- अगर 100 वर्ग फुट के अंदर शराब की दुकान है तो 20 मीटर की परिधि में बारशाला बना सकते हैं, यानी अब लोग अपनी दुकानों में खुलेआम शराब पिला सकते हैं- संजीव झा
- अगर खुलेआम शराब पिलाने लगेंगे तो किस प्रकार से अपराध होंगे इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता- संजीव झा
- नई शराब नीति के अनुसार अब 12000 का शुल्क देकर घर में भी बारशाला बना सकते हैं- संजीव झा
- सनातन धर्म कहता है कि घर के कोने में मंदिर होना चाहिए लेकिन मुख्यमंत्री योगी जी कह रहे हैं कि घर के कोने में बारशाला बनाओ- संजीव झा
- जनता ने योगी जी को यह सोचकर वोट दिया था कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था और रोजगार मिलेगा, उल्टा वह नौजवानों को शराब के टेट्रा पैक दे रहे हैं- संजीव झा
- यूपी की नई शराब नीति भाजपा सरकार की कथनी और करनी के फर्क को साफ दर्शाती है- संजीव झा
“आप” विधायक संजवी झा ने कहा कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश को शराब की नगरी बनाने की तैयारी में हैं। रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन व बस स्टैंड पर खुलेआम शराब बेचने की अनुमति दी गई है। अगर 100 वर्ग फुट के अंदर शराब की दुकान है तो 20 मीटर की परिधि में बारशाला बना सकते हैं। यानी अब लोग अपनी दुकानों में खुलेआम शराब पिला सकते हैं। अगर खुलेआम शराब पिलाने लगेंगे तो किस प्रकार से अपराध होंगे इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। नई शराब नीति के अनुसार अब 12000 का शुल्क देकर घर में भी बारशाला बना सकते हैं। सनातन धर्म कहता है कि घर के कोने में मंदिर होना चाहिए लेकिन मुख्यमंत्री योगी जी कह रहे हैं कि घर के कोने में बारशाला बनाओ। संजीव झा ने कहा कि जनता ने योगी जी को यह सोचकर वोट दिया था कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था और रोजगार मिलेगा। उल्टा वह नौजवानों को शराब के टेट्रा पैक दे रहे हैं। यूपी की नई शराब नीति भाजपा सरकार की कथनी और करनी के फर्क को साफ दर्शाती है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं बुराड़ी के विधायक संजीव झा ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण विषय पर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। विधायक संजीव झा ने कहा कि एक तरफ उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्रतिष्ठा की तैयारी हो रही है, दूसरी तरफ उसी राज्य को शराब की राजधानी बनाने की तैयारी चल रही है। अभी यूपी की एक्साइज पॉलिसी आई है। इसमें बताया गया है कि अब रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और बस स्टैंड पर भी शराब बेची जा सकती है। पहले भी ट्रेन और बसों में शराब की कई घटनाएं सुनी गई हैं और अगर वहां खुलेआम शराब की बिक्री होगी तो अपराध किस प्रकार होगा, इसका अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि अब शराब टेट्रा पैक में बिकेगी।
उन्होंने कहा कि इस शराब नीति के अनुसार अगर 100 वर्ग फुट के अंदर आपकी शराब की दुकान है तो आप 20 मीटर की परिधि में बारशाला बना सकते हैं। यानी कि आप अपनी दुकान में लोगों को शराब पिला सकते हैं। जहां-जहां शराब की दुकाने हैं, वहां लोग शराब पीकर बदमाशियां करते हैं। अगर शराब की दुकान के पास ही शराब पिलाने लगेंगे तो किस प्रकार से अपराध होंगे, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। हद तो तब हो गई जब कहा गया कि आप अपने घर में भी बारशाला बना सकते हैं। कह रहे हैं कि 12000 का शुल्क देकर आप अपने घर में लोगों को शराब पिला सकते हैं। सनातन धर्म कहता है कि घर के कोने में मंदिर होना चाहिए लेकिन योगी जी कह रहे हैं कि घर के कोने में बारशाला बनाओ। योगी जी को अचानक मदिरा से प्रेम कैसे हो गया, मैं जानना चाहता हूं।
“आप” नेता ने कहा कि कोई देश या राज्य आगे तब बढ़ता है, जब आप शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक करते हैं। दिल्ली की हर कॉलोनी में मोहल्ला क्लीनिक बन रहे हैं, स्कूल ठीक हो रहे हैं लेकिन योगी जी कह रहे हैं कि हर चौक-चौराहे पर मदिरालय हो। मैं योगी जी से कहना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश की जनता ने यह सोचकर आपको वोट दिया था कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था मिलेगी, नौजवानों को रोजगार मिलेगा। उल्टा आप हर नौजवान को शराब के टेट्रा पैक दे रहे हैं। यह दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में कितना फर्क है। उत्तर प्रदेश को शराब की नगरी ना माना जाए इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी जी की है। जिस प्रकार दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार जगह-जगह शिक्षा और स्वास्थ्य का काम कर रही है, उसी प्रकार अगर मेट्रो स्टेशन व रेलवे स्टेशन पर शराब की दुकान और बारशाला खोलने की बजाय आप मोहल्ला क्लीनिक खोलेंगे तो लोगों का ठीक से इलाज हो पाएगा।


