- दिल्ली में 20-30 साल पुराना ड्रेनेज सिस्टम काम कर रहा है, जो वर्षों से नहीं बदले जाने की वजह से खराब हो चुका है- डॉ. शैली ओबेरॉय
- अफसरों को खराब ड्रेनेज की सूची तैयार करने और उसे बदलने में आने वाले खर्च का अनुमान लगाने के निर्देश जारी- डॉ. शैली ओबेरॉय
- मेयर की विवेकाधीन निधि ने खराब ड्रेनेज सिस्टम को तत्काल ठीक किया जाएगा, ताकि जल भराव की समस्या का समाधान हो सके- डॉ. शैली ओबेरॉय
- मानसून तक एमसीडी के अधिकारी व स्टाफ 24 घंटे काम करेंगे और जलभराव वाले स्थानों का सर्वे कर उसका समाधान करेंगे- डॉ. शैली ओबेरॉय
- पूरी दिल्ली में फुटपाथ और बंद पड़े नालों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा, ताकि जल निकासी हो सके- डॉ. शैली ओबेरॉय
- दिल्ली भर में खुले तार व केबल का सर्वे कर एनडीपीएस और बीएसईएस के साथ मिलकर उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी- डॉ. शैली ओबेरॉय
- राजेंद्र नगर, मुखर्जी नगर समेत पूरी दिल्ली में बेसमेंट में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी- मुकेश गोयल
दिल्ली नगर निगम की ‘‘आप’’ सरकार ने दिल्लीवालों को जल भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। एमसीडी की मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने बताया कि खराब हो चुके दिल्ली के दशकों पुराने ड्रेनेज सिस्टम को बदला जाएगा। दिल्ली में 20-30 साल पुराना ड्रेनेज सिस्टम काम कर रहा है। इसे वर्षों से नहीं बदला गया है और यह पूरी तरह से खराब हो चुका है। एमसीडी के अफसरों को खराब ड्रेनेज सिस्टम की सूची तैयार करने और उसको बदलने में आने वाले खर्च का अनुमान लगाने के निर्देश दिया गया है। मेयर की विवेकाधीन निधि ने इन ड्रेनेज को तत्काल ठीक किया जाएगा, ताकि जल भराव की समस्या का समाधान हो सके। साथ ही, मानसून तक एमसीडी के अधिकारी व स्टाफ 24 घंटे काम करेंगे और पूरी दिल्ली में फुटपाथ और बंद पड़े नालों से अतिक्रमण हटाया जाएगा, ताकि राजेंद्र नगर जैसी घटना दोबारा न हो।
दिल्ली नगर निगम की मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने गुरुवार को सिविक सेंटर में प्रेस वार्ता कर कहा कि हाल ही में राजेंद्र नगर में एक कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में पानी भरने से तीन बच्चों की जान चली गई थी। दिल्ली में अभी भी मानसून जारी है और जगह-जगह जलभराव की समस्या हो रही है। इसे देखते हुए अधिकारियों को कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सबसे पहले दिल्ली में जहां-जहां बेसमेंट में अवैध तरीके से कोचिंग सेंटर या लाइब्रेरी चल रही है, उन्हें लगातार सील किया जा रहा और आगे भी यह काम जारी रहेगा। दूसरा, राजेंद्र नगर के केस में अतिक्रमण का मामला भी सामने आया है। पूरी दिल्ली में फुटपाथ और नालों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, अतिक्रमण के कारण बंद पड़े सभी नालों को खोला जाएगा, ताकि पानी की निकासी हो सके। तीसरा, भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो रहा है। ऐसे सभी प्वॉइंट्स जहां जल भराव की अधिक समस्या हैं, वहां पोर्टेबल पंप लगाए जाएंगे। अब तक जहां भी जलजमाव की समस्या आई है वहां पहले से ही पोर्टेबल पंप लगा दिए गए हैं।
मेयर ने बताया कि मैंने एमसीडी कमिश्नर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून तक एमसीडी के सभी अधिकारी और स्टाफ 24 घंटे काम करेंगे। अलग-अलग शिफ्ट में उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि दिल्ली में राजेंद्र नगर जैसी घटना दोबारा न हो। इसके अलावा, पूरी दिल्ली में जहां भी खुले तार और केबल हैं, उनका सर्वे किया जाएंगे और एनडीपीएस और बीएसईएस के साथ मिलकर उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में एक यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र की करंट लगने से मौत हो गई थी। साथ ही, दिल्ली के कई इलाकों में पुराने बैरल हैं, जहां सीवर और नाले का पानी एक साथ बहता है। इन इलाकों में जलजमाव की समस्या सबसे ज्यादा होती है। इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन इलाकों का सर्वे कर तुरंत कार्रवाई करें ताकि जलभराव की समस्या को कम किया जा सके।
डॉ. शैली ओबेरॉय ने बताया कि राजेंद्र नगर की घटना को देखते हुए एमसीडी सदन के नेता मुकेश गोयल और डिप्टी मेयर आले इकबाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में सभी अधिकारियों को दिल्ली में वार्ड स्तर पर उन नालों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं जिन्हें सुधारने की आवश्यकता है। दिल्ली के कई इलाकों में पिछले 20-30 वर्षों से वही पुराना ड्रेनेज सिस्टम काम कर रहा है, जिसे वर्षों से नहीं बदला गया है और जो पूरी तरह से खराब हो चुका है। अधिकारियों को इस सूची के अनुसार हर नाले पर आने वाले खर्च का अनुमान भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मेयर की विवेकाधीन निधि से इन कार्यों पर शीघ्रता से काम शुरू किया जाएगा ताकि दिल्ली में जलजमाव की समस्या का समाधान किया जा सके और राजेंद्र नगर जैसी घटनाएं दोबारा न हों।
वहीं, एमसीडी के नेता सदन मुकेश गोयल ने कहा कि ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना को देखते हुए दिल्ली नगर निगम की ओर से कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत, दिल्ली में नियमों का उल्लंघन करते हुए बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर्स को सील किया जा रहा है। साथ ही, नालों पर से अतिक्रमण हटाकर पानी निकलने का रास्ता साफ किया जाएगा। राजेंद्र नगर के अलावा, मुखर्जी नगर और लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में जहां बच्चे कोचिंग लेते हैं, वहां भी ऐसी समस्या हैं। इन इलाकों में जो भी नियमों के विरुद्ध जाकर बेसमेंट में कमर्शियल गतिविधियां कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के साथ मीटिंग करके दिल्ली के सभी खराब और पुराने ड्रेनेज सिस्टम की सूची तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि वो हर नाले पर होने वाले खर्च का आंकड़ा प्रस्तुत करें। इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा ताकि जलभराव या अन्य समस्याएं न उत्पन्न हों। इसके लिए अगर महापौर के फंड से भी पैसे देने की जरूरत पड़ी तो दिया जाएगा।


