*बेहतर होगा की अरविंद केजरीवाल सरकार कोरी विज्ञापनबाजी करने की बजाये दिल्ली के स्वास्थ्य एवं शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लियें काम करे — वीरेन्द्र सचदेवा
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल सरकार को अपनी राजनीतिक पीठ थपथपाने के लिए दूसरे राज्य के किसी गणमान्य व्यक्ति के उनके मोहल्ला क्लिनिक या स्कूल के दौरे का उपयोग करने की आदत है, लेकिन यह अक्सर उन पर उल्टा पड़ती है।
आज दोपहर में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर दुनिया को बताया कि कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने उनके साथ एक मोहल्ला क्लिनिक का दौरा किया और उसकी सेवाओं की सराहना की।
कुछ घंटों बाद दिनेश गुंडू राव ने दुनिया को ट्वीट किया कि दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक का उनका दौरा निराशाजनक था और वे अति प्रचारित हैं।
दिनेश गुंडू राव के ट्वीट ने सौरभ भारद्वाज को राजनीतिक रूप से शर्मसार किया है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि यह पहला मामला नहीं है जब आम आदमी पार्टी के किसी नेता द्वारा किसी अन्य राज्य के गणमान्य व्यक्तियों की यात्रा का उपयोग करके अपनी सरकार की पीठ थपथपाने की कोशिश का उल्टा असर हुआ है।
पिछले वर्ष तब विधायक के रूप में सुश्री आतिशी ने ट्वीट किया था कि केरल सरकार के शिक्षाविद् समूह ने हमारे स्कूल का दौरा किया और इसकी सराहना की, लेकिन कुछ घंटों बाद केरल के मंत्री के. शिवनकुट्टी ने ट्वीट कर कहा था कि ना तो केरल सरकार के शिक्षाविद् समूह ने दिल्ली के स्कूल का दौरा किया और न ही इसकी सराहना की।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा है कि 90% मोहल्ला क्लिनिक ख़राब स्थिति में पड़े हैं, अधिकांश में कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं है और कोई स्वास्थ्य कार्यकर्ता या कंपाउंडर कम फार्मासिस्ट उन्हें चलाता है और आधे महीने उनमें ताला लटका रहता है।
अधिकांश मोहल्ला क्लिनिक दवाओं के नाम पर एस्प्रिन और कफ सिरप के थोड़े से स्टॉक के साथ चलाए जा रहे हैं।
सचदेवा ने कहा है कि केजरीवाल सरकार ने लगभग 4-5 सैंपल स्कूल और 4-5 मोहल्ला क्लीनिक विकसित किए हैं और उन्हें मीडिया के माध्यम से गणमान्य व्यक्तियों और अन्य राज्यों के लोगों के सामने पेश करते रहते हैं, जबकि 1000 से अधिक दिल्ली सरकार के स्कूल और 450 मोहल्ला क्लीनिक में बुनियादी शिक्षा या स्वास्थ्य आधारभूत संरचना का अभाव है।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने सीएम अरविंद केजरीवाल से कहा है की बेहतर होगा की वह कोरी विज्ञापनबाजी करने की बजाये दिल्ली के स्वास्थ्य एवं शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लियें काम करें।


