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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तराखंड राज्य केंद्र में शनिवार को “देवभूमि राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार – 2025” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन Institute for Social Reforms and Higher Education Charitable Trust (ISRHE) द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य उन व्यक्तित्वों को सम्मानित करना था जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के वन एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल रहे। उन्होंने देशभर से आए प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया।इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई, जिनमें प्रमुख रहे:ई. एन. के. यादव (चेयरमैन, IEI उत्तराखंड) श्री एच. के. उप्रेती प्रो. (डॉ.) सत्येन्द्र मित्तल (कुलपति, पतंजलि विश्वविद्यालय)प्रो. (डॉ.) देवेंद्र सिंह प्रो. (डॉ.) अशुतोष मिश्रा (रजिस्ट्रार, डॉ. अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत)सभी अतिथियों ने ISRHE द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और परंपरा एवं नवाचार के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
आयोजन की रूपरेखा और नेतृत्व
इस पूरे आयोजन की परिकल्पना ISRHE के संस्थापक डॉ. अतुल शर्मा द्वारा की गई थी, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्यरत हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेशु गुप्ता (सचिव, ISRHE) ने किया, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी सुश्री गौरी शर्मा और समन्वय सुश्री गीत शर्मा द्वारा कुशलतापूर्वक निभाया गया।
कार्यक्रम में देशभर से 92 प्रतिष्ठित हस्तियों को “देवभूमि राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया गया। इनमें कुलपति, वैज्ञानिक, शिक्षक, लेखक, समाजसेवी, कलाकार, उद्यमी, डॉक्टर, छात्र, किसान और प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।
डॉ. नरेश कुमार तिवारी – कुलपति, SAM ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भोपाल प्रो. दीपक राज तिवारी – कुलपति, आर्यावर्त विश्वविद्यालय डॉ. मीनागर्ग – राष्ट्रीय अध्यक्ष, जय हिन्द मंच श्री संजीव जैन – एमडी, संगिनी हर्बल्स
श्री आदित्य वत्स – लेखक एवं सांस्कृतिक इतिहासकारश्री श्रीकृष्ण सदाशिव शिंदे – प्रगतिशील किसान, महाराष्ट्रश्री अरविंद के. टी – छात्र, IIT कानपुर
ISRHE द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों को न केवल सम्मानित करता है, बल्कि यह युवाओं और समाज को प्रेरणा भी प्रदान करता है। “देवभूमि राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार – 2025” एक ऐसी पहल है जो भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही है।

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