यह तस्वीरें देखकर आप शायद यह सोच रहे होंगे कि यह किसी हिल स्टेशन की या किसी घूमने वाली जगह की तस्वीरें हैं। लेकिन आपको बता दें कि ना तो यह किसी हिल स्टेशन की तस्वीरें हैं और न ही यह कोई घूमने वाली जगह की तस्वीरें हैं। दरअसल यह तस्वीरें उदयपुर और जम्मू कश्मीर की कुछ इलाक़े की है। यहाँ दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिला पुलिस टीम पांच दिनों तक उधमपुर के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से होते हुए आगे बढ़ती रही। दुर्गम क्षेत्र के कारण, उन्हें मोबाइल निगरानी में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, कई जगहों पर कच्ची सड़कें और यहां तक कि सड़कों का न होना भी पुलिस टीम के लिए गंभीर बाधाएं बन गया। इन कठिनाइयों के बावजूद, टीम ने स्थान संबंधी सूचनाओं और जानकारी के आधार पर, यहां तक कि घोर अंधेरे में भी, 17 फ़रवरी को दिल्ली के तिमारपुर इलाक़े में 15 लाख रुपये नगद और 22 एप्पल आईफोन की लूट हुई थी। लूट करने वाली तीन महिलाएँ और तीन पुरुष शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस स्टेशन तिमारपुर और विशेष स्टाफ की एक संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस आरोपियों की तलाश जारी रखी। पुलिस टीम कई दिनों तक जंगलों में रातें बिताती रही और आखिरकार, लगभग 8 दिनों की खोज के बाद, पुलिस टीम ने आरोपी तारिक को उसके पैतृक गांव फरोले, जम्मू के वन क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफल रही। पुलिस के अनुसार 17 फ़रवरी को शिकायतकर्ता रमेश लाल, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम डोरी दगीर, जिला जम्मू, पुलिस स्टेशन तिमारपुर गए और बताया कि वे जम्मू स्थित मोबाइल की दुकान ‘गैजेट गैलेक्सी’ में काम करते हैं। 16, 17 फ़रवरी की दरमियानी रात को वे सामान की खरीद बिक्री के लिए जम्मू से दिल्ली जाने वाली एक निजी बस में सवार हुए। उनके पास 15 लाख रुपये नकद और 30 लाख रुपये मूल्य के 22 पैक किए हुए एप्पल मोबाइल फोन एक बैग में थे। उनके पास एक छोटा बैग भी था जिसमें उनका निजी मोबाइल फोन रखा था। 17 फ़रवरी को सुबह लगभग 7:15 बजे वे मजनू का टीला पर बस से उतरे। उसी समय, 3 अज्ञात पुरुष और 3 अज्ञात महिलाएं भी उसी बस से उतरीं। जब वे ऑटो में चढ़ रहे थे, तभी इन छहों अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें घेर लिया और उन पर छेड़छाड़ और मारपीट के झूठे आरोप लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने उसके दोनों बैग छीन लिए। आरोपी पुरुष तुरंत नकदी और 22 एप्पल आईफोन से भरा बैग लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही शिकायतकर्ता और आम लोगों की मदद से तीनों महिला हमलावरों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। शिकायतकर्ता का छोटा बैग, जिसमें उसका निजी मोबाइल फोन था, बरामद कर लिया गया और इन महिलाओं को तिमारपुर पुलिस स्टेशन लाया गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद, तिमारपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। पंजाब और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में 1500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए आठ दिनों तक चले तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप दो अन्य पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, दोनों जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं। पुलिस ने कुल पाँच आरोपियों को गिरफ़्तार किया है पकड़े गए आरोपियों का नाम है मनीवा अख्तर, उम्र 24 वर्ष, पत्नी तारिक हुसैन, निवासी ग्राम फरोले, बलंद, राम नगर, उधमपुर, जम्मू। दूसरी महिला आरोपी जूना बेगम, उम्र 31 वर्ष, पत्नी आलम दीन, निवासी रसैन, राम नगर, उधमपुर, जम्मू। वह मनीवा की सहेली है
तीसरी महिला आरोपी हाशु बीबी, उम्र 23 वर्ष, पुत्री मोजू दीन, निवासी मन्यारी, रघुनाथ पोरा, कठुआ, जम्मू। यह भी मनीवा की सहेली है। चौथा आरोपी तारिक हुसैन उर्फ फरीदो, उम्र 33 वर्ष, पुत्र मोहदीन, निवासी ग्राम फरोले, बलंद, राम नगर, उधमपुर, जम्मू। वह फरार आरोपी परवेज़ का मित्र है, जो इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता है। पांचवां आरोपी मोहम्मद फारूक उर्फ इमरान उर्फ मधु, उम्र 28 वर्ष, पिता अब्दुल अरशद, निवासी फरोले, बलंद, राम नगर, उधमपुर, जम्मू। वह स्नातक है और एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। वह फरार आरोपी परवेज़ का भतीजा है।
बताया जाता है कि तीनों महिला आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि इस घटना में कुल छह लोग शामिल थे और परवेज़ इस पूरी योजना का मास्टरमाइंड है। सभी आरोपी जम्मू के निवासी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि तीनों पुरुष आरोपी जम्मू निवासी परवेज़ की योजना के अनुसार वापस जम्मू लौट गए हैं। बहरहाल पुलिस ने लूटी गई नकदी 15 लाख रुपये। लूटे गए 21 एप्पल आईफोन, जिनकी कीमत 30 लाख रुपये है। शिकायतकर्ता का लूटा गया मोबाइल फोन रेडमी 10 बरामद कर लिया है पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।

