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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी ने दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए नव वर्ष 2026 के शुभारंभ पर होने वाली मोरारी बापू रामकथा के बारे में जानकारी दी | विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि भारत की राजधानी दिल्ली एनसीआर में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं सकारात्मक घटना घटित होने जा रही है | इतिहास में यह पहला अवसर होगा कि जैन आचार्य लोकेश जी द्वारा रामकथा का आयोजन भारत मंडपम नई दिल्ली में किया जा रहा है | रामकथा के मर्मज्ञ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पूज्य मोरारी बापू विश्व शांति मिशन के लिए नौ दिन राम कथा करेंगे| विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारत की आत्मा है, भारत की अस्मिता के प्रतीक हैं, वे कोटि कोटि लोगों की आस्था के केंद्र है, उनका जीवन हम सबको प्रेरणा देता है उनके जीवन में चरित्र निष्ठा, अनुशासन, मर्यादा, संयम, त्याग, बड़ों का सम्मान, नारी शक्ति का आदर, आदि आदि गुण उनके जीवन चरित्र में मिलते हैं। नौ दिन की रामकथा युवा पीढ़ी को भावी पीढ़ी को संस्कार निर्माण चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण में सहायक बनेगा| नौ दिवसीय रामकथा के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम, करुणा, शांति, सद्भावना, प्रेम, मानवता का संदेश समस्त विश्व में प्रसारित होगा और विश्व शांति स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक होगा| जैन आचार्य लोकेश जी ने बताया कि राम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द तथा मुख्य संरक्षक दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता है| उन्होंने बताया कि मोरारी बापू ने अहिंसा विश्व भारती द्वारा स्थापित विश्व शांति केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर विश्व शांति मिशन के लिए दिल्ली में नौ दिवसीय रामकथा की घोषणा की थी, जो नव वर्ष 2026 के शुभारंभ के साथ आयोजित हो रही है | रामकथा का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को विश्व शांति मिशन के साथ जोड़ना है | कथा का आयोजन ‘भारत मंडपम’ प्रगति मैदान नई दिल्ली के मल्टी पर्पस हॉल में 17 से 25 जनवरी तक अहिंसा विश्व भारती संस्था द्वारा किया जा रहा है | कथा का शुभारंभ 17 जनवरी को सायं 4 बजे होगा | 18 जनवरी से 25 जनवरी तक कथा का समय प्रात: 10 से 1 बजे तक रहेगा | इस अवसर पर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, यूईए आदि देशों सहित भारत के विभिन्न प्रांतों से कथा श्रवण के लिए श्रद्धालु आ रहे है | इससे सांस्कृतिक मूल्यों के आदान प्रदान के साथ टूरिज़्म आदि को भी प्रोत्साहन मिलता है| प्रतिदिन करीब 4000 श्रद्धालु देश विदेश से राम कथा का श्रवण करने आएंगे | आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस विशेष रिपोर्ट में।

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