*घटनास्थल से मात्र 10 मिनट की दूरी पर सीएम रेखा गुप्ता और स्थानीय विधायक एवं मंत्री रविन्द्र सिंह इंद्रराज मन की बात कार्यक्रम देख रहे थे : सौरभ भारद्वाज
*गरीबों की सुद लेने के लिए सीएम रेखा गुप्ता के पास एक मिनट का भी समय नहीं है : सौरभ भारद्वाज
*स्थानीय लोगों का कहना है कि आग जानबूझकर लगाई गई है : सौरभ भारद्वाज
*स्थानीय लोगों ने बताया एक भूमाफिया इस झुग्गी बस्ती की जमीन पर कब्जा करना चाहता है : सौरभ भारद्वाज
*पीड़ितों ने बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से खाने पीने की, रहने की और मेडिकल सहायता की कोई व्यवस्था नहीं की गई : सौरभ भारद्वाज
*आम आदमी पार्टी द्वारा आवाज उठाने पर रात 11:00 बजे सीएम रेखा गुप्ता ने एक झूठा ट्वीट किया : सौरभ भारद्वाज
*स्थानीय विधायक एवं मंत्री रविंद्र सिंह इंद्रराज तो रात तक भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे : सौरभ भारद्वाज
*सीएम रेखा गुप्ता बताएं उन्हें घटना की सूचना किस समय प्राप्त हुई : सौरभ भारद्वाज
*देरी से सूचना देने और कार्यवाही करने के लिए दमकल विभाग, पुलिस विभाग एवं सीएम कार्यालय के स्टाफ पर क्या कार्रवाई हुई : सौरभ भारद्वाज
*यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह माना जाएगा कि सीएम रेखा गुप्ता जी को घटना की जानकारी मिल चुकी थी : सौरभ भारद्वाज
*झुग्गी सम्मान यात्रा केवल और केवल वोट लेने के लिए भाजपा का एक ढोंग था : सौरभ भारद्वाज
*भाजपा से अधिक निर्लज और निर्दयी पार्टी मैंने अपने जीवन काल में नहीं देखी : सौरभ भारद्वाज
पार्टी मुख्यालय में हुई एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि कल बवाना विधानसभा क्षेत्र के रोहिणी इलाके में स्थित एक बड़े झुग्गी बस्ती एरिया में आग लगने की घटना घटित हुई। उन्होंने बताया कि इस घटना में लगभग 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गई, दो मासूम बच्चों की जलकर मृत्यु हो गई। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि स्थानीय लोगों के मुताबिक आग लगने की यह घटना सुबह 11:00 से 11:30 के बीच घटित हुई। उन्होंने कहा इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक और दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री रविंद्र सिंह इंद्रराज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के साथ घटनास्थल से मात्र 10 मिनट की दूरी पर बैठकर मन की बात कार्यक्रम सुन रहे थे। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हाल ही में दिल्ली में सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार और सरकार के मंत्री एवं मुख्यमंत्री इतने निर्दयी और निर्लज हैं, कि इतनी बड़ी आगजनी की घटना हुई, 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गई, दो मासूम बच्चों की मृत्यु हो गई, परंतु मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी और स्थानीय विधायक एवं दिल्ली सरकार में मंत्री रविंद्र सिंह इंद्रराज जी घटनास्थल से मात्र 10 मिनट की दूरी पर बैठकर मन की बात कार्यक्रम तो सुनते रहे, परंतु उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर उन गरीब झुग्गी वालों की सुद लेना जरूरी नहीं समझा। घटना से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी पत्रकारों के साथ साझा करते हुए सौरभ भारद्वाज ने बताया, कि स्थानीय लोगों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक दमकल केंद्र घटनास्थल से मात्र 5 मिनट की दूरी पर स्थित है, परंतु आग बुझाने के लिए घटनास्थल पर दमकल घटना के लगभग दो घंटे बाद वहां पहुंचा, जब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था। उन्होंने कहा कि सामान्यतः जब कहीं आग लगने की घटना होती है तो स्थानीय लोग दमकल की सहायता करते हैं, ताकि जल्द से जल्द आग बुझाई जा सके। परंतु पहली बार ऐसा हुआ कि स्थानीय लोगों ने दमकल पर पथराव कर दिया। उसका कारण यह था, कि मात्र 5 मिनट की दूरी होने के बावजूद दमकल की गाड़ियां 2 घंटे बाद पहुंची। जब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था, मासूमों की जलकर मृत्यु हो चुकी थी। यही कारण था कि गुस्साए लोगों ने दमकल की गाड़ियों पर पथराव किया।