डस्ट-फ्री दिल्ली अभियान के तहत एमसीडी ने प्रयास तेज किए; मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती और संचालन अवधि बढ़ाई
इस यांत्रिक सफाई के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 150 टन धूल एकत्र की जा रही है
नई दिल्ली, 10 मार्च 2026
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने अधिकार क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष 10-दिवसीय डस्ट-फ्री दिल्ली अभियान के तहत शहर में स्वच्छता की स्थिति सुधारने और धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। यांत्रिक सड़क सफाई और धूल नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, विशेष रूप से मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती और उपयोग को बढ़ाया गया है ।
वर्तमान में 52 मैकेनिकल रोड स्वीपर्स को लोक निर्माण विभाग की उन सड़कों पर यांत्रिक सफाई के लिए तैनात किया गया है जिनकी राइट ऑफ वे 18 मीटर या उससे अधिक है। इन मशीनों के माध्यम से लगभग 3400 किमी लेन लंबाई वाली पीडब्ल्यूडी सड़कों की यांत्रिक सफाई की जा रही है। इस यांत्रिक सफाई के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 150 टन धूल एकत्र की जा रही है। एकत्रित धूल का एक हिस्सा शास्त्री पार्क स्थित निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र में भेजा जाता है, जबकि शेष मात्रा को एमसीडी के निर्धारित सैनिटरी लैंडफिल स्थलों पर निस्तारित किया जाता है।
चल रहे डस्ट-फ्री अभियान के तहत एक विशेष पहल के रूप में मैकेनिकल रोड स्वीपर्स के संचालन समय को रात्रि के बजाय दिन के समय कर दिया गया है, ताकि बेहतर निगरानी और संचालन क्षमता सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, इन मशीनों के संचालन की अवधि में दो घंटे की वृद्धि की गई है। पहले ये मशीनें प्रतिदिन 8 घंटे संचालित होती थीं, जिन्हें अब बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है। संचालन अवधि में इस वृद्धि से प्रतिदिन सड़क सफाई कवरेज में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है, जिससे महत्वपूर्ण सड़कों की अधिक बार सफाई संभव हो सकेगी।
धूल नियंत्रण उपायों को और मजबूत करने के लिए 28 मोबाइल वाटर टैंक आधारित स्प्रिंकलर, जिनमें माउंटेड एंटी-स्मॉग गन लगी हुई हैं, को भी प्रमुख सड़कों पर तैनात किया गया है। मैकेनिकल स्वीपर्स की तरह ही इन स्प्रिंकलरों के संचालन समय को भी 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे प्रति शिफ्ट कर दिया गया है। संचालन समय में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि से कम से कम 20 प्रतिशत अधिक सड़क क्षेत्रों को कवर किया जा सकेगा, जो सड़कों को धूल-मुक्त बनाने के उद्देश्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इन सुदृढ़ यांत्रिक सफाई और धूल नियंत्रण उपायों के माध्यम से एमसीडी का उद्देश्य शहर में स्वच्छता की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार करना और धूल प्रदूषण को कम करना है।












