नई दिल्ली, 21 सितम्बर, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के निर्देशानुसार दिल्ली कांग्रेस की ओर से बूथ मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन श्री राजेश गर्ग एवं लीगल डिपार्टमेंट के चेयरमैन एडवोकेट सुनील कुमार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा एसआईआर के संबंध में बुलाई गई बैठक में भाग लिया।
प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ड्राफ्ट सूची जारी होने से पहले ही चुनाव आयोग से यह मांग की थी कि ड्राफ्ट सूची के साथ ही अनमेप्ड मतदाता तथा तार्किक विसंगतियों और अनियमितताओं वाले मतदाता का डेटा भी जारी किया जाए। चुनाव आयोग ने शुरु में ही हमारी इस मांग को नामंजूर कर दिया गया, लेकिन पुनः अनुरोध करने पर अब यह डेटा जारी तो कर दिया है लेकिन नोटिस के जवाब देने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 अत्यंत निकट की रखना, चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल खड़े करती है। कि वह लोगों को मौका ही नही देना चाहती है।
श्री देवेन्द्र यादव कहा कि वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। चुनाव आयोग अभी तक आधे से अधिक नोटिस वितरित नहीं कर पाया है। जहां-जहां नोटिस पहुंचे हैं, वहां जवाब देने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। अधिकांश बीएलओ को यह स्पष्ट नहीं है कि नोटिस के जवाब किस प्रक्रिया के तहत लिए जाने हैं। ऐसी स्थिति में 30 सितंबर तक सभी जवाब प्राप्त करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याआंे और बीएलओ पर अधिक कार्यभार को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने मांग बैठक में की है कि क्लेम और आब्जेक्शन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 की जाए।
श्री राजेश गर्ग ने कहा कि लाखों ऐसे मतदाता, जिनके नाम पहले मतदाता सूची में थे, उन्हें अब ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिया गया है और उन्हें फार्म-6 भरने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं पर झूठी घोषणा करने का दबाव बनाया जा रहा है कि वे पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे को लेकर वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
एडवोकेट सुनील कुमार ने कहा कि ड्राफ्ट सूची में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं, जिन्होंने एनूमरेशन फार्म भरा था और जिन्हें बीएलओ द्वारा विधिवत रिसीविंग भी दी गई है। ये सभी लोग उसी पते पर निवास करते हैं, इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं चुनाव आयोग की नाकामी हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी पात्र मतदाताओं के नाम तत्काल ड्राफ्ट सूची में जोड़े जाएं। साथ ही, उन्होंने बेघर नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।






