प्रधानमंत्री के क्षेत्र को स्वच्छ, साफ और हरित बनाने और विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण के अंतर्गत, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा तथा उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने नीदरलैंड साम्राज्य की राजदूत महामहिम सुश्री मारिसा गेरार्ड्स एवं परिषद सदस्य – श्री अनिल वाल्मीकि की गरिमामयी उपस्थिति में आज शांति पथ, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एनडीएमसी ट्यूलिप उत्सव–2026 का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने ट्यूलिप वॉक में हिस्सा लिया और एनडीएमसी द्वारा आयोजित ट्यूलिप प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसने राजधानी के बीच बसंत के रंग-बिरंगे फूलों का आनंद दर्शकों को कराया।
इस अवसर पर श्री केशव चंद्रा ने बताया कि ट्यूलिप के इतिहास, विभिन्न किस्मों तथा शांति पथ के आसपास स्थित स्मारकों के इतिहास पर आधारित एक प्रदर्शनी भी शांति पथ, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में खिले हुए ट्यूलिपों के बीच आज प्रदर्शित की गई है। उन्होने कहा कि दूसरी बार एनडीएमसी ने एक लाख ट्यूलिप बल्बो के गमले तैयार कर उन्हें आम जनता के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराया है। ये शांति पथ लॉन, लोधी गार्डन, नेहरू पार्क, तालकटोरा गार्डन, सेंट्रल पार्क तथा एनडीएमसी की नर्सरियों (सफदरजंग मदरसा, गुरुद्वारा पार्क, पुराना किला मार्ग आदि) में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर श्री चहल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में आम जनता से अत्यधिक सराहना प्राप्त होने के बाद एनडीएमसी गर्व के साथ ट्यूलिप उत्सव–2026 के चौथे संस्करण का आयोजन कर रही है, जो नई दिल्ली में भव्य पुष्प सज्जा के माध्यम से बसंत ऋतु का स्वागत कर रहा है। उन्होंने बताया कि एनडीएमसी ने वर्ष 2017–18 में मौसम की उपयुक्तता का आकलन करने के लिए परीक्षण के रूप में ट्यूलिप बल्बो का रोपण प्रारंभ किया था। मात्र 17,000 बल्ब से शुरू हुई यह पहल आज एक प्रमुख वार्षिक आयोजन बन चुकी है, जिससे एनडीएमसी सार्वजनिक स्थलों पर सफलतापूर्वक ट्यूलिप उगाने वाली भारत की पहली नागरिक संस्था बन गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल 5,17,500 ट्यूलिप बल्ब मंगए गए , जिनमें से 3,25,000 बल्ब एनडीएमसी के लिए तथा 1,92,500 बल्ब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के थे । एनडीएमसी ने लगभग 2,25,000 बल्ब शांति पथ, सेंट्रल पार्क (कनॉट प्लेस), कन्वेंशन सेंटर, लोधी गार्डन, तालकटोरा गार्डन, सरदार पटेल मार्ग, मंडी हाउस, विंडसर प्लेस, शेरशाह सूरी मार्ग तथा उपराष्ट्रपति भवन के निकट स्थित गोलचक्करों सहित प्रमुख स्थलों पर लगाए । उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त लगभग 1,00,000 ट्यूलिप बल्ब गमलों में लगाए गए थे और उन्हें आम जनता की खरीद के लिए भी उपलब्ध कराया गया है। एनडीएमसी ने लोधी गार्डन स्थित ट्यूलिप हाउस संरक्षण केंद्र में सुरक्षित रखे गए 15,000 बल्बो तथा पालमपुर स्थित वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद–हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र से प्राप्त 20,700 बल्बो का भी रोपण किया था ।
श्री चहल ने कहा कि इस प्रकार के उत्सव माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ‘विकसित भारत’ का हिस्सा हैं और देश, दिल्ली और नई दिल्ली के लिए गर्व का विषय बन गए हैं। उउन्होंने बताया कि राजदूत महोदया के साथ खिले हुए ट्यूलिपों के बीच भ्रमण करना अत्यंत सुखद अनुभव रहा और इस दौरान ट्यूलिपों से जुड़े कई रोचक तथ्य उन्होंने साझा किए। ये ट्यूलिप अब एनडीएमसी क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण बन गए हैं। इसके अलावा, यह उत्सव भारत एआई इम्पैक्ट समिट (AI India Impact Summit) के दौरान भी विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करता है, क्योंकि यह भारत में तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में नई पहल और वैश्विक सहभागिता को उजागर करता है। श्री चहल ने इस उत्सव के सफल आयोजन के लिए उद्यान विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की भी सराहना की।
इस अवसर पर महामहिम सुश्री मारिसा गेरार्ड्स ने कहा: “ट्यूलिप की यात्रा — मध्य एशिया से होते हुए उस्मानी साम्राज्य और फिर नीदरलैंड के लीडेन नगर तक — हमारे देशों की मित्रता की यात्रा को दर्शाती है। आज जब ये डच ट्यूलिप एक बार फिर एशिया में खिल रहे हैं, तो वे हमारे साझा इतिहास के साथ-साथ व्यापार, नवाचार और जन-से-जन संबंधों में बढ़ती साझेदारी का प्रतीक हैं। यह उत्सव हमारे लोगों को जोड़ता रहे और हमारे देशों के बीच जीवंत संबंधों का उत्सव मनाते रहे।”
इस अवसर पर श्री चंद्रा ने कहा कि वर्तमान में नई दिल्ली के प्रमुख एनडीएमसी क्षेत्रों में लाल, सफेद, पीले, बैंगनी, गुलाबी, नारंगी तथा द्वि-रंगी ट्यूलिपों की आकर्षक छटा बिखरी हुई है। ये पुष्प सज्जाएं बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित कर रही हैं और लगातार दूसरे वर्ष एनडीएमसी ने एक लाख गमले वाले ट्यूलिप पौधे सार्वजनिक बिक्री के लिए तैयार किए हैं। ये शांति पथ लॉन, लोधी गार्डन, नेहरू पार्क, तालकटोरा गार्डन, सेंट्रल पार्क तथा एनडीएमसी नर्सरियों — सफदरजंग मदरसा, गुरुद्वारा पार्क और पुराना किला मार्ग — पर उपलब्ध हैं। इस अवसर पर उन्होने जनता से ट्यूलिप प्रदर्शनी देखने की अपील की।
एनडीएमसी विभिन्न पहलों के माध्यम से नई दिल्ली की सुंदरता और जीवंतता को बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहरा रही है। ट्यूलिप रोपण परियोजना परिषद के उस निरंतर प्रयास का प्रमाण है, जिसके द्वारा राजधानी को अधिक सुंदर और समृद्ध बनाया जा रहा है। यह पहल अन्य नागरिक संस्थाओं के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करती है कि शहरी हरियाली किसी भी शहर को अधिक रहने योग्य और प्रेरणादायक बना सकती है।
इस अवसर पर, एनडीएमसी के पालिका परिषद सदस्य श्री अनिल वाल्मीकि, परिषद सचिव एव विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी, साथ ही बड़ी संख्या में आम दर्शक, इस उत्सव को देखने और उसमें भाग लेने के लिए उपस्थित थे।


