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नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम नियुक्ति की है। उन्होंने नेशनल अकाली दल के एजुकेशन विंग के दिल्ली प्रदेश की अध्यक्ष के रूप में रिदम चड्ढा को नियुक्त किया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव विक्रांत मोहन, जसवीर सिंह सरना, दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष कुलदीप सिंह मारवाह सचिव बलविंदर सिंह सरना, सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा, भावना धवन व सुनीता अरोड़ा
भी उपस्थित थी।
इस अवसर पर परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि रिदम चड्ढा लंबे समय से शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनका अनुभव और समर्पण शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि रिदम चड्ढा निजी स्कूलों में प्रिंसिपल के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, जिससे उन्हें शिक्षा व्यवस्था की गहरी समझ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल अकाली दल का उद्देश्य राजनीति करना नहीं है, बल्कि बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा से जोड़ना और उन्हें ऑनलाइन गेम्स जैसी नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखना है। संगठन समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को सही दिशा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
पम्मा ने कहा कि एजुकेशन विंग का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करना है। यदि किसी भी स्कूल द्वारा अनुचित शुल्क वसूला जाता है या नियमों की अनदेखी की जाती है, तो संगठन ऐसे मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर समाधान सुनिश्चित करेगा।
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि आजकल कई स्कूलों की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि वे जब चाहें फीस बढ़ा देते हैं और किताबों व ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से मनमाने पैसे वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति को देखते हुए नेशनल अकाली दल का एजुकेशन विंग इन मामलों पर कड़ी नजर रखेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अभिभावकों को साथ लेकर आवाज उठाई जाएगी और संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी।
परमजीत सिंह पम्मा ने आरोप लगाया है कि राजधानी के कई प्राइवेट स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के साथ भेदभाव कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनमें EWS कोटे के तहत दाखिला पाने वाले बच्चों के एडमिशन रद्द किए जा रहे हैं। पम्मा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है।
उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की है कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सभी बच्चों को बिना भेदभाव के शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
पम्मा ने चेतावनी दी कि यदि स्कूलों की मनमानी नहीं रुकी तो संगठन ऐसे स्कूलों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेगा, ताकि अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिल सके।
पम्मा ने कहा कि एजुकेशन विंग शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और गुणवत्ता सुधारने के लिए भी काम करेगा। बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ना संगठन की प्राथमिकता होगी।
पम्मा ने यह भी बताया कि आने वाले समय में नेशनल अकाली दल द्वारा अन्य विंग्स की भी जल्द घोषणा की जाएगी, जिससे संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी।
रिदम चड्ढा ने इस जिम्मेदारी के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने और युवाओं को सही दिशा देने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करेंगी। उन्होंने कहा कि वह अभिभावकों और छात्रों के बीच संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष प्रयास करेंगी।

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