‘‘आप’’ सांसद संजय सिंह के सवाल पर केंद्र का जवाब, पांच साल में विमानों में 2993 बार आई तकनीकी खराबी

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  • इस साल अब तक विमानों में तकनीकी खराबी के 425 घटनाएं हुईं और 269 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि पांच साल में 1997 उड़ानें रद्द की गईं
  • पिछले पांच साल में बढ़ने के बजाय 8 एयर लाइंस कंपनियों ने अलग-अलग कारण बताकर अपनी सेवाएं बंद कर दी

-एयर लाइंस में तकनीकी खराबी को लेकर ‘‘आप’’ सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में केंद्रीय विमानन मंत्री से पूछे थे कई सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में देश के एयरलाइंसों में तकनीकी खराबी और उसके चलते उड़ाने रद्द होने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में 2019 से 2024 के बीच विमानों में आई तकनीकी खराबी व उसके प्रभाव पर कई प्रश्न पूछे थे। इसके जवाब में केंद्रीय विमानन मंत्री से मिले जवाब के अनुसार बीते पांच साल में विमानों में तकनीकी खराबी की 2993 शिकयतें मिलीं। जबकि इस साल अब तक तकनीकी खराबी के 425 घटनाएं सामने आई हैं और 269 उड़ाने रद्द की गई। वहीं, बीते पांच सालों में 1997 उड़ानें रद्द की गईं। इन पांच सालों में 8 एयर लाइंस कंपनियों ने अलग-अलग कारण बताकर अपनी सेवाएं भी बंद कर दी है।

संसद के बजट सत्र में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा विमानों में तकनीकी खराबियों और उसके चलते रद्द किए गए विमान के संबंध में पूछे गए प्रश्न संख्या 695 का उत्तर 29 जुलाई 2024 को नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने दिया। सरकार के जवाब में यह जानकारी सामने आई कि 2019 से 2024 के बीच विभिन्न एयर लाइनों में कुल 2,993 तकनीकी खराबियां दर्ज की गईं, जबकि 2024 में अब तक तकनीकी खराबी की लगभग 428 घटनाएं रिपोर्ट की गईं। तकनीकी खराबियों के चलते रद्द किए गए उड़ानों के संबंध में सांसद संजय सिंह द्वारा पूछे गए प्रश्न पर सरकार ने जवाब दिया। जिसमे पता चला कि गत 5 वर्षों में तकनीकी कारणों से रद्द उड़ानों की कुल संख्या 1,997 थी और इस वर्ष रद्द उड़ानों की संख्या पिछले 4 वर्षों में सबसे ज्यादा 269 रही।

विमान कंपनियों द्वारा सेवाएं बंद किए जाने के संबंध में आप सांसद संजय सिंह के सवाल पर केंद्रीय विमानन मंत्री ने जवाब दिया कि विभिन्न कारणों के चलते 8 एयर लाइन्स ने अपनी सेवाएं बंद कर दी है। इनमें से अधिकतर कंपनियों ने नवीनीकरण या विस्तार के लिए आवदेन नहीं किया। विमान के किराया के संबंध में पूछे गए सवाल पर मोदी सरकार ने जवाब दिया कि हवाई जहाज का किराया न तो सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं और न तो विनियमित किए जाते हैं।

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