दिल्ली पुलिस द्वारा हाल में ही नक़ली दवाएँ बनाने वाली गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उसी कड़ी में पुलिस ने जाँच को आगे बढ़ाते हुए। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने नकली फेयर एंड लवली और वीट कॉस्मेटिक क्रीम बनाने वाले से दवाओं और नकली सौंदर्य प्रसाधनों के अवैध निर्माण और आपूर्ति में शामिल एक और बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिससे संगठित नकली दवा और सौंदर्य प्रसाधन आपूर्ति श्रृंखला की खेप पकड़ी गई थी। पुलिस के अनुसार इससे पहले, श्री राम और गौरव भगत नामक दो आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस हिरासत के दौरान, आरोपी श्री राम ने प्रमोद कुमार गुप्ता की संलिप्तता का खुलासा किया, जो नकली बेटनोवेट सी मलहम की आपूर्ति कर रहा था और एक अवैध निर्माण इकाई चला रहा था। लगातार पूछताछ और तकनीकी निगरानी के आधार पर, आरोपी प्रमोद कुमार गुप्ता को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। अवैध फ़ैक्ट्री पर छापा मार आरोपी के निशानदेही पर दिल्ली के बिजवासन गांव में स्थित उसकी अवैध निर्माण इकाई जो आरोपी किराए पर लिए गए एक फार्महाउस से संचालित कर रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया गया और आवश्यक नमूने लिए गए। मौके से भारी मात्रा में कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकेजिंग सामग्री और निर्माण मशीनरी बरामद की गई। ब्रांड मालिक द्वारा सत्यापन छापेमारी के दौरान, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के एक प्रतिनिधि को भी मौके पर बुलाया गया। जब्त किए गए कॉस्मेटिक उत्पादों की जांच के बाद, प्रतिनिधि ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि बरामद फेयर एंड लवली और वीट कॉस्मेटिक क्रीम पूरी तरह से नकली और मिलावटी थीं, और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड द्वारा निर्मित नहीं थीं।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ने लगभग 27,000 नकली ट्यूबों से भरे लगभग 25 कार्टन जला दिए थे।
अपने सहयोगी की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद, उसने बेटनोवेट सी ऑइंटमेंट का उत्पादन शुरू किया। इसके बाद, उसने उत्पादन इकाई को बंद कर दिया और दूसरे राज्य भाग गया।
पुलिस ने लगभग 600 किलोग्राम स्टीयरिक एसिड, खाली डिब्बे, पैकेजिंग और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, फेयर एंड लवली क्रीम और वीट हेयर रिमूवल क्रीम के लगभग 800 800 डिब्बे आदि सहित भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया गया है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट

