरा डॉक्टर BR अंबेडकर की विचारधारा को मानने को लेकर उन्होंने कहा कि आप पीपल्स पार्टी का अजेंडा साफ़ है कि देश में जातियाँ समाप्त होनी चाहिए और इस पर एक क़ानून बनना चाहिए। ये चुनाव एक तरफ़ अमीर और एक तरफ़ ग़रीब का चुनाव में भागीदारी रही।
आपको बता दें कि आपकी अपनी पार्टी पीपल्स ने अपनी विचारधारा देश में जातीय उन्मूलन हो और इस पर क़ानून बनाने की माँग करी जा रही है। इसी विचारधारा के तहत ही चुनाव लड़े जा रहे हैं। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।