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जब हमें इस घटना की सूचना मिली तो हम रात लगभग 9:00 बजे आम आदमी पार्टी के कुछ निगम पार्षद विधायक और स्थानीय कार्यकर्ता के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हमने मौके पर पहुंचकर झुग्गी बस्ती में रहने वाले लोगों से बातचीत की। बातचीत करने पर पता चला की सुबह लगभग 11:00 बजे के आसपास आग लगने की घटना घटित हुई थी, परंतु भाजपा शासित दिल्ली सरकार की ओर से अब तक ना तो वहां पर खाने-पीने की कोई व्यवस्था की गई, ना ही पीड़ितों के उपचार के लिए कोई मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई, ना ही उनके रहने के लिए किसी प्रकार के टेंट की व्यवस्था की गई, कोई भी सहायता दिल्ली सरकार की ओर से पीड़ितों को नहीं दी गई, लाइट तक की व्यवस्था वहां नहीं थी, पीड़ित लोग अंधेरे में बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई, हजारों लोग घर से बेघर हो गए, परंतु दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने इन पीड़ितों की सुद लेना तो दूर इस हृदय विदारक घटना पर एक ट्वीट तक करना उचित नहीं समझा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने इस घटना पर आवाज उठाई, मीडिया में यह मामला उठा, तब कहीं जाकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी की नींद खुली और उन्होंने इस घटना पर एक ट्वीट किया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ट्वीट के माध्यम से भी दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने केवल झूठ ही बोला। उन्होंने ट्वीट में कहा कि पीड़ितों को दवाइयां, खाना पीना तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा चुकी है, जबकि हम मौके पर मौजूद थे और घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोग बता रहे थे, कि इस प्रकार की कोई सुविधा दिल्ली सरकार की ओर से नहीं दी गई है। सौरभ भारद्वाज ने घटना से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी पत्रकारों के साथ साझा करते हुए बताया, कि स्थानीय लोगों ने यह जानकारी दी कि यह आग लगी नहीं है बल्कि लगाई गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक भूमिया जो की इस बड़े भू भाग पर, जो की डीडीए की जमीन है, जिस पर यह झुग्गी बस्ती बसी हुई है, उस पर कब्जा करना चाहता है। सौरभ भारद्वाज ने बताया मौके पर वहां पाया गया, कि झुग्गी बस्ती के एक साइड पर कंस्ट्रक्शन का काम भी चल रहा है, वहां पर कंस्ट्रक्शन का सामान ईंट आदि पड़ा हुआ है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बड़ा प्रश्न है, कि डीडीए की जमीन पर कोई भू माफिया कंस्ट्रक्शन कैसे कर पा रहा है? किसके इशारे पर यह सब काम वहां चल रहा है?
मीडिया के माध्यम से सौरभ भारद्वाज ने भाजपा शासित दिल्ली सरकार से कुछ प्रश्न पूछे जो निम्न प्रकार से हैं……
1) इस घटना की पहली सूचना दमकल विभाग को और पुलिस विभाग को कितने बजे प्राप्त हुई?
2) सूचना मिलने के कितने समय बाद आग बुझाने की कार्यवाही शुरू हुई और इस देरी का क्या कारण था?
3) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को इस घटना की सूचना कब प्राप्त हुई?
