नई दिल्ली : प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय श्री राज कुमार खन्ना की 12वीं पुण्यतिथि पूरे क्षेत्र में अत्यधिक श्रद्धा, आदर और सेवा-भाव के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर उनके परिवारजनों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए स्वर्गीय श्री खन्ना की स्मृति में एक विशेष जन-सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत क्षेत्र के आम नागरिकों और राहगीरों के बीच उनके पसंदीदा ग्रीष्मकालीन पेय शिकंजी (नींबू पानी) का बड़े पैमाने पर वितरण किया गया।
इस सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य चिलचिलाती धूप और गर्मी में लोगों को शीतलता प्रदान करना और स्व. खन्ना के परोपकारी स्वभाव को जीवंत रखना था।
सादगी, ईमानदारी और निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक थे स्व. खन्ना
पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान स्व. श्री राज कुमार खन्ना के सुपुत्र एवं क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेश खन्ना ने अपने पूजनीय पिता को याद करते हुए उनके जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनके पिता शुरू से ही बेहद सरल, सौम्य और सहज स्वभाव के धनी थे। समाज के गरीब, वंचित और असहाय लोगों की मदद के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे और उनके सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते थे।
अपने पिता के सिद्धांतों को साझा करते हुए राजेश खन्ना ने कहा:
“पिताजी हमेशा सत्य और ईमानदारी की राह पर चले। वह गरीबों के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहते थे और निःस्वार्थ भाव से समाज के अंतिम पायदान पर मौजूद लोगों की सेवा करते थे। उनका पूरा जीवन सादा, साधारण और बिना किसी लोभ-लालच या स्वार्थ का था। उन्होंने हमें सिखाया कि इंसान की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और सेवा-भाव से होती है।”
पिता की प्रेरणा से पिछले 22 वर्षों से पत्रकारिता के जरिए समाज सेवा
राजेश खन्ना ने अपने पिता को याद करते हुए अत्यंत भावुक स्वर में कहा कि उनके पिता एक अत्यंत ईमानदार, मिलनसार और सच्चे समाजसेवी थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी किसी बात का घमंड नहीं किया, लेकिन गलत काम करने वालों या अन्याय के खिलाफ वे हमेशा मजबूती से आवाज उठाते थे।







उन्होंने आगे कहा:
“पिताजी ने हमें भी जीवन में हमेशा ईमानदारी, सच्चाई और निस्वार्थ सेवा के पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा दी। आज मैं गर्व और जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूँ कि मैं उन्हीं के दिखाए हुए आदर्श रास्ते पर चल रहा हूँ। पिछले 22 वर्षों से पत्रकारिता के माध्यम से समाज और जनता की आवाज बनकर मैं देश और समाज की निरंतर सेवा कर रहा हूँ। यह सब उन्हीं के संस्कारों का प्रतिफल है।”
नम आंखों से माता-पिता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
पुण्यतिथि के इस भावुक क्षण में अपने पिता की कमी को महसूस करते हुए राजेश खन्ना की आंखें नम हो गईं। उन्होंने भर्राए गले से कहा:
“आज पिताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मेरी आंखें फिर से नम हो गईं। पिताजी भले ही आज भौतिक रूप से इस दुनिया में हमारे बीच नहीं हैं, परंतु उनका साया, उनके संस्कार और उनका सूक्ष्म आशीर्वाद हमेशा हमारे परिवार के साथ है। मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूँ कि वे मेरे माता-पिता की पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और उन्हें अपने श्रीचरणों में उत्तम स्थान दें।”
पूरा परिवार और क्षेत्रीय नागरिक रहे उपस्थित, लिया संकल्प
इस श्रद्धांजलि सभा और शिकंजी वितरण कार्यक्रम में खन्ना परिवार के सदस्यों सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से स्व. श्री खन्ना की पुत्र-वधू श्रीमती सुषमा खन्ना, उनके पोते अक्षय खन्ना और अंश खन्ना सहित अन्य परिजनों ने स्व. खन्ना के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें सादर नमन किया। वहां मौजूद स्थानीय निवासियों ने भी स्वर्गीय खन्ना के साथ बिताए पलों को याद किया और समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की।
“दिल से की गई सेवा देती है सकारात्मक फल और मन की शांति”
कार्यक्रम के समापन पर राजेश खन्ना ने अपने पिता के उस मूलमंत्र को दोहराया जो वे अक्सर अपने परिवार और बच्चों को समझाया करते थे। स्व. राज कुमार खन्ना का मानना था कि:
“यदि समाज में सच्चे दिल से, बिना किसी दिखावे या स्वार्थ के सेवा और भलाई का काम किया जाए, तो उसका फल जीवन में हमेशा सकारात्मक और कल्याणकारी मिलता है। ऐसी निस्वार्थ सेवा से ही आत्मा को वास्तविक और परम शांति प्राप्त होती है।”
समारोह के अंत में खन्ना परिवार और उपस्थित सभी शुभचिंतकों ने स्वर्गीय राज कुमार खन्ना के इन महान मानवीय आदर्शों, सिद्धांतों और सामाजिक मूल्यों को समाज में आगे बढ़ाने तथा उनके सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का सामूहिक संकल्प दोहराया।












