किसी ने सच ही कहा कि पैसा खुदा तो नहीं है पर खुदा की क़सम खुदा से कुछ कम भी नहीं है जी हाँ इसी पैसे के लेन देन को लेकर लोग इस तरह से एक गंभीर अपराध कर बैठते हैं। ये उन्हें शायद ख़ुद भी नहीं पता रहता। जी हाँ उत्तरी पश्चिमी जिला के थाना आदर्श नगर की पुलिस ने रुपयों के लेन देन को लेकर एक व्यक्ति के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ़्तार किया है। पकड़े गए आरोपी का नाम ज्ञानेश्वर चव्हाण पुत्र सखाराम चव्हाण, निवासी शिंदेशवाड़ गांव, आयु 40 वर्ष बताया गया है। पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर को थाना आदर्श नगर, दिल्ली में एक PCR कॉल प्राप्त हुई, जिसमें पंचवटी, आज़ादपुर मंडी के सामने एक कार में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एक व्यक्ति के अपहरण की सूचना दी गई। कॉल करने वाले से संपर्क किया गया, जिसने स्वयं को मात्र एक राहगीर बताया और घटना के संबंध में अन्य कोई जानकारी होने से इनकार किया। पुलिस ने मामले की जाँच पड़ताल करते हुए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खँगाला। इसी दौरान गत 29 दिसम्बर को शिकायतकर्ता प्रियांशु शुक्ला, निवासी आदर्श नगर थाना पहुँचे और बताया कि उनके मित्र गुड्डू सरोज पुत्र रामबचन सरोज, निवासी मकान संख्या 25, द्वितीय तल, सराय पीपल थला, आदर्श नगर का 27 दिसंबर को लगभग 07:30 बजे पंचवटी, आज़ादपुर मंडी के पास एक कार में अपहरण कर लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि एक आरोपी राजाराम, निवासी जलना, महाराष्ट्र पीड़ित गुड्डू सरोज को छोड़ने के बदले पैसों की मांग कर रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर एक टीम बनाएंगी गई। जांच के दौरान 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे यह सामने आया कि दिनांक 27 दिसंबर को पीड़ित गुड्डू सरोज का पंचवटी, आज़ादपुर मंडी के सामने एक सफेद रंग की कार में दो आरोपियों द्वारा जबरन अपहरण किया गया। उक्त वाहन की पहचान मारुति स्विफ्ट डिज़ायर, रजिस्ट्रेशन नंबर MH 46 AL 0042 के रूप में हुई, जो रामदास हरिश्चंद्र हारेर, निवासी अम्बड, जिला जलना, महाराष्ट्र के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस टीम जलना, महाराष्ट्र पहुँची। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया गया तथा थोड़ी सी चूक से भी पीड़ित की जान को खतरा हो सकता था। बावजूद इसके, पुलिस टीम ने साहस, दृढ़ता एवं उच्च मनोबल का परिचय देते हुए पीड़ित को सुरक्षित बरामद किया तथा आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ज्ञानेश्वर चव्हाण ने स्वीकार किया कि उसने अपने दो अन्य साथियों राजाराम (आरोपी ज्ञानेश्वर चव्हाण का सगा भाई) एवं सोमनाथ उदाडंगे, निवासी अम्बड के साथ मिलकर इस अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। अपराध में इस्तेमाल वाहन की व्यवस्था एवं संचालन सोमनाथ उदाडंगे द्वारा किया गया था। वाहन रामदास हरिश्चंद्र हारेर, जो कि आरोपी सोमनाथ उदाडंगे का ससुर है, के नाम पर पंजीकृत पाया गया। आरोपी ने खुलासा किया कि पीड़ित द्वारा बकाया कर्ज की राशि की वसूली के उद्देश्य से अपहरण किया गया था। आइए देखते हैं यह रिपोर्ट।
बहरहाल अपहरण कि इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही हैं। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।
(भीष्म सिंह) आईपीएस
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
उत्तर-पश्चिम जिला, दिल्ली