4) यदि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को यह सूचना रात में मिली तो क्या पुलिस विभाग, दमकल विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की गई?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार की किसी भी बड़ी घटना की जानकारी दिल्ली के मुख्यमंत्री को मुहैया कराना दमकल विभाग के अधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री के सचिव की जिम्मेदारी होती है। यदि इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को इतनी बड़ी घटना की जानकारी नहीं दी तो उस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की और यदि रेखा गुप्ता जी की ओर से कोई कार्रवाई इन दोषी अधिकारियों पर नहीं की गई तो इसका मतलब यह है, कि उन्हें इस बात की जानकारी थी, परंतु वह जानबूझकर अपनी जिम्मेदारियां से बच रही थी और जानबूझकर इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहती थी। परंतु जब आम आदमी पार्टी घटनास्थल पर पहुंची और यह मुद्दा मीडिया में उठा तो मजबूरन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को रात 11:00 बजे इस हृदय विदारक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
इस घटना में जिन दो मासूम बच्चों की जलकर मृत्यु हो गई उनके माता-पिता से हुई बातचीत की जानकारी पत्रकारों को साझा करते हुए सौरभ भारद्वाज ने बताया कि 4 साल के उस मासूम बच्चे के पिता ने बताया, कि वह कूड़ा बीनने का काम करता है और उसकी पत्नी पास ही में किसी के घर में काम करती है। 4 साल का बच्चा घर में अकेला था। आग लगी तो वह कूलर में छिप कर बैठ गया। जिस स्थिति में वह कूलर में बैठा था, उसी स्थिति में उसका शरीर जलकर खाक हो गया। केवल अस्ति कंकाल उसी अवस्था में बैठा हुआ मिला। वहीं एक अन्य मासूम जिसकी मृत्यु हुई उसके पिता से बातचीत की तो पता चला की एक बच्चे को बचाने में वह पिता कामयाब हुआ, परंतु जब दूसरे बच्चे को बचाने के लिए वापस अपनी झुग्गी तक पहुंचा तो आग इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी, कि वह उसे नहीं बचा पाया और उस बच्चे का शरीर भी जलकर खाक हो गया केवल अस्ति कंकाल बचा था। सौरभ भारद्वाज ने बताया की न केवल वह मासूम बच्चे बल्कि बेजुबान जानवर बकरियां जो वहां कुछ लोगों ने पाली हुई थी, वह जिस अवस्था में बैठी थी जलकर खाक हो गई उन बकरियों के भी केवल और केवल अस्ति कंकाल बचे हुए थे। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की यह दिल्ली सरकार और भाजपा की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इतनी निर्दय हो गई है, कि इतनी हृदय विदारक घटना हुई, दो मासूम बच्चे जलकर मर गए, कई बेजुबान जानवर जलकर मर गए, हजारों लोगों के घर जलकर घास हो गए, परंतु वह घटनास्थल से मात्र 10 मिनट की दूरी पर बैठकर मन की बात कार्यक्रम सुनती रही। उन हजारों लोगों से मिलने के लिए 1 मिनट का समय उनके पास नहीं था।
सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि यह वही भारतीय जनता पार्टी है जो दिल्ली चुनाव के समय इन्हीं झुग्गी बस्तियों में जाकर झुग्गी सम्मान यात्रा निकालने की बात कर रही थी। भारतीय जनता पार्टी के नेता झुग्गियों में बच्चों के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा कैरम खेल रहे थे, कोई नेता लूडो खेल रहा था, कोई नेता जगराता कर रहा था और यह सब ड्रामा भारतीय जनता पार्टी केवल और केवल झुग्गी में रहने वाले इन लोगों का वोट प्राप्त करने के लिए कर रही थी। भारतीय जनता पार्टी और भाजपा के नेताओं में जरा सी भी संवेदना नहीं है। चुनाव में वोट प्राप्त करने और चुनाव जीतने के पश्चात आज जब इन झुग्गी बस्ती वालों को भारतीय जनता पार्टी और भाजपा के नेताओं की जरूरत पड़ी तो भाजपा का एक भी नेता इन झुग्गी वालों के साथ खड़ा हुआ नजर नहीं आया। यहां तक की वहां के स्थानीय विधायक रविन्द्र सिंह इंद्रराज भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इससे घटिया सरकार मैंने अपने राजनीतिक जीवन काल में आज तक नहीं देखी।


